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भाजपा ने डॉ. निशांत खरे को बनाया मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यालय प्रभारी, जानें कौन हैं खरे और क्या होगा उनका काम

भाजपा का झंडा (सांकेतिक तस्वीर) सांकेतिक तस्वीर

भोपाल ब्यूरो

सार: भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। खरे पहले से प्रदेश उपाध्यक्ष और ग्वालियर संभाग के प्रभारी हैं — प्रदेश कार्यालय प्रभारी का दायित्व उन्हें अतिरिक्त रूप से दिया गया है। भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय पार्टी संगठन का केंद्र माना जाता है।

क्या है आदेश में

पार्टी के आदेश के अनुसार डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया गया है। आदेश 6 नवंबर 2026 का है और इस पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियाँ राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी. एल. संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री नितिन नवीन, मुख्यमंत्री मोहन यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई हैं।

आदेश जारी होते ही खरे की नियुक्ति प्रभावी हो गई। पार्टी के भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में अब कार्यालय से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। इस नियुक्ति की जानकारी पार्टी के आधिकारिक माध्यमों से सार्वजनिक की गई और इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने खरे को बधाई दी।

कौन हैं डॉ. निशांत खरे

डॉ. निशांत खरे इंदौर से आते हैं और पेशे से प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्होंने एमबीबीएस, एमएस (जनरल सर्जरी) और एमसीएच (प्लास्टिक सर्जरी) की पढ़ाई की है, जिसमें उनकी चिकित्सा शिक्षा मुंबई से जुड़ी रही है। चिकित्सा के क्षेत्र से राजनीति में आए खरे की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी है।

खरे मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। युवा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए 2023 में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह दर्जा था, किसी विभाग का मंत्री पद नहीं। बाद में मोहन सरकार ने फरवरी 2024 में दर्जा प्राप्त मंत्रियों का दर्जा वापस ले लिया था, जिसमें युवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में खरे का नाम भी शामिल था।

संगठन में खरे इससे पहले भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी भी रह चुके हैं। अक्टूबर 2025 में जब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई कार्यकारिणी घोषित की थी, तब खरे को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में उन्हें ग्वालियर संभाग का प्रभारी नियुक्त किया गया। हाल के दिनों में वे भोपाल में 4 नवंबर 2026 को हुए मार्च के कार्यक्रम प्रभारी भी रहे और इंदौर में लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा के प्रचार प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

प्रदेश कार्यालय प्रभारी का काम क्या होता है

प्रदेश कार्यालय प्रभारी का पद पार्टी संगठन में अहम माना जाता है। भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय पार्टी का केंद्र है, जहाँ से प्रदेश भर के संगठनात्मक कामों का समन्वय होता है। कार्यालय प्रभारी के पास कार्यालय की व्यवस्थाएँ, बैठकें, कार्यक्रम और पदाधिकारियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी रहती है।

इस पद को कार्यालय मंत्री से अलग समझना जरूरी है। कार्यालय मंत्री (शाम महाजन) का पद अलग है, जो अक्टूबर 2025 की कार्यकारिणी से उनके पास है। प्रदेश कार्यालय प्रभारी का दायित्व इससे अलग और व्यापक माना जाता है, क्योंकि इसमें पूरे प्रदेश कार्यालय के कामकाज की देखरेख शामिल होती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इससे पहले यह जिम्मेदारी कार्यवाहक रूप से शैलेंद्र बरुआ संभाल रहे थे। उनसे पहले वी. डी. शर्मा के अध्यक्ष रहते हुए यह दायित्व लंबे समय तक भगवानदास सबनानी के पास रहा था।

संगठन में क्यों अहम है यह नियुक्ति

हेमंत खंडेलवाल 2 जुलाई 2025 को प्रदेश अध्यक्ष बने थे और अक्टूबर 2025 में उन्होंने अपनी कार्यकारिणी घोषित की थी। इसके बाद से संगठन में धीरे-धीरे जिम्मेदारियाँ तय की जा रही हैं। प्रदेश कार्यालय प्रभारी की नियुक्ति उसी कड़ी में देखी जा रही है।

खरे को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब वे पहले से दो अहम पद संभाल रहे हैं — प्रदेश उपाध्यक्ष और ग्वालियर संभाग प्रभारी। अब प्रदेश कार्यालय का काम भी उनके पास आने से भोपाल कार्यालय और संभागीय संगठन के बीच समन्वय एक ही नेता के पास केंद्रित हो गया है। पार्टी के भीतर इसे संगठन को और चुस्त करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

खरे की पहचान एक संगठक के रूप में भी रही है। युवा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम किया था, और मोर्चा प्रभारी के रूप में भी वे संगठन के कामों से जुड़े रहे हैं। यही अनुभव प्रदेश कार्यालय की जिम्मेदारी के लिए उनके पक्ष में माना जा रहा है।

आगे क्या

आदेश प्रभावी हो चुका है, इसलिए अब भोपाल प्रदेश कार्यालय का कामकाज डॉ. खरे के प्रभार में चलेगा। आने वाले दिनों में कार्यालय में बैठकों और कार्यक्रमों का समन्वय उनकी देखरेख में होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर इस पर रहेगी कि खरे कार्यालय की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव लाते हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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