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भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म: मुख्यमंत्री मोहन यादव से वार्ता के बाद तीन दिन का गतिरोध टूटा, रात से ही सफाई शुरू

सांकेतिक चित्र: रात में सड़क की सफाई करते कर्मचारी और कचरा वाहन सांकेतिक चित्र

भोपाल ब्यूरो

सार: भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म हो गई है। तीन दिन से जारी नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार देर शाम समाप्त हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव से सकारात्मक वार्ता के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया और शहर में रात से ही सफाई अभियान शुरू कर दिया गया। कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगों पर उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो एक महीने के भीतर प्रक्रिया शुरू करेगी। दीपावली से ठीक पहले राजधानी को बड़ी राहत मिली है।

राजधानी भोपाल में भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म होने का ऐलान शुक्रवार देर शाम हुआ। तीन दिन से चली आ रही सफाई व्यवस्था की बड़ी समस्या समाप्त हो गई। नगर निगम के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली गई है और कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। हड़ताल खत्म होते ही नगर निगम ने शहर में रात्रिकालीन सफाई अभियान शुरू कर दिया, ताकि दीपावली से पहले सड़कों, बाजारों और मोहल्लों से कचरे के ढेर हटाए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि शनिवार से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।

मुख्यमंत्री निवास पर वार्ता के बाद भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म

शुक्रवार को दिन भर चले प्रयासों के बाद शाम को गतिरोध टूटा। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य मंत्री कृष्णा गौर के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास पर हुई वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, अनुकंपा नियुक्ति और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मुख्य समस्याएं रखी गई थीं। वार्ता सकारात्मक रही और मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है। समिति एक महीने के भीतर चार प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी। बैठक के बाद आई कुछ रिपोर्टों में दस प्रमुख मांगों में से आठ पर सहमति बनने की बात भी कही गई है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को दिन में पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि सबकी चिंता की जा रही है और समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा था कि सरकार सभी पक्षों के हित में मामले पर सक्रियता से विचार कर रही है। शाम को हुई मुलाकात के बाद वही भरोसा ठोस फैसले में बदल गया।

किन मांगों पर बनी सहमति

वार्ता के बाद जिन बिंदुओं पर सहमति बनी, उनमें कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगें शामिल हैं। पहला बिंदु नियमितीकरण का है। जो सफाई कर्मचारी पहले से विनियमित श्रेणी में काम कर रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। दूसरा बिंदु दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जुड़ा है। जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें विनियमित किया जाएगा।

सांकेतिक चित्र: सफाई के बाद शहर की सड़क
सांकेतिक चित्र

तीसरा बिंदु वेतन वृद्धि का है। जो कर्मचारी दस वर्ष की समय-सीमा के दायरे में नहीं आते, उनका मासिक वेतन बढ़ाकर 18 से 19 हजार रुपये किया जाएगा। चौथा बिंदु अनुकंपा नियुक्ति का है। दिवंगत कर्मचारियों के पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाएगी। पांचवां बिंदु ठेका प्रथा को लेकर है। ठेका प्रथा को समाप्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को विधिवत प्रस्ताव भेजा जाएगा।

कर्मचारी लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। यूनियन के अनुसार 25 दिन काम करने वाले कर्मचारियों को अभी 10,500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग की जा रही थी। इसके अलावा नियमितीकरण, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, अनुकंपा नियुक्ति और ठेका प्रथा समाप्त करना भी प्रमुख मांगों में शामिल था। वार्ता में इन सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई और चार प्रमुख मांगों पर समिति के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता तय हुआ।

भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म होते ही रात में सफाई अभियान

हड़ताल खत्म होने का ऐलान होते ही शहर में रात्रिकालीन सफाई अभियान शुरू कर दिया गया। सफाई मित्र सड़कों पर उतर आए और कचरे के ढेर हटाने का काम शुरू हो गया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि तीन दिन से रुका कचरा उठाने के लिए रात में ही अभियान चलाया गया, ताकि सुबह तक प्रमुख सड़कों और बाजारों की स्थिति सामान्य हो सके।

धनतेरस से शुरू हुए पांच दिवसीय दीपावली पर्व के बीच शहर की सफाई सबसे बड़ी चुनौती थी। घरों की सफाई के बाद निकलने वाला कचरा सड़कों पर जमा हो रहा था, लेकिन अब कर्मचारियों के काम पर लौटने से स्थिति बदल गई है। नगर निगम के वाहनों को फिर से रूट पर भेजा गया है और कचरा संग्रहण केंद्रों तक कचरा पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि शनिवार से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।

कलेक्टर खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे

हड़ताल खत्म होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था को तेजी से पटरी पर लाने के लिए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा खुद सड़कों पर उतर आए। उन्होंने महापौर मालती राय, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार और सफाई मित्रों के साथ मिलकर शहर के प्रसिद्ध 10 नंबर मार्केट सहित कई इलाकों में झाड़ू लगाई और स्वच्छता का संदेश दिया।

कलेक्टर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। कलेक्टर के साथ महापौर, नगर निगम आयुक्त और सफाई कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख इलाकों का मुआयना भी किया। प्रशासन की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दीपावली के दौरान शहर साफ-सुथरा रहेगा।

तीन दिन में 2,500 टन से अधिक कचरा जमा

तीन दिन की हड़ताल ने राजधानी की सफाई व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था। भोपाल में रोजाना करीब 800 से 850 टन कचरा निकलता है, लेकिन तीन दिन तक कचरा उठाने का काम बंद रहने से 2,500 टन से अधिक कचरा सड़कों पर जमा हो गया था। चार इमली, अटल पथ, कोलार रोड, बुधवारा बाजार और आवधपुरी जैसे इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए थे। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के निवास वाले इलाकों में भी गंदगी फैल गई थी।

हड़ताल के दौरान 400 से अधिक कचरा संग्रहण वाहन खड़े रहे, जो सामान्य दिनों में दिन में दो से तीन बार शहर के 17 कचरा स्थानांतरण केंद्रों तक कचरा पहुंचाते हैं। डस्टबिन भर गए थे और कई जगहों पर लोगों ने कचरा जलाना शुरू कर दिया था, जिससे धुआं भी बढ़ गया था। शुक्रवार को हड़ताल और तेज हो गई थी, जब कर्मचारियों ने पानी के टैंकरों की आपूर्ति भी रोक दी थी। हालांकि अधिकारियों का कहना था कि शहर के करीब 2.30 लाख नल कनेक्शनों पर कोई बड़ा संकट नहीं आया, क्योंकि कई इलाकों में वाल्व खोलकर आपूर्ति जारी रखी गई थी।

हड़ताल का असर केवल भोपाल तक सीमित नहीं था। प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। शिवपुरी में नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर थे, जिससे बाजारों में कचरा जमा हो गया था। विदिशा जिले के सिरोंज कस्बे में विधायक उमाकांत शर्मा ने बुधवार रात और गुरुवार को करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सफाई की थी। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर कस्बे में दर्जी दिनेश कुमार नामदेव ने अपनी दुकान बंद करके सुभाष चौक से सराफा बाजार तक करीब डेढ़ घंटे तक कचरा साफ किया था।

तीन नवंबर से कैसे बढ़ा गतिरोध

कर्मचारियों का आंदोलन तीन नवंबर को शाहजहां पार्क में धरने के साथ शुरू हुआ था। जब कोई वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, तो कर्मचारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर यातायात रोक दिया था। इसके बाद चार नवंबर से सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया और हड़ताल अनिश्चितकालीन हो गई। शुरुआत में हड़ताल केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें पानी, आग, बिजली, कंप्यूटर संचालन, भवन अनुमति, बगीचे और अतिक्रमण हटाने जैसे विभागों के कर्मचारी भी शामिल हो गए।

भोपाल नगर निगम के करीब 18,000 कर्मचारियों में से लगभग 15,000 कर्मचारी हड़ताल पर थे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने त्योहारी मौसम को देखते हुए कर्मचारियों से हड़ताल अस्थायी रूप से स्थगित करने की अपील की थी। नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा था कि नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा सार्थक रही थी, लेकिन यूनियन के नेता मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत और मांगों पर ठोस फैसला चाहते थे।

शुक्रवार को राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात की और गतिरोध तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। इसके बाद शाम सात बजे के आसपास कर्मचारी संगठन के नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकात तय हुई थी, जो देर शाम सकारात्मक वार्ता के साथ संपन्न हुई और हड़ताल खत्म हो गई।

दीपावली से पहले राजधानी को राहत

दीपावली से ठीक पहले भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म होना राजधानी के लोगों के लिए बड़ी राहत है। धनतेरस से दीपावली तक घरों की सफाई, खरीदारी और पूजा की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में शहर की सड़कों और बाजारों में कचरे के ढेर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अब सफाई व्यवस्था बहाल होने से त्योहार का माहौल साफ-सुथरा रहेगा।

नगर निगम के अधिकारियों ने कहा है कि रुका हुआ कचरा उठाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कचरा संग्रहण वाहनों को सभी वार्डों में भेजा जाएगा और स्थानांतरण केंद्रों तक कचरा पहुंचाया जाएगा। साथ ही दीपावली के दौरान निकलने वाले अतिरिक्त कचरे को भी समय पर उठाने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सफाई मित्रों के साथ मिलकर शहर को स्वच्छ रखने का काम लगातार जारी रहेगा।

अब आगे क्या होगा

भोपाल सफाई कर्मचारी हड़ताल खत्म होने के बाद अब सबकी नजर उच्चस्तरीय समिति पर है। समिति एक महीने के भीतर चार प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी। नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, अनुकंपा नियुक्ति और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे मुद्दों पर समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे के फैसले होंगे। यूनियन के नेताओं ने कहा है कि वे समिति की कार्यवाही पर नजर रखेंगे और मांगों के समाधान की उम्मीद करते हैं।

कर्मचारियों के काम पर लौटने से भोपाल सहित प्रदेश के अन्य शहरों में भी सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। दीपावली के बाद भी सफाई व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती होगी, लेकिन हड़ताल खत्म होने से इस दिशा में पहला कदम उठ गया है। शहर के लोगों को उम्मीद है कि त्योहार के दौरान और उसके बाद भी सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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