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दीपावली पर इंदौर के राजवाड़ा में उमड़ा जनसैलाब: हर घंटे डेढ़ लाख लोग, जाम और पार्किंग संकट; दो घंटे तक बाइक पर भी रोक

सांकेतिक चित्र: राजवाड़ा दीपावली भीड़ — दीयों और रोशनी से सजा बाजार सांकेतिक चित्र

इंदौर ब्यूरो

सार: दीपावली के दिन इंदौर के राजवाड़ा में उमड़ी भारी भीड़ ने बाजार क्षेत्र को जाम कर दिया। राजवाड़ा दीपावली भीड़ के चलते सातों पार्किंग भर गईं और दोपहर में दो घंटे तक बाइकों पर भी रोक लगानी पड़ी। यातायात पुलिस के अनुसार हर घंटे करीब डेढ़ लाख वाहन और लोग इस इलाके से गुजरे।

राजवाड़ा दीपावली भीड़: पैदल चलना भी मुश्किल हुआ

दीपावली के दिन राजवाड़ा की ओर जाने वाली सड़कों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। नरसिंह बाजार से आगे बढ़ते ही दोपहिया वाहनों की रफ्तार तीन से पांच किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। हर दिशा से हॉर्न बज रहे थे और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि हॉर्न किसके लिए बज रहा है। क्लॉथ मार्केट की एक गली को पार करने में ही करीब आधा घंटा लग गया। एक व्यक्ति ने हारकर अपनी बाइक का इंजन ही बंद कर दिया और आसमान की ओर देखने लगा। दूसरा लगातार एक्सीलरेटर दबाए हुए था, जैसे मशीन की आवाज से जाम खुल जाएगा।

खजूरी बाजार के रास्ते किसी तरह राजवाड़ा पहुंचने पर हाल और साफ दिखा। दुकानदारों ने फुटपाथ पर सामान फैला रखा था और उसके आगे पांच से सात फीट तक छोटी-छोटी दुकानें लग गई थीं। बाइक और पैदल चलने वालों के लिए जो थोड़ी सी जगह बची थी, उसी में से होकर गुजरना पड़ रहा था। महिलाएं अपने बैग सीने से लगाए चल रही थीं, माता-पिता बच्चों की कलाई पकड़े हुए थे और बुजुर्ग लोग न आगे बढ़ पा रहे थे, न पीछे लौट पा रहे थे। राजवाड़ा चौराहे के आसपास दुकानें बिना किसी क्रम के लगी हुई थीं और उनके बीच से निकलना बेहद मुश्किल हो रहा था।

दोपहर में दो घंटे तक बाइक पर रोक

राजवाड़ा के बाजारों में आमतौर पर केवल दोपहिया वाहनों को ही जाने की अनुमति रहती है। लेकिन दोपहर तक भीड़ इतनी बढ़ गई कि दो घंटे तक बाइकों पर भी रोक लगा दी गई। सराफा, कपड़ा और बर्तन बाजार की संकरी गलियों में लोग कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। हर चेहरे पर पसीना और थकान साफ दिख रही थी। बाइक सवार असहाय खड़े थे — न उनके पास पार्किंग की जगह थी, न आगे बढ़ने का रास्ता। दुकानें अगर सही तरीके से लगाई गई होतीं तो खरीदारी सुखद अनुभव होती, सजा नहीं।

सांकेतिक चित्र: दीपावली की शाम राजवाड़ा के पास जाम में फंसे वाहन
सांकेतिक चित्र

100 अतिरिक्त जवान तैनात, फिर भी जाम नहीं खुला

राजवाड़ा दीपावली भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त तैनाती की थी। पुलिस के अनुसार इन बाजारों में आमतौर पर 20 से 25 जवान तैनात रहते हैं, लेकिन त्योहार के लिए 100 अतिरिक्त जवान लगाए गए थे। इसके बावजूद जमीनी हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। जवान सीटी बजाकर बाइकों को आगे बढ़ने का इशारा कर रहे थे, बस इतना ही हो पा रहा था। चौराहों पर भी नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कई पार्किंग खाली पड़ी थीं, लेकिन वहां तक किसी को पहुंचाने के लिए न कोई पुलिसकर्मी तैनात था, न कोई सूचना बोर्ड लगा था। वाहन चालक जाम में घूमते रहे और उनका पेट्रोल व धैर्य दोनों खर्च होते रहे।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) संतोष कोल ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। उनके अनुसार जब हर घंटे डेढ़ लाख से अधिक वाहन और लोग इस इलाके से गुजरते हैं, तो यातायात का धीमा होना तय है। उन्होंने कहा कि जब तक पर्याप्त पार्किंग और वहां तक आसान पहुंच नहीं होगी, तब तक राहत मिलना मुश्किल है।

रानीपुरा और जवाहर मार्ग पर सबसे बुरा हाल

पलासिया की ओर से आने वालों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। इंद्रप्रस्थ चौराहा और उच्च न्यायालय तिराहे के सिग्नल दो-दो बार में पार हुए। रीगल तिराहे के बाद से वाहनों की रफ्तार और धीमी हो गई। सबसे बुरा हाल रानीपुरा में रहा, जहां रिवरसाइड से संजय सेतु तक का महज 500 मीटर का रास्ता तय करने में करीब आधा घंटा लग गया। आसपास के सवार बार-बार अपनी घड़ियां देख रहे थे और आगे की अंतहीन कतार को ताक रहे थे।

जवाहर मार्ग पर भी हालात ऐसे ही थे। संजय सेतु और नंदलालपुरा चौराहे पर दो-दो पुलिसकर्मी तैनात थे। यशवंत निवास रोड से मल्हारगंज चौराहे के बीच दस जवान लगे थे, फिर भी दोतरफा यातायात के कारण जाम बना रहा। पटेल प्रतिमा से राज मोहल्ला चौराहे तक वाहन रेंगते हुए चले, मानो सड़क ने ही हार मान ली हो।

सात पार्किंग, 2,925 वाहन — फिर भी जगह नहीं

राजवाड़ा के आसपास आठ किलोमीटर के दायरे में सात पार्किंग की जमीनी जांच में सामने आया कि उनकी कुल क्षमता करीब 2,925 वाहनों की है, लेकिन दीपावली की भीड़ के आगे यह भी कम पड़ गई। सुभाष चौक की पार्किंग सबसे नजदीक है, जहां 700 बाइक और 140 कारों की जगह है — वह पूरी तरह भर गई और बाहर वाहन चालक चक्कर लगाते रहे। खजूरी बाजार की स्मार्ट पार्किंग में 500 बाइकों की जगह है, लेकिन वह एक गली के अंदर छिपी हुई है, इसलिए कम ही लोग उसे जानते हैं।

बजाज खाना चौक पर 180 बाइक और 25 कारों की जगह है। फ्रूट मार्केट की नई पार्किंग में 500 बाइक और 300 कारें खड़ी हो सकती हैं। संजय सेतु के पास खुली पार्किंग में महज 50 बाइक और 30 कारें ही खड़ी दिखीं — यानी जगह होते हुए भी वहां लोग नहीं पहुंचे। प्रेम सुख टॉकीज के पास 300 वाहनों की जगह है, लेकिन वहां से राजवाड़ा तक पैदल आधा घंटा लगता है। मल्हारगंज स्मार्ट पार्किंग-2 में 200 बाइकों की जगह है और वह पूरी तरह भर गई थी; वहां से बाजार लौटना भी एक मशक्कत बन गया था।

पहले से तय थी नो-व्हीकल योजना, फिर भी अव्यवस्था

दीपावली से पहले यातायात पुलिस ने राजवाड़ा और आसपास के बाजारों के लिए विशेष योजना बनाई थी। इसके तहत राजवाड़ा के बाजारों को नो-व्हीकल जोन बनाया गया था, तीन लेयर में डायवर्शन लागू किया गया था और आठ जगह पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की भी तैयारी थी। यह योजना पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में तैयार की गई थी।

लेकिन राजवाड़ा दीपावली भीड़ के आगे यह योजना जमीन पर कमजोर साबित हुई। योजना के कागज पर आठ पार्किंग स्थल थे, जबकि जमीनी जांच में आसपास की सात पार्किंग की स्थिति सामने आई। खाली पड़ी पार्किंग तक लोगों को पहुंचाने के लिए न दिशा-निर्देश देने वाला कोई कर्मी था, न सूचना बोर्ड। ऐसे में सवाल उठता है कि केवल योजना बनाने से काम नहीं चलता — उसे जमीन पर लागू करने की व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए।

बाजारों में खरीदारी की रौनक, सोने-चांदी के भाव कम

जाम और भीड़ के बावजूद बाजारों की रौनक में कोई कमी नहीं दिखी। धनतेरस के बाद भी बाजारों में ग्राहकों की भीड़ नजर आई। दीपावली के लिए लोगों ने अपने घरों के लिए सामान खरीदे। राजवाड़ा, क्लॉथ मार्केट और खजूरी बाजार सहित अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों में दीपावली पूजन किया और परिवार सहित पूजा में शामिल हुए।

इस बार सोने और चांदी के भाव कम रहने के कारण भी खूब खरीदारी हुई। धनतेरस पर देशभर में रिकॉर्ड कारोबार हुआ था और इंदौर के सराफा बाजार में भी ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ देखी गई थी। महालक्ष्मी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की कतारें लगीं और अन्नपूर्णा मंदिर में एक हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

आगे क्या: गोवर्धन और भाई दूज पर भी भीड़ का अनुमान

राजवाड़ा दीपावली भीड़ का अनुभव बताता है कि अगले दो दिनों तक भी बाजारों में भीड़ कम नहीं होगी। गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को और भाई दूज 11 नवंबर को मनाई जाएगी, इसलिए अगले दो दिनों तक भी राजवाड़ा और आसपास के बाजारों में खरीदारी के लिए लोग आते रहेंगे। ऐसे में यातायात पुलिस के सामने फिर वही चुनौती होगी — भीड़ को संभालना और जाम से राहत देना।

विशेषज्ञों और पुलिस की अपील है कि लोग संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, वाहन निर्धारित पार्किंग में ही खड़े करें और पैदल खरीदारी को प्राथमिकता दें। प्रशासन के लिए इस दीपावली का सबसे बड़ा सबक यही है कि पार्किंग की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ वहां तक पहुंचने के रास्ते, सूचना बोर्ड और दिशा-निर्देश देने वाले कर्मियों की व्यवस्था भी जरूरी है। तभी अगले त्योहार पर राजवाड़ा की खरीदारी जाम और परेशानी की जगह खुशी का अनुभव बन सकेगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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