रीवा ब्यूरो
सार: रीवा जिले की मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी अब दोगुने से भी बड़े क्षेत्र में फैलने जा रही है। मौजूदा करीब 120 हेक्टेयर में लगभग 119 हेक्टेयर और जोड़ा जाएगा, जिसके बाद सफारी का कुल क्षेत्रफल लगभग 250 हेक्टेयर हो जाएगा। विस्तार में विंध्य वन सफारी और साउथ अफ्रीकन सफारी बनेगी, और यहां जिराफ व जेबरा भी देखने को मिलेंगे।
250 हेक्टेयर में फैलेगी मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी के भव्य विस्तार की योजना तैयार है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 6 नवंबर को मुकुंदपुर स्थित महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी का भ्रमण किया और विस्तार योजना की समीक्षा की। वर्तमान में यह सफारी लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। योजना के अनुसार इसमें करीब 119 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ा जाएगा, जिसके बाद पूरे परिसर का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 250 हेक्टेयर हो जाएगा।
विस्तार योजना के तहत 25 हेक्टेयर क्षेत्र व्हाइट टाइगर सफारी के लिए रखा जाएगा, जबकि शेष हिस्से में चिड़ियाघर विकसित किया जाएगा। नए विस्तार क्षेत्र में 36 हेक्टेयर भूमि पर विंध्य वन सफारी बनाई जाएगी। इसके अलावा 30 हेक्टेयर क्षेत्र में साउथ अफ्रीकन सफारी का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संपूर्ण विस्तार योजना की समीक्षा कर ली गई है। सरकार का प्रयास है कि इस योजना को जल्द से जल्द मंजूरी मिले और तेजी से काम शुरू किया जाए, ताकि पर्यटकों को यहां एक नया और भव्य अनुभव मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने किया सफारी का भ्रमण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भ्रमण के दौरान सफारी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसके आगामी विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकुंदपुर की यह व्हाइट टाइगर सफारी अब देश और प्रदेश में काफी प्रसिद्ध हो चुकी है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। विस्तार के बाद सफारी की क्षमता और आकर्षण दोनों बढ़ेंगे।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने विस्तार से जुड़ी तैयारियों, जमीन की उपलब्धता और निर्माण की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। सफारी प्रबंधन के अनुसार विस्तार का काम चरणबद्ध तरीके से होगा, ताकि मौजूदा सफारी में आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो। वन विभाग के अधिकारी भी इस योजना से जुड़े कामों में शामिल रहेंगे।
विंध्य वन सफारी और साउथ अफ्रीकन सफारी: क्या-क्या बनेगा
विस्तार योजना की सबसे खास बात दो नई सफारी हैं। पहली है विंध्य वन सफारी, जो 36 हेक्टेयर में बनेगी। इसमें विंध्य क्षेत्र के जंगलों, वनस्पतियों और वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक परिवेश के करीब दिखाने की तैयारी है। पर्यटक यहां विंध्य के जंगल का अनुभव ले सकेंगे।
दूसरी है साउथ अफ्रीकन सफारी, जो 30 हेक्टेयर में विकसित की जाएगी। इसमें जिराफ और जेबरा जैसे विदेशी जानवर रखे जाएंगे। यह हिस्सा खासतौर पर बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। अब तक मध्य प्रदेश के पर्यटक जिराफ और जेबरा देखने के लिए दूसरे राज्यों के चिड़ियाघरों का रुख करते थे। साउथ अफ्रीकन सफारी बनने के बाद यह अनुभव रीवा में ही मिलेगा।
इसके साथ ही 25 हेक्टेयर में व्हाइट टाइगर सफारी का विस्तार होगा और शेष भाग में चिड़ियाघर बनेगा। चिड़ियाघर में अलग-अलग प्रजातियों के प्राणियों के लिए आधुनिक और प्राकृतिक शैली के बाड़े बनाए जाएंगे।
सफेद बाघ मोहन से जुड़ा है रीवा का इतिहास
मुकुंदपुर सफारी की पहचान दुनिया के पहले सफेद बाघ से जुड़ी है। साल 1951 में रीवा के जंगलों में पहला सफेद बाघ मिला था, जिसका नाम मोहन रखा गया था। उसे रीवा के महाराजा मार्तण्ड सिंह ने पकड़ा था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी की स्थापना हुई। सफारी का पूरा नाम महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी है।
सफारी 2016 में शुरू हुई थी और तब से यह विंध्य क्षेत्र के पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन गई है। सफेद बाघ को देखने के लिए देशभर से पर्यटक रीवा आते हैं। पहले की जानकारी के अनुसार हर साल यहां साढ़े तीन से चार लाख पर्यटक पहुंचते हैं। विस्तार के बाद यह संख्या सात लाख तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। सफारी के साथ ही रीवा की पहचान सफेद बाघों के गढ़ के रूप में देशभर में बनी है।
20 वर्षीय मास्टर प्लान और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानक
मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी के विकास के लिए 20 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जो 2026-27 से 2045-46 तक का है। मास्टर प्लान के अनुसार सफारी का क्षेत्रफल 121.99 हेक्टेयर से बढ़ाकर 241.86 हेक्टेयर किया जाएगा, जिसके लिए 119.87 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जोड़ी जाएगी। यह योजना केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू की जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत आधुनिक प्राकृतिक शैली के पशु बाड़े, संरक्षण प्रजनन केंद्र, वन्यजीव बचाव सुविधाएं, इंटरैक्टिव शिक्षा केंद्र और विश्वस्तरीय पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य मुकुंदपुर को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, अनुसंधान, जन-जागरूकता और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में विश्वस्तरीय केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इससे पहले इसी साल मार्च में सफारी में नवनिर्मित रेप्टाइल हाउस का लोकार्पण हुआ था। उसमें किंग कोबरा, रसेल वाइपर, अजगर, कॉमन करैत, रैट स्नेक, धामन, सैंड बोआ और बैंडेड कैट सहित 12 प्रजातियों के सांप रखे गए हैं। रेप्टाइल हाउस के बाद अब विस्तार योजना सफारी को एक बड़े मुकाम तक ले जाने की तैयारी है।
विंध्य क्षेत्र के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
मुकुंदपुर सफारी का विस्तार सिर्फ एक चिड़ियाघर का विस्तार नहीं है, यह विंध्य क्षेत्र के पर्यटन के लिए एक बड़ी सौगात है। रीवा के आसपास बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, पन्ना नेशनल पार्क और संजय टाइगर रिजर्व जैसे बड़े वन्यजीव स्थल पहले से हैं। मुकुंदपुर के बड़े होने से विंध्य का पर्यटन सर्किट और मजबूत होगा। पर्यटक एक ही यात्रा में कई स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। होटल, रेस्तरां, परिवहन, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को काम मिलेगा। रीवा शहर में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो बाजार और सेवा क्षेत्र में भी रौनक आएगी। राज्य में पर्यटन स्थलों पर डिजिटल सुविधाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे यात्रियों को जानकारी आसानी से मिल रही है। विंध्य क्षेत्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं और मुकुंदपुर का विस्तार उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
जिराफ और जेबरा कब दिखेंगे, आगे क्या
अब सबकी नजर विस्तार योजना की मंजूरी पर है। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि योजना की समीक्षा हो चुकी है और सरकार का प्रयास है कि इसे जल्द मंजूरी मिले। मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू होगा। साउथ अफ्रीकन सफारी का निर्माण पूरा होने के बाद ही जिराफ और जेबरा लाए जाएंगे, क्योंकि उनके लिए विशेष बाड़े, खानपान और देखभाल की व्यवस्था पहले तैयार करनी होगी।
वन विभाग और सफारी प्रबंधन को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानकों का पालन करना होगा। विदेशी प्रजातियों को लाने से पहले उनकी सेहत, आवास और रखरखाव की पूरी तैयारी जरूरी है। इसलिए जिराफ और जेबरा के आने में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन योजना के अनुसार काम आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में सफारी के नए हिस्सों के खुलने की घोषणाएं होती रहेंगी।
रीवा पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए क्या बदलेगा
विस्तार के बाद पर्यटकों को मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में ज्यादा समय बिताने और ज्यादा देखने को मिलेगा। अभी पर्यटक मुख्य रूप से सफेद बाघ देखने आते हैं, लेकिन नई सफारी और चिड़ियाघर बनने के बाद एक ही दिन में कई अनुभव मिलेंगे। परिवारों के लिए यह जगह पूरे दिन की सैर का केंद्र बन जाएगी।
रीवा तक पहुंचना भी अब आसान हुआ है। रीवा-सतना के बीच मेमू ट्रेन चल रही है और विंध्य-बुंदेलखंड में रेल संपर्क बढ़ा है। रीवा आने वाले पर्यटक मुकुंदपुर के साथ मैहर देवी मंदिर, पुरवा प्रपात और आसपास के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण भी कर सकते हैं। दीपावली के त्योहारी मौसम में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी हुई है, ऐसे में सफारी विस्तार की खबर विंध्य के पर्यटन के लिए अच्छी खबर है।
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