डेस्क रिपोर्ट
सार: ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम के तहत 5 विकेट से हरा दिया। बारिश से बाधित मैच में न्यूजीलैंड की टीम 40.2 ओवर में 185 रन पर सिमट गई थी, जिसके बाद भारत को 32 ओवर में 143 रन का संशोधित लक्ष्य मिला। विराट कोहली की 51 गेंद में 74 रनों की पारी और अंशुल कंबोज की कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत भारत ने 22.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
बारिश के बीच टॉस जीतकर भारत ने चुनी गेंदबाजी
मैच की शुरुआत ही बारिश की वजह से करीब 20 मिनट की देरी से हुई। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला जल्द ही सही साबित हुआ, क्योंकि भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को शुरू से ही दबाव में रखा। बारिश ने मैच के दौरान कई बार व्यवधान डाला, जिससे खेल बार-बार रुकता रहा और अंत में डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम के तहत लक्ष्य को संशोधित करना पड़ा।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 40.2 ओवर में 185 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मेजबान टीम के लिए ओपनर टीम सीफर्ट ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे। इसके अलावा न्यूजीलैंड का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए और मेजबान टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।
अर्शदीप, गुरनूर और कंबोज ने तोड़ी कीवी बल्लेबाजी की कमर
भारतीय गेंदबाजी का नेतृत्व तेज गेंदबाजों ने किया। अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। उनके साथ गुरनूर बरार ने तीन विकेट चटकाए, जबकि अंशुल कंबोज ने 10 ओवर में केवल 22 रन देकर दो विकेट लिए। कंबोज की कसी हुई गेंदबाजी को देखते हुए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी गेंदबाजी की खासियत यह रही कि उन्होंने रन गति पर पूरी तरह अंकुश लगाए रखा, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ता गया।
न्यूजीलैंड की पारी के दौरान भारतीय क्षेत्ररक्षण भी चुस्त-दुरुस्त नजर आया। गेंदबाजों को क्षेत्ररक्षकों का अच्छा साथ मिला और कई मौकों पर रन बचाए गए। यही वजह रही कि एक समय अच्छी शुरुआत की ओर बढ़ रही न्यूजीलैंड की पारी 185 रन पर ही थम गई। बारिश से बाधित इस मैच में इतना स्कोर भी भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता था, लेकिन डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम के तहत लक्ष्य के संशोधन ने समीकरण बदल दिया।

कोहली-गिल की शतकीय साझेदारी ने तय की जीत की नींव
संशोधित लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 104 गेंद में 113 रनों की साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। गिल ने 56 गेंद में पांच चौकों की मदद से 37 रन बनाए, जबकि कोहली ने 51 गेंद में 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 74 रन की शानदार पारी खेली।
कोहली की यह पारी उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर आई और उन्होंने एक बार फिर बड़े मैच में अपनी उपयोगिता साबित की। उनकी बल्लेबाजी में पुरानी झलक देखने को मिली — गेंद को देर से खेलना, खाली जगहों में चौके निकालना और दबाव में भी शांत बने रहना। गिल के साथ उनकी साझेदारी ने न केवल स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया, बल्कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के हौसले भी पस्त कर दिए। जब गिल आउट हुए, तब तक भारत की जीत लगभग तय हो चुकी थी।
आखिरी ओवरों में लड़खड़ाई पारी, फिर राहुल-धीर ने दिलाई जीत
कोहली और गिल के आउट होने के बाद भारतीय पारी कुछ देर के लिए लड़खड़ा गई। 114 रन पर दो विकेट से स्कोर अचानक 136 रन पर पांच विकेट हो गया। इस दौरान कोहली के अलावा श्रेयस अय्यर 15 रन बनाकर और अक्षर पटेल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने सात ओवर में 49 रन देकर तीन विकेट लिए। एक समय ऐसा लगा कि मैच रोमांचक मोड़ ले सकता है, लेकिन भारत के पास अभी विकेट और पर्याप्त गेंदें बची थीं।
अंत में केएल राहुल और नमन धीर ने छठे विकेट के लिए अटूट साझेदारी करके टीम को जीत की रेखा पार कराई। राहुल तीन रन और धीर पांच रन बनाकर नाबाद लौटे। धीर ने 23वें ओवर में विजयी चौका लगाकर भारत की जीत पर मुहर लगाई। भारत ने 22.4 ओवर में पांच विकेट खोकर 143 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारत ने 56 गेंद शेष रहते हुए जीत दर्ज की और सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
टी20 सीरीज के बाद वनडे में भी जीत से आगाज
इस वनडे सीरीज से पहले दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेली गई थी, जिसे भारत ने 3-2 से अपने नाम किया था। उस सीरीज में रनों की बरसात देखने को मिली थी। अब वनडे सीरीज में भी भारत ने जीत के साथ आगाज किया है, जिससे टीम का मनोबल और बढ़ा है। न्यूजीलैंड की धरती पर, बारिश और बदले हुए लक्ष्य के बीच मिली यह जीत टीम इंडिया की अनुकूलन क्षमता को भी दर्शाती है।
सीरीज का अगला मुकाबला शनिवार, 7 नवंबर को वेलिंग्टन में खेला जाएगा। वहां न्यूजीलैंड की टीम वापसी की कोशिश करेगी, जबकि भारत की नजर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने पर होगी। ऑकलैंड की जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ भारतीय टीम वेलिंग्टन में भी मजबूत प्रदर्शन करना चाहेगी। वहीं न्यूजीलैंड को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा, क्योंकि 185 रन का स्कोर वनडे क्रिकेट में अब शायद ही कभी पर्याप्त माना जाता है।
आगे क्या: वेलिंग्टन में वापसी की तलाश में न्यूजीलैंड
ऑकलैंड के इस मैच से दोनों टीमों को कई सबक मिले हैं। भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि उसके युवा गेंदबाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया और कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज ने फिर जिम्मेदारी निभाई। कंबोज की कसी हुई गेंदबाजी और अर्शदीप की विकेट लेने की क्षमता टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हुई है। वहीं गिल की कप्तानी में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने का फैसला भी सही साबित हुआ।
न्यूजीलैंड के लिए चिंता का विषय उसकी बल्लेबाजी रही, जो भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई। सीफर्ट के अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया और टीम 50 ओवर भी नहीं खेल सकी। वेलिंग्टन में मेजबान टीम को अपने बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता लानी होगी। साथ ही उसके गेंदबाजों को भी भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ और अनुशासित प्रदर्शन करना होगा। सीरीज अभी लंबी है और पांच मैचों में वापसी के कई मौके बाकी हैं, लेकिन पहला मैच गंवाने के बाद न्यूजीलैंड पर दबाव जरूर बढ़ गया है।
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