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बालाघाट के जंगल में मिला 12 वर्षीय नर बाघ का शव, करंट से मौत की आशंका; दो संदिग्ध हिरासत में

सांकेतिक चित्र: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में बंगाल बाघिन सांकेतिक चित्र: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में बंगाल बाघिन (फोटो: चार्ल्स जे. शार्प, विकिमीडिया कॉमन्स, CC BY-SA)

बालाघाट ब्यूरो

सार: बालाघाट बाघ की मौत का मामला सामने आया है। जिले के खुरमुंडी बीट के जंगल में शनिवार को 12 वर्षीय नर बाघ मृत मिला। शुरुआती जांच में बाघ की मौत करंट लगने से होने की आशंका है। घटनास्थल से जीआई तार और खूंटियां बरामद हुई हैं। वन विभाग ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

बालाघाट बाघ की मौत: सुबह की गश्त में मिला शव

शनिवार 7 नवंबर 2026 की सुबह बालाघाट जिले के जंगल में गश्त कर रहे बीट गार्ड को एक ऐसी तस्वीर दिखी जिसने पूरे वन महकमे को हिला दिया। उत्तर सामान्य वन मंडल के पूर्व बैहर सामान्य वन परिक्षेत्र की खुरमुंडी बीट में कक्ष क्रमांक 1582 के पास गुरार नाला के किनारे एक नर बाघ का शव पड़ा था। बाघ की उम्र लगभग 12 वर्ष बताई जा रही है।

शव देखते ही बीट गार्ड ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। कुछ ही देर में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर जंगल के भीतर है। वन मंडलाधिकारी रेशम सिंह धुर्वे ने बताया कि बीट गार्ड को नियमित गश्त के दौरान शनिवार की सुबह शव दिखाई दिया था और उसने तुरंत इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी।

घटनास्थल से मिले जीआई तार और खूंटियां

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जब घटनास्थल की बारीकी से जांच की तो वहां से जीआई तार और खूंटियां बरामद हुईं। शुरुआती जांच में बाघ की मौत बिजली के करंट से होने की आशंका जताई गई है। आशंका है कि जंगली सूअर के शिकार के लिए जंगल में बिजली के तार का जाल बिछाया गया था और उसी की चपेट में आकर बाघ की मौत हुई हो सकती है।

सांकेतिक चित्र: सुबह के समय जंगल का रास्ता
सांकेतिक चित्र

हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल से मिले तार और खूंटियों को जांच में शामिल किया गया है। शव की शुरुआती जांच में बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। वन विभाग के अधिकारी मौके पर मिले हर सबूत को ध्यान से देख रहे हैं, ताकि मौत की वजह को लेकर कोई कसर न रह जाए। घटनास्थल को घेरकर जांच की जा रही है और आसपास के इलाके में भी तलाशी ली जा रही है।

डॉग स्क्वॉड दो घरों तक पहुंचा, दो संदिग्ध हिरासत में

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने बालाघाट से डॉग स्क्वॉड की टीम बुलाकर घटनास्थल की तलाशी कराई। तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता दो लोगों के घरों तक पहुंचा। इसके बाद वन विभाग ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दोनों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि जंगल में तार किसने और क्यों बिछाया था। वन विभाग ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर ही यह साफ हो सकेगा कि तार बिछाने के पीछे कौन लोग थे और उनका मकसद क्या था। दोनों संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ रही है।

तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम, बिसरा जांच के लिए सुरक्षित

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और तहसीलदार की उपस्थिति में नियमानुसार बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मुख्य वन संरक्षक गौरव चौधरी ने बताया कि जांच के लिए बाघ का बिसरा एकत्र किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। बाघ की मौत के मामलों में तय प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया जाता है और बिसरे के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं, ताकि मौत की वजह को लेकर कोई संदेह न रहे।

कान्हा से लगा है जंगल, 24 दिनों में 10 वन्यजीवों की मौत

जिस जंगल में बाघ का शव मिला है, वह कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कोर और बफर जोन से लगा हुआ है। इस इलाके में वन्यजीवों की अच्छी संख्या है और कई बार वे सड़क पर भी दिखाई देते हैं।

बीते 24 दिनों में बाघ और तेंदुए सहित 10 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

हाल के दिनों में कान्हा क्षेत्र में बाघों की मौत कैनाइन डिस्टेंपर से होने की बात भी सामने आई थी, लेकिन इस मामले में शुरुआती जांच करंट की आशंका जता रही है। लगातार मौतों के बीच वन विभाग के सामने गश्त और निगरानी को और मजबूत करने की चुनौती है। जंगल से लगे गांवों में भी वन विभाग की टीम नजर रख रही है।

जंगली सूअर के लिए बिछाया तार बाघ के लिए बनता है जाल

शुरुआती जांच में जो तस्वीर उभर रही है, उसके अनुसार जंगल में जंगली सूअर के शिकार के लिए बिजली के तार का जाल बिछाया गया था। रात के अंधेरे में जंगल से गुजरते समय बाघ उसी तार की चपेट में आ गया होगा।

जांच का एक अहम बिंदु यह होगा कि तार कहां से लाया गया, किसने बिछाया और उसमें बिजली कैसे पहुंची। वन विभाग के लिए यह पता लगाना भी जरूरी है कि क्या इलाके में ऐसे और तार बिछाए गए हैं, ताकि किसी और वन्यजीव की जान खतरे में न पड़े।

जांच में आगे क्या होगा

बालाघाट बाघ की मौत की जांच अब कई दिशाओं में आगे बढ़ेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरे की जांच रिपोर्ट से मौत का असली कारण साफ होगा। हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ में तार बिछाने वालों की पहचान हो सकती है।

घटनास्थल से बरामद तार और खूंटियों की जांच से भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और आसपास के जंगल में ऐसे तारों की तलाश भी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि बाघ की मौत के पीछे किसकी लापरवाही या साजिश थी और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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