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दिल्ली की दीपावली-पूर्व हवा 10 साल में सबसे खराब: AQI 369, सोमवार को और बिगड़ने की चेतावनी

सांकेतिक चित्र: दीपावली की पूर्व संध्या पर धुंध और प्रदूषण में दिल्ली सांकेतिक चित्र

नई दिल्ली ब्यूरो

सार: दिल्ली में दीपावली की पूर्व संध्या पर हवा 10 साल में सबसे खराब दर्ज हुई।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को दिल्ली AQI 369 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। कई इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोमवार को दीपावली के बाद की हवा कई सालों में सबसे प्रदूषित हो सकती है।

दिल्ली में दीपावली से पहले की हवा ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शनिवार, 7 नवंबर को दिल्ली AQI 369 दर्ज हुआ, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। शुक्रवार को यह आंकड़ा 382 था। तेज हवाओं के कारण शनिवार को आंकड़ा शुक्रवार से कुछ कम रहा, लेकिन यह दीपावली की पूर्व संध्या पर पिछले 10 साल का सबसे खराब स्तर साबित हुआ।

दीपावली से पहले सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन 2016 में दर्ज हुआ था, जब 29 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 404 तक पहुंच गया था। उसके बाद से हर साल दीपावली से एक दिन पहले की हवा इससे बेहतर रही थी, लेकिन इस साल शनिवार का 369 का आंकड़ा पिछले एक दशक के सभी दीपावली-पूर्व दिनों से ऊपर निकल गया।

दिल्ली AQI 369: 10 साल के आंकड़े क्या कहते हैं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि दीपावली से एक दिन पहले दिल्ली की हवा पिछले सालों में कैसी रही। साल 2025 में दीपावली से एक दिन पहले 19 अक्टूबर को सूचकांक 296 था, जो खराब श्रेणी में आता है। साल 2024 में 30 अक्टूबर को यह 307, साल 2023 में 11 नवंबर को 220, साल 2022 में 23 अक्टूबर को 259 और साल 2021 में 3 नवंबर को 314 दर्ज हुआ था।

इससे पहले साल 2020 में 13 नवंबर को 339, साल 2019 में 26 अक्टूबर को 287, साल 2018 में 6 नवंबर को 338 और साल 2017 में 18 अक्टूबर को 302 दर्ज हुआ था। बोर्ड ने वायु गुणवत्ता सूचकांक मापना साल 2015 से शुरू किया था। इन आंकड़ों से साफ है कि इस साल दीपावली की पूर्व संध्या की हवा पिछले 10 साल में सबसे खराब रही।

पिछले साल का अनुभव भी चेतावनी देता है। साल 2025 में दीपावली से एक दिन पहले सूचकांक 296 था, लेकिन दीपावली के दिन यह बढ़कर 345 हो गया और दीपावली के अगले दिन 351 तक पहुंच गया। साल 2024 में भी ऐसा ही रुझान देखा गया था। यही वजह है कि विशेषज्ञ इस साल दीपावली के बाद हवा के और बिगड़ने की आशंका जता रहे हैं।

कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रदूषित

शनिवार शाम 4 बजे शहर के कई इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी। सबसे ज्यादा प्रदूषित आईआईटी दिल्ली रहा, जहां सूचकांक 452 दर्ज हुआ। इसके बाद पंजाबी बाग में 439 और जहांगीरपुरी में 428 दर्ज किया गया।

मुंडका और विवेक विहार में 426, रोहिणी में 424, आरके पुरम और बवाना में 420, सोनिया विहार में 417, सिरी फोर्ट में 415, डीटीयू में 416, नरेला में 416, नजफगढ़ में 413, द्वारका सेक्टर-8 में 411, अलीपुर में 410, पूसा में 408, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 407, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 403 और आईटीओ में 402 दर्ज हुआ।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दिल्ली में हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। शनिवार सुबह 10 बजे शहर का औसत सूचकांक 363 था और सुबह 10:35 बजे एक अंतरराष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में दिल्ली दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे प्रदूषित स्थान पर रही, जहां अमेरिकी पैमाने पर सूचकांक 581 दर्ज किया गया। हालांकि दोनों संस्थाओं के मापने के पैमाने और पद्धति अलग-अलग हैं, इसलिए इनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती।

सांकेतिक चित्र: दिल्ली में वायु प्रदूषण
सांकेतिक चित्र

सोमवार को और बिगड़ सकती है हवा

विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली के बाद हवा और बिगड़ सकती है। वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान प्रणाली के संस्थापक और राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान में प्रोफेसर गुफरान बेग के अनुसार, 9 नवंबर यानी सोमवार को दीपावली के बाद का दिन कई सालों में सबसे प्रदूषित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि मौसम की स्थितियां गंभीर प्रदूषण के लिए अनुकूल दिख रही हैं। परिवहन स्तर पर हवाएं उत्तर-उत्तरपश्चिम से चलने की संभावना है, जिससे पंजाब और हरियाणा के उन इलाकों से पराली जलाने का धुआं दिल्ली की ओर आएगा, जहां पराली जलाने का मौसम अपने चरम पर है। स्थानीय और क्षेत्रीय स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन, पटाखों से निकलने वाला धुआं और शांत हवाओं के कारण हवा के गंभीर श्रेणी में जाने की आशंका है।

दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार भी 8 और 9 नवंबर को हवा के गंभीर श्रेणी में रहने की संभावना है। उसके बाद के छह दिनों में हवा गंभीर और बहुत खराब श्रेणी के बीच रहने का अनुमान है। आज सुबह एक मौसम सेवा के अनुसार दिल्ली का सूचकांक 349 दर्ज किया गया, जिसमें मुख्य प्रदूषक महीन कण पीएम 2.5 रहे।

ग्रीन पटाखों पर छूट, फिर भी नियम टूटे

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 7 और 8 नवंबर को केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है। इसके लिए दो समय तय किए गए हैं — सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक। पारंपरिक पटाखे, सीरीज वाले पटाखे और बेरियम आधारित उत्पादों पर रोक जारी है।

इसके बावजूद शनिवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में नियमों का उल्लंघन हुआ। बाजारों में नकली ग्रीन लेबल वाले पारंपरिक पटाखे बिकने की शिकायतें भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीन पटाखों से पारंपरिक पटाखों की तुलना में करीब 70 प्रतिशत कम उत्सर्जन होता है, लेकिन जब वे भी बिना रोक-टोक जलाए जाते हैं, तो प्रदूषण और बढ़ जाता है।

अस्पतालों में सांस के मरीज बढ़े

बिगड़ती हवा का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार, अस्पतालों में सांस की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक के 400 के पार जाने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समय खास तौर पर मुश्किल माना जा रहा है। प्रदूषण के कारण पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं चलाई जा रही हैं, ताकि बच्चे घर से भी पढ़ाई कर सकें।

ग्रैप-3 लागू, क्या-क्या बंद रहेगा

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शुक्रवार शाम को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू कर दिया था। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगी है और बीएस-3 पेट्रोल तथा बीएस-4 डीजल वाले हल्के मोटर वाहनों के चलने पर पाबंदी है।

ग्रैप का तीसरा चरण 6 नवंबर को एहतियात के तौर पर लागू किया गया था, जब शहर का औसत सूचकांक 382 दर्ज हुआ था। इससे पहले 2 नवंबर को सूचकांक 324 रहने पर दूसरा चरण लागू किया गया था। तीसरे चरण के तहत नौ सूत्री योजना लागू की गई है, जिसमें प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बरती जा रही है।

आगे क्या — बचाव के उपाय और मौसम की उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार दीपावली के बाद हवा के गंभीर श्रेणी में जाने की संभावना ज्यादा है, लेकिन एक छोटी सी उम्मीद भी है। गुफरान बेग के अनुसार, सुपर अल नीनो से जुड़े मौसम के असामान्य और अनिश्चित बदलाव के कारण स्थानीय हवाएं तेज हो सकती हैं, जिससे प्रदूषण की गंभीरता कम हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसकी संभावना कम है।

आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं दिख रही है। सुबह के समय हल्की से मध्यम धुंध रहने का अनुमान है और दिन का अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।

दिल्ली की हवा के लिए आने वाले दो दिन सबसे अहम माने जा रहे हैं। दीपावली की रात पटाखों का धुआं, पराली का धुआं और शांत हवाएं मिलकर सोमवार को हालात और बिगाड़ सकती हैं। दिल्ली AQI 369 के बाद अब सबकी नजर सोमवार के आंकड़ों पर रहेगी, जो बताएंगे कि इस साल दीपावली के बाद की हवा कितनी खराब रही।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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