भोपाल ब्यूरो
सार: भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा बुधवार को संपन्न हुई। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीटी नगर के अटल पथ पर हुई सभा को संबोधित किया और कांग्रेस तथा राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए। इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अटल पथ से रोशनपुरा की ओर पदयात्रा निकाली।
सभा के साथ शुरू हुई पदयात्रा
बुधवार सुबह से ही अटल पथ पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। सभा स्थल पर सुबह से भीड़ उमड़ने लगी और तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे के आसपास सभा हुई। सभा के बाद पदयात्रा अटल पथ से शुरू होकर न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे की ओर बढ़ी।
पदयात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा भाजपा की ओर से किया गया था। पार्टी ने करीब एक लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, जबकि यातायात पुलिस का अनुमान 40 से 50 हजार लोगों का था। दोनों आंकड़े अलग-अलग स्रोतों के अपने-अपने अनुमान हैं, इसलिए इन्हें दावे और अनुमान के रूप में ही समझना चाहिए।
पदयात्रा में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी भी दिखाई दी। किन्नर समाज के सदस्य और मुस्लिम महिलाओं के भी कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे भाजपा ने इस आयोजन को व्यापक जनभागीदारी वाला कार्यक्रम बताने की कोशिश की।
जेपी नड्डा ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सभा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत को प्रजातंत्र की जननी कहा जाता है और चुनाव आयोग ने वर्षों की मेहनत से दुनिया में अपना स्थान बनाया है। उनका आरोप था कि कांग्रेस इस संस्था को कमजोर करने का काम कर रही है।
नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जहां चुनाव जीतते हैं, वहां सब ठीक लगता है और जहां हार जाते हैं, वहां चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को अबोध बालक बताते हुए सलाह दी कि वह ईवीएम और चुनाव आयोग की चिंता छोड़कर आत्मचिंतन करें। नड्डा ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को सही ठहराया है और देश में यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है।
अपने संबोधन में नड्डा ने आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह खुद आपातकाल के भुगतभोगी रहे हैं और उस दौर में उन्हें दो बार कक्षा से उठाकर पुलिस ले गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लोगों को लंबे समय तक जेल में डाला गया था। नड्डा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है और आने वाले चुनावों में जनता ही उसे जवाब देगी।
नड्डा ने मतदाता सूची से नाम कटने के मुद्दे पर कहा कि 2.8 करोड़ ऐसे वोट कटे हैं, जो इस दुनिया में नहीं हैं। उनका कहना था कि कुछ लोग जाली वोटों के सहारे चुनाव जीतना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि हुई है, जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सभा में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत चहुंमुखी विकास कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी हर मुद्दे की आड़ में अपनी राजनीति चमका रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार न्यायालय का अपमान किया है और निष्पक्षता की बात करने वालों का इतिहास खुद सवालों के घेरे में है।
मोहन यादव ने सभा में कहा कि जिन्हें सत्ता नहीं मिल रही है, वे मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, लेकिन मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। सभा में राहुल गांधी के खिलाफ नारे भी लगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की राजनीति ही जनता के सामने असली मुद्दा है और मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब जनता चुनावों में देगी।
मुख्यमंत्री ने भोपाल आने पर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का स्वागत भी किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पहले ही नड्डा के भोपाल आगमन की जानकारी साझा की थी और उन्हें राजा भोज की नगरी में स्वागत कहा था।
राजनाथ सिंह का दौरा रद्द, नड्डा ने संभाली कमान
इस पदयात्रा को लेकर पहले यह कार्यक्रम था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल आकर इसका नेतृत्व करेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को खुद यह जानकारी दी थी कि राजनाथ सिंह पदयात्रा में शामिल होंगे। बाद में रक्षा मंत्री का प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया और उनकी जगह केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस कार्यक्रम की कमान संभाली।
कार्यक्रम में इस बदलाव के बावजूद तैयारियां पहले जैसी ही रहीं। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने पहले ही बताया था कि पदयात्रा सुबह 10 बजे अटल पथ, प्लेटिनम प्लाजा, टीटी नगर से शुरू होकर रोशनपुरा तक जाएगी। कार्यक्रम के लिए यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। भोपाल यातायात पुलिस ने 4 से 9 नवंबर तक बाजारों में विशेष डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू की है, ताकि दीपावली की खरीदारी के दौरान आवाजाही बनी रहे।
अभियान की पृष्ठभूमि: इंदौर और जबलपुर के बाद भोपाल
भोपाल की पदयात्रा भाजपा के देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की आलोचना करके लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है, इसलिए पार्टी इस अभियान के जरिए अपना पक्ष जनता के सामने रख रही है।
मध्यप्रदेश में इस अभियान की शुरुआत 30 अक्टूबर को इंदौर में हुई थी, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पदयात्रा में शामिल हुए थे। इसके बाद 2 नवंबर को जबलपुर में भी इसी अभियान के तहत पदयात्रा निकाली गई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल हुए थे। भोपाल की पदयात्रा इस क्रम की तीसरी बड़ी पदयात्रा है।
इससे पहले 26 अक्टूबर को ही भाजपा ने इस अभियान का ऐलान किया था और भोपाल, इंदौर तथा जबलपुर में बड़ी रैलियों की योजना बताई थी। इंदौर की पदयात्रा सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक निकली थी और सभा के साथ उसका समापन हुआ था।
कांग्रेस का पक्ष: त्योहारी सीजन में रैली पर आपत्ति
पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखकर त्योहारों और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को स्थगित करने या किसी अन्य स्थान पर आयोजित करने की अपील की थी। कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने धनतेरस जैसे महत्वपूर्ण त्योहार का हवाला देते हुए कहा था कि यह व्यापारियों के लिए साल का महत्वपूर्ण कारोबारी अवसर होता है, इसलिए बाजार मार्ग से रैली निकालने से कारोबार पर असर पड़ सकता है।
पदयात्रा के दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि त्योहारी सीजन में मुख्य बाजारों और व्यस्त रास्तों से पदयात्रा निकालने पर व्यापारियों को नुकसान नहीं होगा क्या। उनका कहना था कि कांग्रेस की रैलियों पर व्यापारियों के नुकसान का आरोप लगाने वाली भाजपा अब खुद त्योहारी सीजन में बाजार मार्ग से रैली निकाल रही है।
पदयात्रा के बाद कांग्रेस की ओर से इस आयोजन पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की खबर अभी तक सामने नहीं आई है। इस खबर में भाजपा के आरोपों के साथ कांग्रेस की पहले दर्ज आपत्ति और नेता प्रतिपक्ष के सवाल को भी शामिल किया गया है, ताकि दोनों पक्षों का रुख पाठकों के सामने रहे।
आगे क्या
भोपाल की पदयात्रा के साथ मध्यप्रदेश में भाजपा के इस चरण का अभियान पूरा हो गया है, लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में यह अभियान जारी है। दिल्ली और गोरखपुर समेत कई शहरों में भी इसी दिन पदयात्राएं आयोजित की गई हैं। भाजपा का कहना है कि वह लोकतंत्र और चुनावी संस्थाओं को लेकर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाना जारी रखेगी, जबकि कांग्रेस एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े अपने सवाल उठाती रही है।
दीपावली से ठीक पहले हुई इस पदयात्रा के बाद अब सबकी नजर त्योहारों के दौरान बाजारों की रौनक और यातायात व्यवस्था पर रहेगी। भोपाल पुलिस की 4 से 9 नवंबर तक की विशेष ट्रैफिक-पार्किंग व्यवस्था इसी को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।
