भोपाल ब्यूरो
सार: शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पत्रकार दीपावली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में अगले दो साल में देश में नंबर वन बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल गई है, जबकि ओंकारेश्वर कॉरिडोर, चित्रकूट और ओरछा के विकास पर भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार दीपावली मिलन समारोह
शनिवार को छोटी दीपावली के दिन भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार दीपावली मिलन समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों से भेंट कर उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। समारोह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के साथ प्रदेश के विकास, किसानों की आय और धार्मिक पर्यटन पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली केवल घरों में दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकाश, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि त्योहारों की खुशहाली के साथ-साथ विकास की रोशनी प्रदेश के हर गांव और हर परिवार तक पहुंचे। पत्रकारों के साथ इस अनौपचारिक संवाद में मुख्यमंत्री ने कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई बड़े विषयों पर अपनी बात रखी।
दीपावली का पांच दिवसीय पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। छोटी दीपावली के बाद मुख्य दीपावली पर लक्ष्मी पूजा होती है, फिर गोवर्धन पूजा और भाई दूज के साथ पर्व का समापन होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित यह मिलन समारोह त्योहारों के मौसम में सरकार और मीडिया के बीच संवाद की एक पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाता है।
दो साल में मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में नंबर वन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने समारोह में सबसे बड़ा ऐलान दूध उत्पादन को लेकर किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में अभी देश में तीसरे स्थान पर है, लेकिन अगले दो साल में इसे नंबर वन बनाया जाएगा। सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन और दूध उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए प्रदेश की ग्राम पंचायतों में दूध संकलन के लिए दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि आधारित राज्य है, लेकिन किसानों की समृद्धि केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को भी खेती का हिस्सा बनाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की शुरुआत कर चुकी है। नदी जोड़ो अभियान से भी खेती-किसानी को लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से पहले से कई कदम उठाए जा रहे हैं। धनतेरस पर मुरैना में मुख्यमंत्री ने बताया था कि अगर कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है और इस पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होते हैं, तो सरकार इस पर 10 लाख रुपये का अनुदान दे रही है। किसान दूध का उत्पादन करें और सहकारी समिति या अन्य माध्यमों से बेचें। सरकार का प्रयास है कि खेती के साथ पशुपालन और दूध उत्पादन से भी किसानों की आमदनी बढ़े और वे आर्थिक रूप से समृद्ध बनें। सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और पूरे वर्ष किसानों की बेहतरी और आमदनी बढ़ाने के लिए काम करना ही इसका उद्देश्य है।
महाकाल लोक से बदली उज्जैन की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की आर्थिक स्थिति में महाकाल लोक बनने के बाद बड़ा बदलाव आया है। महाकाल लोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और छोटे कारोबारों को सीधा लाभ मिला है। इसी तरह से ओंकारेश्वर कॉरिडोर, चित्रकूट और ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर का भी कायाकल्प किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को ही ओरछा के दौरे में रामराजा सरकार के दर्शन-पूजन किए और रामराजा लोक का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर जगमगा रहा है और उज्जैन में महाकाल लोक के बाद मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को लेकर नया वातावरण बना है। इसी दिशा में ओरछा को भी विकसित करने के लिए सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भगवान राम के रामराज्य, भगवान कृष्ण के काल और विक्रमादित्य के स्वर्णिम युग को केवल सुना है। स्वर्णिम काल का वास्तविक अर्थ है कि हमारी उपलब्धियां केवल बधाइयों और उत्सवों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सकारात्मक प्रतिबिंब समाज के हर क्षेत्र में दिखाई दे। देश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है और मध्य प्रदेश भी इस बदलाव में अपनी भूमिका निभा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालयों के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है। मंडला और बालाघाट में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया गया है, जहां इसी सत्र से प्रवेश दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। धार और झाबुआ तक रेल लाइन पहुंची है। शिक्षा और स्वास्थ्य के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को अपने ही जिलों में बेहतर अवसर मिल रहे हैं और उन्हें पढ़ाई या इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना से ग्रामीणों को संपत्ति का पक्का अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति का कानूनी और पक्का अधिकार दिया जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का रजिस्टर्ड दस्तावेज मिल रहा है। धनतेरस पर मुरैना के करुआ गांव में हितग्राहियों से मुलाकात के दौरान ग्रामीणों की खुशी देखकर उन्हें भी प्रसन्नता हुई।
इस योजना के तहत गांवों में रहने वाले परिवारों को उनकी आबादी भूमि और मकान का स्वामित्व दस्तावेज मिल रहा है, जिससे वे बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति का पक्का अधिकार मिलने से ग्रामीण परिवारों में आर्थिक सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और विवादों में भी कमी आएगी।
उज्जैन की गिर गाय राधा प्रदेश में नंबर वन
मध्य प्रदेश दूध उत्पादन के लक्ष्य को रेखांकित करने वाला एक ताजा उदाहरण उज्जैन से सामने आया है। उज्जैन की गिर गाय राधा ने दुग्ध उत्पादन में पूरे मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वृंदावन ग्राम तालोद निवासी पशुपालक गौरव रघुवंशी की गिर नस्ल की गाय राधा ने प्रतिदिन औसतन 19.760 लीटर दूध देकर प्रदेश की सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने प्रदेश के चयनित 208 वृंदावन ग्रामों में गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत यह प्रतियोगिता आयोजित कराई थी। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चली। गोवर्धन पर्व पर 9 नवंबर को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे। इस तरह की प्रतियोगिताएं देसी नस्लों के संरक्षण और पशुपालकों को प्रोत्साहन देने का काम कर रही हैं।
राज्यपाल ने वंचितों के साथ दीपावली मनाने की अपील की
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए जरूरतमंद और वंचित परिवारों के साथ खुशियां बांटने की अपील की है। राज्यपाल ने कहा कि दीपावली पर किसी जरूरतमंद के जीवन में भी खुशियों का उजाला लाने का प्रयास करना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को कपड़े, मिठाई, शिक्षा सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रकाश, खुशियों और सद्भावना के पर्व दीपावली का उत्सव वंचितों को अपनेपन का अनुभव और संबल प्रदान कर मनाना चाहिए। सहायता करते समय व्यक्ति की गरिमा, सम्मान, गोपनीयता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रेम और संवेदनशीलता के साथ मदद की जाए। इस पुनीत कार्य में अपने परिजन, बच्चों और युवाओं को भी अवश्य शामिल करें, ताकि उनमें सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार विकसित हों।
राज्यपाल ने पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने, पटाखों से बचने और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया है। दीपावली की खरीदारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के संदेश को जीवन में उतारने की अपील भी की गई है।
आगे क्या: गोवर्धन पूजा और कैबिनेट की तैयारी
दीपावली के बाद 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 9 नवंबर को सभी जिलों में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। गौशालाओं में पूजन के साथ पशुपालन के महत्व और दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा। भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गौशालाओं में दिखाने की व्यवस्था भी की जा रही है और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज के साथ पांच दिवसीय दीपावली पर्व का समापन होगा। सरकार की ओर से आगामी कैबिनेट की तैयारी भी चल रही है। आगामी डेस्टिनेशन कैबिनेट 18 नवंबर को मंदसौर जिले के गांधीसागर में प्रस्तावित है, जिसमें उद्योग और ऊर्जा पर विशेष ध्यान रहेगा। त्योहारों के अवसर पर अधिकारी-कर्मचारियों को दीपावली का उपहार देते हुए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि भी की गई है।
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