भोपाल ब्यूरो।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के 954 पात्र अभ्यर्थियों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं 11 अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष अभ्यर्थियों को कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अतिथियों के माध्यम से पत्र प्रदान किए गए। लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की राह देख रहे इन अभ्यर्थियों के चेहरों पर नियुक्ति पत्र मिलने की खुशी साफ दिख रही थी।
अनुकंपा नियुक्ति का अर्थ होता है कि जिस सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है या जो गंभीर रूप से अक्षम हो जाता है, उसके परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकार नौकरी देती है, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति संभल सके। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में ऐसे कई मामले लंबित थे, जिनका समाधान इस कार्यक्रम के जरिए किया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20,000 नई नियुक्तियां
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 20,000 नई नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। यह घोषणा शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि लंबे समय से शिक्षक भर्ती की मांग उठ रही थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि विभिन्न विभागों में पहले ही लगभग 15,000 नियुक्तियां पूरी की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सृजन को लेकर गंभीर है और युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर देने का सिलसिला जारी रहेगा।
~300 लंबित अनुकंपा मामले साल के अंत तक हल होंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में अभी भी लगभग 300 अनुकंपा नियुक्ति के मामले लंबित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि साल के अंत तक इन सभी मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुकंपा नियुक्ति के पात्र आवेदनों को बिना देरी के निपटाया जाए, ताकि किसी परिवार को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। यह घोषणा उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से नियुक्ति की प्रक्रिया में अटके हुए हैं।
369 संदीपनी स्कूल भवनों का लोकार्पण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 369 संदीपनी स्कूल भवनों का लोकार्पण भी किया। संदीपनी स्कूल प्रदेश सरकार की वह महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 200 नए संदीपनी स्कूल भवनों के निर्माण को मंजूरी देने की भी घोषणा की। साथ ही उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग भी आदिवासी बहुल इलाकों में 200 स्कूल भवन बनाएगा, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक बुनियादी ढांचा मिल सकेगा।
उत्कृष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित करना सरकार की नीति है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मेहनत से ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
रवींद्र भवन में भावुक माहौल
रवींद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। कई परिवारों के लिए यह भावुक क्षण था, क्योंकि परिवार के कमाऊ सदस्य के निधन के बाद वर्षों के संघर्ष के बाद अब उन्हें स्थायी रोजगार का सहारा मिला है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सरकार की ओर से शहीद कर्मचारियों और दिवंगत कर्मियों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
शिक्षा व्यवस्था पर दूरगामी असर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ 20,000 नई नियुक्तियों की घोषणा से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार आएगा। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती रही है। अगर भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो इसका सीधा लाभ लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा। वहीं, संदीपनी स्कूलों के विस्तार से सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।
आगे क्या
अब सबकी नजर 20,000 नई नियुक्तियों की भर्ती प्रक्रिया के टाइमटेबल पर है। सरकार की ओर से जल्द ही भर्ती का विज्ञापन और चयन प्रक्रिया की रूपरेखा जारी होने की उम्मीद है। साथ ही, लंबित 300 अनुकंपा मामलों के निपटारे पर भी विभाग की कार्यवाही पर नजर रहेगी। 200 नए संदीपनी भवनों के निर्माण की प्रक्रिया भी अब शुरू होने वाली है, जिसके लिए बजट और निर्माण एजेंसी का निर्धारण किया जाएगा।
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