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मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: 8वीं पास युवा भी पा सकते हैं 50 लाख तक का लोन, 3% ब्याज सब्सिडी के साथ शुरू करें अपना बिजनेस

सांकेतिक चित्र: अपनी छोटी वर्कशॉप में काम करता युवा उद्यमी सांकेतिक चित्र

भोपाल ब्यूरो

मध्य प्रदेश में खुद का काम शुरू करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए राज्य सरकार की एक योजना बड़ा सहारा बन रही है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत युवा बैंक से रियायती शर्तों पर लोन लेकर अपनी विनिर्माण इकाई, सेवा केंद्र या दुकान शुरू कर सकते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए ज्यादा पढ़ाई की शर्त नहीं है — आठवीं पास युवा भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार का मकसद है कि प्रदेश के युवा नौकरी माँगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

योजना को लेकर सरकार गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अगले पाँच वर्षों तक जारी रखने का फैसला हो चुका है। मंत्रिपरिषद ने योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रखने की मंजूरी दी है और इस अवधि के लिए 905.25 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है। हाल ही में प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से सैकड़ों एमएसएमई इकाइयों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि भी अंतरित की।

कितना लोन मिलेगा — कितनी सब्सिडी

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में लोन की राशि काम के प्रकार पर निर्भर करती है। विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 50 हजार रुपये से 50 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। सेवा क्षेत्र या खुदरा व्यापार के लिए लोन की सीमा 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक है। लोन की अवधि सात वर्ष तक की होती है, जिसमें मोरेटोरियम की अवधि भी शामिल रहती है।

लोन पर मिलने वाली राहत ही इस योजना को युवाओं के लिए खास बनाती है। सरकार लोन पर प्रति वर्ष 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान देती है, जो अधिकतम सात वर्षों तक मिलता है। मान लीजिए किसी युवा को 8 प्रतिशत की दर से लोन मिला है, तो 3 प्रतिशत ब्याज सरकार लौटाएगी और उसे प्रभावी रूप से सिर्फ 5 प्रतिशत ब्याज ही वहन करना पड़ेगा। ब्याज अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाती है।

इसके साथ ही सात वर्षों तक लोन गारंटी शुल्क का भी अनुदान मिलता है। इसका मतलब है कि युवा बिना किसी जमानत या कोलैटरल के लोन ले सकते हैं — बैंक गारंटी की जिम्मेदारी सरकार उठाती है। यही वजह है कि जिन युवाओं के पास गिरवी रखने के लिए संपत्ति नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

कौन ले सकता है लोन — पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ तय शर्तें पूरी करनी होती हैं। आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शिक्षा के मामले में कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

एक अहम शर्त यह भी है कि लोन केवल नया उद्यम स्थापित करने के लिए दिया जाता है। आवेदक किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की स्वरोजगार योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। यानी जो युवा पहले से किसी दूसरी स्वरोजगार योजना से लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आते। आवेदन के समय आवेदक का बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज तैयार होने चाहिए।

सिंगल क्लिक से 450 करोड़ का अंतरण

प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से सिंगल क्लिक द्वारा प्रदेश की 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 450 करोड़ रुपये से अधिक और 120 से अधिक स्टार्टअप्स को 47.80 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे।

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक नई एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी के गठन की घोषणा भी की। उन्होंने 75 औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय-पत्र प्रदान किए, जिनसे लगभग 83 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है और 640 रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत भोपाल की समीक्षा गगरानी, हिना चवन, विदिशा के आकाश दांगी और सीहोर के संयम जैन को प्रतीक स्वरूप ऋण राशि के चेक भी प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि वर्ष 2025-26 में 220 हेक्टेयर भूमि पर 13 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कर लिया जाए और पाँच हजार उद्योगों को भूखंड उपलब्ध कराए जाएँ।

आवेदन कैसे करें — SAMAST पोर्टल

योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। युवा एमपी ऑनलाइन के SAMAST पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का चयन करना होता है। इसके बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्म तिथि के साथ लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है।

सांकेतिक चित्र: लघु उद्योग इकाई में काम करती मशीनें
सांकेतिक चित्र

जो युवा ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, वे सीधे बैंक शाखा जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन मिलने के बाद बैंक शाखा अधिकतम छह हफ्ते के भीतर उस पर फैसला लेती है। आवेदन करते समय परियोजना का पूरा ब्योरा देना होता है — किस तरह का काम शुरू करना है, कितनी पूँजी चाहिए और उससे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा।

योजना 2030-31 तक जारी — 905 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को लेकर सरकार की दीर्घकालिक सोच 16 दिसंबर 2025 की मंत्रिपरिषद बैठक में साफ हुई थी। बैठक में योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रखने का निर्णय लिया गया और इस अवधि के लिए 905.25 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी थी।

इस फैसले का सीधा मतलब है कि आने वाले पाँच वर्षों में हजारों युवा इस योजना से जुड़कर अपना काम शुरू कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और प्रदेश में उद्यमशीलता की संस्कृति को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर कहा है कि प्रदेश के युवाओं को नौकरी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए स्वरोजगार के रास्ते खोले जा रहे हैं।

युवाओं के लिए क्यों खास है यह योजना

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह कागजी शर्तों से ज्यादा जमीनी जरूरतों पर ध्यान देती है। आठवीं पास की न्यूनतम शिक्षा और 45 वर्ष तक की आयु सीमा के कारण गाँव-कस्बों के युवा भी इसके दायरे में आते हैं। बिना गारंटी का लोन और ब्याज सब्सिडी मिलकर शुरुआती पूँजी की सबसे बड़ी बाधा को दूर करते हैं।

स्वरोजगार से जुड़ने का एक और फायदा यह है कि युवा अपने साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। एक छोटी विनिर्माण इकाई या सेवा केंद्र शुरू होने पर दो-चार लोगों को काम मिलता है और धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती है। प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के साथ नए उद्यमियों के लिए जमीन और बाजार दोनों की उपलब्धता बढ़ रही है, जिसका लाभ योजना के लाभार्थियों को भी मिलेगा।

आवेदन से पहले ये बातें ध्यान रखें

आवेदन करने से पहले युवा अपने दस्तावेज तैयार रखें — आधार कार्ड, निवास प्रमाण, शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण, बैंक खाता विवरण और प्रस्तावित उद्यम की परियोजना रिपोर्ट। परियोजना रिपोर्ट में काम का प्रकार, अनुमानित लागत और अपेक्षित आय का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, क्योंकि बैंक इसी के आधार पर लोन पर फैसला लेता है।

यह भी ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक SAMAST पोर्टल या बैंक शाखा के माध्यम से ही करें। योजना के नाम पर कोई व्यक्ति पैसे माँगे या जल्दी लोन दिलाने का दावा करे, तो उससे सावधान रहें — सरकार इस तरह की किसी सुविधा के लिए शुल्क नहीं लेती। सही जानकारी के लिए एमपी ऑनलाइन के पोर्टल या नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करें।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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