भोपाल ब्यूरो
सार: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 19 से 28 नवंबर तक एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगी। एशियाई हॉकी महासंघ ने टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार गत चैंपियन भारत अपने अभियान की शुरुआत 19 नवंबर को मलेशिया के खिलाफ करेगा। बरखेड़ा नाथू स्थित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नए हॉकी स्टेडियम में एशिया की छह शीर्ष टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी।
एशिया की महिला हॉकी की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश पहली बार एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने जा रहा है, और इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टूर्नामेंट के शेड्यूल की घोषणा के साथ ही भोपाल में हॉकी प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। शहर को हॉकी की नर्सरी कहा जाता है, और अब यह नर्सरी एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों की अगवानी करेगी।
शेड्यूल जारी: कब, कहां और कौन-कौन
जारी शेड्यूल के अनुसार टूर्नामेंट 19 नवंबर से 28 नवंबर तक चलेगा। सभी मुकाबले भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नए हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में छह टीमें हिस्सा लेंगी — मेजबान भारत के अलावा जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले डे-नाइट फॉर्मेट में खेले जाएंगे, ताकि दर्शक शाम की रोशनी में हॉकी का रोमांच देख सकें।
टूर्नामेंट का आगाज 19 नवंबर को होगा। पहले दिन एशिया की शीर्ष रैंकिंग वाली टीम चीन का सामना थाईलैंड से होगा। इसी दिन उद्घाटन समारोह के बाद मेजबान भारत अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया के खिलाफ करेगा। टूर्नामेंट का समापन 28 नवंबर को होगा, जब कांस्य पदक का मुकाबला और उसके बाद फाइनल खेला जाएगा।

भारत का पूरा कार्यक्रम
गत चैंपियन भारत के लीग मुकाबलों का कार्यक्रम तय हो गया है। भारतीय टीम 19 नवंबर को मलेशिया के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी। इसके बाद 21 नवंबर को दक्षिण कोरिया, 22 नवंबर को थाईलैंड, 24 नवंबर को चीन और 25 नवंबर को जापान से मुकाबला होगा। लीग चरण के दौरान 20, 23 और 26 नवंबर को विश्राम के दिन रखे गए हैं।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरे खिताब की तलाश में उतरेगी। पिछले दो संस्करणों की चैंपियन भारतीय टीम के हौसले इस समय बुलंद हैं, क्योंकि पिछले महीने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास चरम पर है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का लाभ भी भारतीय टीम के साथ रहेगा।
राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगी खिताब की जंग
टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसमें हर टीम बाकी पांचों टीमों से एक-एक बार भिड़ेगी। लीग चरण के बाद शीर्ष टीमें नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी, जहां से फाइनल तक का सफर तय होगा। इस फॉर्मेट का मतलब है कि खिताब जीतने के लिए किसी भी टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा — एक भी बड़ी चूक खिताब की दौड़ से बाहर कर सकती है।
चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी टीमें भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होंगी। चीन एशिया की शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया की टीमें अपनी तेज गति और अनुशासित खेल के लिए जानी जाती हैं। मलेशिया और थाईलैंड की टीमें भी उलटफेर करने की क्षमता रखती हैं, इसलिए भारतीय टीम को हर मुकाबले में पूरी गंभीरता से उतरना होगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी
टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ 19 नवंबर को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी रहेगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित पत्रकार वार्ता में टूर्नामेंट की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि यह विश्व रैंकिंग प्रतियोगिता है और इसका आयोजन मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।
आयोजन के लिए प्रदेश सरकार और हॉकी इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। एशियाई हॉकी महासंघ और हॉकी इंडिया के सहयोग से होने वाला यह आयोजन भोपाल को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा।
हॉकी की नर्सरी भोपाल में पहली बार
भोपाल को हॉकी की नर्सरी कहा जाता है, क्योंकि इस शहर ने देश को कई बड़े हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। इसके बावजूद एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन मध्यप्रदेश में पहली बार हो रहा है। यही वजह है कि इस टूर्नामेंट को लेकर शहर में खास उत्साह है।
बरखेड़ा नाथू स्थित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नया हॉकी स्टेडियम इस टूर्नामेंट के लिए तैयार किया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं वाले इस स्टेडियम में दर्शकों के बैठने, खिलाड़ियों के अभ्यास और प्रसारण की पूरी व्यवस्था की गई है। आयोजकों का दावा है कि दर्शकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा।
150 खिलाड़ी, 166 देशों में प्रसारण
टूर्नामेंट में करीब 150 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगी। छह टीमों की खिलाड़ियों के अलावा कोच, सपोर्ट स्टाफ और अधिकारी भी भोपाल पहुंचेंगे। टूर्नामेंट के मुकाबलों का सीधा प्रसारण 166 देशों में किया जाएगा, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश की छवि दुनिया भर में पहुंचेगी।
इतने बड़े आयोजन से भोपाल के पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। होटल, परिवहन और खानपान से जुड़े कारोबारियों को टूर्नामेंट के दिनों में अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। शहर के खेल प्रेमियों के लिए तो यह किसी उत्सव से कम नहीं होगा।
पूरे प्रदेश में निकलेगा ट्रॉफी टूर
टूर्नामेंट से पहले पूरे प्रदेश में ट्रॉफी टूर आयोजित किया जाएगा, ताकि हॉकी का उत्साह भोपाल से निकलकर प्रदेश के हर कोने तक पहुंचे। ट्रॉफी टूर के जरिए युवाओं, खासकर स्कूली बच्चों को हॉकी से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। खेल विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजन से प्रदेश में हॉकी की नई पीढ़ी तैयार होगी।
ट्रॉफी टूर के दौरान विभिन्न जिलों में हॉकी से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। इसका मकसद सिर्फ टूर्नामेंट का प्रचार नहीं, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करना भी है।
आगे क्या: भारत की नजरें तीसरे खिताब पर
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ एक खिताब नहीं, बल्कि अपने दबदबे को बरकरार रखने का मौका है। लगातार तीसरा खिताब जीतना एशिया में भारत की बादशाहत को और पुख्ता करेगा। घरेलू मैदान, दर्शकों का समर्थन और हालिया फॉर्म — तीनों ही भारत के पक्ष में हैं।
दूसरी ओर, चीन और जापान जैसी टीमें भारत के विजय रथ को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी। ऐसे में भोपाल में 19 से 28 नवंबर तक हॉकी के रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। हॉकी प्रेमियों के लिए यह दस दिन किसी त्योहार से कम नहीं होंगे, जब एशिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भोपाल की धरती पर अपना जलवा दिखाएंगी।
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