भोपाल ब्यूरो
सार: दीपावली के मौके पर मध्य प्रदेश सरकार ने 2,790 होमगार्ड जवानों को बड़ी राहत दी है — होमगार्ड गृह जिला पोस्टिंग के तहत अब वे अपने गृह जिले में तैनाती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मध्य प्रदेश होमगार्ड नियम 2016 में एक बार की विशेष छूट देकर सरकार ने उन जवानों के लिए रास्ता खोला है जो 2018 की विशेष भर्ती से आए थे और तब से दूसरे जिलों में तैनात हैं।
दीपावली पर 2,790 जवानों को होमगार्ड गृह जिला पोस्टिंग की सौगात
राज्य शासन ने दीपावली पर 2,790 होमगार्ड जवानों को उनके प्रथम नामांकित जिलों में पदस्थापना का अवसर देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मध्य प्रदेश होमगार्ड नियम 2016 के प्रविधानों में एक बार की विशेष छूट दी गई है। इस फैसले का लाभ सिंहस्थ 2016 के बाद वर्ष 2018 की विशेष भर्ती के माध्यम से भर्ती हुए होमगार्ड जवानों को मिलेगा।
होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि पात्र होमगार्ड जवान निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पदस्थापना की प्रक्रिया नियमों के अनुसार और रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर पूरी की जाएगी। होमगार्ड संगठन ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।
यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिनके सदस्य बरसों से अपने गृह जिले से दूर तैनात थे। दीपावली के मौके पर आया यह निर्णय जवानों के लिए त्योहार की सबसे बड़ी सौगात माना जा रहा है, क्योंकि अब वे अपने परिवार के पास रहकर सेवा दे सकेंगे।
क्यों दूर थे जवान अपने घर से
इस फैसले की पृष्ठभूमि सिंहस्थ 2016 से जुड़ी है। सिंहस्थ के दौरान 2,790 होमगार्ड स्वयंसेवकों को ड्यूटी पर लगाया गया था। मेला समाप्त होने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें दोबारा सेवा में लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 17 अप्रैल 2018 को होमगार्ड महानिदेशक के आदेश से एक बार की विशेष छूट देते हुए 2,790 अस्थायी होमगार्डों की नियुक्ति का रास्ता खोला गया। इस मामले में दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने 12 अक्टूबर 2018 को आदेश पारित किया था।

नियुक्ति के समय समस्या यह थी कि जवानों के प्रथम नामांकित जिलों में पद रिक्त नहीं थे। इस कारण उन्हें दूसरे जिलों में पदस्थ किया गया था। तब से ये जवान लंबे समय से अपने गृह जिलों और परिवार से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। अब शासन ने होमगार्ड जिला इकाइयों में उपलब्ध वर्तमान रिक्तियों को देखते हुए उन्हें प्रथम नामांकित जिलों में पदस्थापना का मौका दिया है।
होमगार्ड गृह जिला पोस्टिंग: कैसे मिलेगा गृह जिले में तबादला
होमगार्ड गृह जिला पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पात्र जवानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन में वे अपने प्रथम नामांकन वाले जिले में पदस्थापना का अनुरोध कर सकेंगे। इसके बाद विभाग जिला इकाइयों में उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार पदस्थापना करेगा।
यह छूट एक बार के लिए विशेष रूप से दी गई है, इसलिए इसका लाभ केवल उन्हीं जवानों को मिलेगा जो 2018 की विशेष भर्ती से आए हैं। पदस्थापना नियमों के दायरे में होगी और हर आवेदन पर जिले में रिक्त पदों की स्थिति देखी जाएगी। जिन जिलों में रिक्तियां उपलब्ध होंगी, वहां जवानों को उनके गृह जिले में तैनाती मिल सकेगी।
विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से जवानों को अपने परिवार के पास रहने का अवसर मिलेगा और उनकी कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। लंबे समय से दूर तैनात जवानों के लिए यह फैसला मानसिक राहत के साथ-साथ पारिवारिक स्थिरता भी लेकर आएगा।
होमगार्ड बल की मौजूदा तस्वीर
मध्य प्रदेश में होमगार्ड की कुल 97 कंपनियां हैं, जिनके लिए 15,800 पद स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान समय में प्रदेश में केवल 9,110 होमगार्ड जवान ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि लगभग 6,690 पद खाली पड़े हुए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि बल को नई भर्तियों और मौजूदा जवानों की सही तैनाती दोनों की जरूरत है।
बल में महिलाओं की हिस्सेदारी अभी बहुत कम है। प्रदेश भर में होमगार्ड में मात्र 350 महिला जवान ही कार्यरत हैं। यही कारण है कि आने वाली भर्ती में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है, ताकि बल में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जा सके।
होमगार्ड जवान पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाढ़, आग और अन्य आपात स्थितियों में होमगार्ड की टीमें सबसे पहले मौके पर पहुंचती हैं।
5,020 नई भर्ती की तैयारी, महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण
राज्य सरकार होमगार्ड के 5,020 पदों पर भर्ती निकालने की तैयारी कर रही है। करीब 18 साल के लंबे अंतराल के बाद होमगार्ड में नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। वर्ष 2008 के बाद से होमगार्ड को डाइंग कैडर घोषित किए जाने के कारण नियमित भर्ती बंद थी। अब होमगार्ड मुख्यालय ने 5,020 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया है और कर्मचारी चयन मंडल ने इस भर्ती परीक्षा की तैयारियां आरंभ कर दी हैं। भर्ती प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम नवंबर महीने में जारी कर दिया जाएगा।
भर्ती किए जाने वाले 5,020 होमगार्ड पदों में से 4,532 पद सामान्य ड्यूटी के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 488 पद उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अलग से आरक्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप मंदिर सुरक्षा के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को राज्य सरकार पहले ही हरी झंडी दे चुकी है।
महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले ये 488 जवान कॉल ऑन और कॉल ऑफ की व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। इसका अर्थ यह है कि अपने पूरे सेवाकाल के दौरान इन जवानों का तबादला किसी दूसरे स्थान पर नहीं किया जाएगा और यह दस्ता केवल मंदिर में ही अपनी सेवाएं देगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मंदिर से निजी सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
सिंहस्थ 2028 और होमगार्ड की बढ़ती भूमिका
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को देखते हुए राज्य सरकार ने होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर कहा था कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पांच हजार से अधिक होमगार्ड सैनिकों की भर्ती की जाएगी।
होमगार्ड जवानों के लिए एक और बड़ी राहत की घोषणा भी की गई है। तीन वर्ष में दो माह की कॉल ऑफ यानी बिना वेतन ड्यूटी से बाहर रखने की व्यवस्था समाप्त होगी। होमगार्ड्स के लिए पीपीपी मॉडल पर आवास बनाने का प्रयास भी किया जाएगा, ताकि जवानों को कार्यस्थल के पास स्थायी आवास मिल सके।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार की घोषणा की थी। इसके तहत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। इंदौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की रेस्क्यू टीमों को सम्मानित किया गया था। होमगार्ड को प्रतिवर्ष मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि 360 रुपये को बढ़ाने की घोषणा भी की गई थी।
होमगार्ड महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया था कि प्रदेश में 82 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा वालंटियर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 67 हजार को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इंदौर के रालामंडल क्षेत्र को आपदा प्रबंधन बल, होमगार्ड और सिविल डिफेंस के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने के लिए कंपनी गठित की जाएगी।
आगे क्या — आवेदन, रिक्तियां और नवंबर का शेड्यूल
होमगार्ड गृह जिला पोस्टिंग के तहत अब सबकी नजर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पर है। पात्र जवानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना होगा और विभाग रिक्तियों के आधार पर पदस्थापना करेगा। जिन जवानों को उनके गृह जिले में रिक्ति नहीं मिलेगी, उनके लिए अगले चरण का इंतजार करना होगा, लेकिन एक बार की यह छूट उन हजारों जवानों के लिए उम्मीद का रास्ता खोल चुकी है जो बरसों से अपने घर से दूर हैं।
दीपावली के मौके पर आया यह फैसला सरकार की उस नीति को भी दर्शाता है जिसमें कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। होमगार्ड जवानों के लिए यह केवल तबादले का आदेश नहीं है, बल्कि अपने परिवार के पास लौटने का अवसर है।
नवंबर महीने में होमगार्ड की 5,020 पदों पर भर्ती का पूरा कार्यक्रम जारी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच होमगार्ड बल को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस फैसले के अमल और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग की ओर से जारी की जाएगी।
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