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जबलपुर में धनतेरस की रात भीषण आग: गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में 50 से ज्यादा परिवारों के आशियाने खाक

सांकेतिक चित्र: रात में झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग की लपटें सांकेतिक चित्र

जबलपुर ब्यूरो

सार: जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में लेमा गार्डन के पास गाजी नगर मैदान की झुग्गी बस्ती में धनतेरस की रात भीषण आग लग गई। आधी रात करीब दो बजे भड़की आग ने देखते ही देखते 50 से ज्यादा परिवारों के आशियानों को अपनी चपेट में ले लिया। अनाज, नकदी, बिस्तर और दीवाली के लिए खरीदे गए नए कपड़े सब कुछ राख हो गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, हालांकि एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। 10 से 12 दमकल गाड़ियों की घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रशासन ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने की तैयारी चल रही है।

आधी रात लगी आग, देखते ही देखते फैली लपटें

जबलपुर में लगी आग की यह घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात की है। गाजी नगर मैदान की झुग्गी बस्ती में करीब 350 झुग्गियां हैं, जिनमें सैकड़ों परिवार रहते हैं। धनतेरस की रात जब पूरा शहर दीवाली की तैयारियों और दीपों की रोशनी में डूबा हुआ था, उसी दौरान बस्ती के एक हिस्से में अचानक आग भड़क उठी। रात करीब दो बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली।

आग लगने के समय बस्ती के ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। लपटें उठते ही बस्ती में चीख-पुकार मच गई। लोग बच्चों को गोद में उठाकर नंगे पांव घरों से बाहर भागे। टिन और तिरपाल से बनी झुग्गियों में आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में कई आशियाने लपटों की चपेट में आ गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार एक झोपड़ी में सो रहे मासूम बच्चे को बचाने के लिए लोगों को दूसरे घर का दरवाजा तोड़ना पड़ा।

बस्ती में रहने वाली अख्तरी बी ने बताया कि वह पिछले 50-60 सालों से यहां रह रही हैं। रात में शोर सुनकर जब वह घर से बाहर भागीं तो चारों तरफ सिर्फ आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। घर में रखा अनाज, पैसे, मोबाइल और रोजमर्रा का सारा सामान जल गया। अब सिर छिपाने की भी जगह नहीं बची है। मोहम्मद हसन का परिवार भी उस समय सो रहा था, तभी अचानक आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। हादसे में परिवार के एक सदस्य का हाथ टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

50 से ज्यादा परिवारों की गृहस्थी राख — दीवाली के नए कपड़े और जमा पूंजी भी स्वाहा

जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक जिंदगी भर की जमा पूंजी, अनाज, नकदी, बिस्तर और दीवाली के लिए खरीदे गए नए कपड़े सब कुछ स्वाहा हो चुका था। शुरुआती सर्वे में 30 से 35 झोपड़ियों के पूरी तरह जलने की बात सामने आई है, लेकिन नुकसान का दायरा 50 से अधिक परिवारों तक फैला हुआ है। आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही कुल आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन किया जा सकेगा।

सांकेतिक चित्र: आग के बाद राख में तब्दील झुग्गियां और जला हुआ सामान
सांकेतिक चित्र

जबलपुर झुग्गी बस्ती आग से प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने दीवाली के लिए जो कुछ खरीदा था, वह सब आग में जल गया। किसी के घर में रखा अनाज राख हो गया तो किसी की नकदी और जरूरी कागजात जल गए। बस्ती में रहने वाले ज्यादातर परिवार दिहाड़ी मजदूरी और छोटे-मोटे कामों से गुजर-बसर करते हैं। ऐसे में एक ही रात में पूरी गृहस्थी का राख हो जाना उनके लिए बड़ा झटका है। दीवाली से ठीक पहले बेघर हो जाना इन परिवारों के लिए दोहरी मार है, क्योंकि त्योहार के दिन ही उनके पास रहने की छत नहीं बची।

स्थानीय निवासी आमना बी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि किसी ने जानबूझकर साजिश के तहत आग लगाई हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

जबलपुर झुग्गी बस्ती आग: 10-12 दमकल गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद पाया काबू

जबलपुर झुग्गी बस्ती आग की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम के निर्देश पर नगर निगम और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 10 से 12 दमकल वाहनों और पानी के टैंकरों ने लगातार चक्कर लगाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। दमकल विभाग के कर्मियों के अनुसार टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया।

बिजली कंपनी ने एहतियात के तौर पर पूरी बस्ती की बिजली सप्लाई तुरंत बंद करा दी, ताकि कोई बड़ा बिजली हादसा न हो। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जिम्मा संभाला और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अखिलेश गौर ने बताया कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रभावित बस्ती में शुरुआती अनुमान के मुताबिक 40 से 50 परिवार रह रहे थे और आग बुझाने का काम पूरा होने के बाद ही क्षतिग्रस्त घरों की सटीक संख्या का पता चल पाएगा।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, पुलिस बोली — कारण की पुष्टि अभी नहीं

आग लगने के कारण को लेकर अभी अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें रात करीब ढाई बजे घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने अंदेशा जताया कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी प्रारंभिक जानकारी के आधार पर शॉर्ट सर्किट से पहली झुग्गी में आग लगने की आशंका जताई है, जिसके बाद आग ने आसपास की झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया।

वहीं पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने और मौके की जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की बात अभी आशंका के स्तर पर है, आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक निवासी की ओर से साजिश की आशंका भी जताई गई है, लेकिन इस बारे में भी पुलिस की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने तक किसी भी एक कारण को अंतिम नहीं माना जा सकता।

प्रशासन का सर्वे शुरू, नियमानुसार मुआवजे की तैयारी

जबलपुर झुग्गी बस्ती आग के बाद शनिवार सुबह राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों का सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही कुल आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन किया जा सकेगा।

प्रशासन ने राहत की तैयारी भी शुरू कर दी है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी तौर पर रहने की व्यवस्था और जरूरी सामान मुहैया कराने पर विचार किया जा रहा है। राजस्व विभाग के सर्वे में यह भी दर्ज किया जा रहा है कि किन परिवारों का कितना नुकसान हुआ है, ताकि मुआवजे की राशि तय की जा सके। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सर्वे पूरा होते ही राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

बस्ती में पहले भी लग चुकी है आग — सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

पूर्व पार्षद के अनुसार गाजी नगर की इस बस्ती में पहले भी कई बार आग लग चुकी है। घनी बस्ती, टिन और तिरपाल से बने मकान, संकरी गलियां और बिजली के तारों का जाल — ये सभी स्थितियां आग के तेजी से फैलने का कारण बनती हैं। दीवाली के मौसम में जब घरों में दीये जलते हैं और आतिशबाजी होती है, तब ऐसे इलाकों में आग का खतरा और बढ़ जाता है।

इस घटना ने एक बार फिर झुग्गी बस्तियों में आग से सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस्ती में दमकल गाड़ियों के पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ते न होना भी एक चुनौती रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्ती में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। प्रशासन के सामने अब यह भी सवाल है कि घनी बस्तियों में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जाएं।

दीवाली से पहले बेघर परिवारों के सामने अब क्या

दीवाली का मुख्य पर्व रविवार को मनाया जाएगा, जिसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज का त्योहार है। ऐसे में 50 से ज्यादा परिवारों का दीवाली से ठीक पहले बेघर हो जाना बेहद दर्दनाक है। जबलपुर झुग्गी बस्ती आग में बेघर हुए इन परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सिर छिपाने की जगह और रोजमर्रा की जरूरतों का इंतजाम है। खुले आसमान के नीचे रात गुजारना बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास तौर पर मुश्किल है।

प्रशासन की ओर से सर्वे और राहत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन प्रभावित परिवारों को मदद मिलने में कितना समय लगेगा, यह देखने वाली बात होगी। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से भी इन परिवारों की मदद की अपील की जा रही है। दीवाली के मौके पर जब पूरा शहर रोशनी से जगमगा रहा है, तब गाजी नगर के ये परिवार अपने जले हुए आशियानों के बीच खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सर्वे पूरा होते ही नियमानुसार मुआवजा और राहत दी जाएगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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