इंदौर ब्यूरो
सार: इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में मध्य प्रदेश ने बिहार को पारी और 174 रन से हरा दिया। ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने दोनों पारियों में कुल 13 विकेट लेकर अपने प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि युवा बल्लेबाज सक्षम पुरोहित और कप्तान रजत पाटीदार के शतकों की बदौलत मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 407 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। मुकाबला दो दिन में ही समाप्त हो गया और इस जीत के साथ मध्य प्रदेश एलीट ग्रुप ए की अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
दो दिन में ही खत्म हो गया मुकाबला
रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप ए के इस मुकाबले में मध्य प्रदेश ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी एकमात्र पारी में आठ विकेट पर 407 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। जवाब में बिहार की टीम पहली पारी में केवल 99 रन पर सिमट गई और दूसरी पारी में भी 134 रन ही बना सकी। इस तरह मध्य प्रदेश ने बिना दूसरी बार बल्लेबाजी किए ही पारी और 174 रन की बड़ी जीत दर्ज की। यह मध्य प्रदेश की इस सत्र की पहली जीत है और इसके साथ उसे बोनस अंक भी मिला है। बिहार की यह लगातार तीसरी हार है, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मैच का फैसला दूसरे दिन ही हो गया, जो मध्य प्रदेश के दबदबे की कहानी कहता है।
सारांश जैन का करियर-बेस्ट प्रदर्शन
इस जीत के असली नायक रहे 33 वर्षीय ऑफ स्पिनर सारांश जैन। उन्होंने पहली पारी में 40 रन देकर सात विकेट लिए और दूसरी पारी में 49 रन देकर छह विकेट चटकाए। इस तरह उनके मैच के आंकड़े 89 रन देकर 13 विकेट रहे, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ मैच प्रदर्शन 71 रन देकर नौ विकेट था। बिहार की पहली पारी के दौरान ही सारांश ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 200 विकेट का आंकड़ा भी पूरा कर लिया। उनकी गेंदबाजी के सामने बिहार के बल्लेबाज दोनों पारियों में बेबस नजर आए। पहली पारी में उन्होंने अकेले ही बिहार की कमर तोड़ दी और दूसरी पारी में भी निचले क्रम को तेजी से समेट दिया।

पुरोहित और पाटीदार के शतक
मध्य प्रदेश की बड़ी बढ़त की नींव उसके बल्लेबाजों ने रखी। रणजी ट्रॉफी में पदार्पण कर रहे 20 वर्षीय सक्षम पुरोहित ने 214 गेंदों पर 132 रन की पारी खेली। उन्होंने दूसरे दिन अपने रात के स्कोर में 19 रन और जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कप्तान रजत पाटीदार ने 133 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से 109 रन बनाए। यह पाटीदार का लगातार दूसरा रणजी शतक है, इससे पहले उन्होंने पुडुचेरी के खिलाफ 122 रन की पारी खेली थी। यश दुबे ने भी 84 रन का उपयोगी योगदान दिया। पुरोहित और दुबे के बीच पहले विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी हुई, जिसने बिहार के गेंदबाजों को शुरू से ही दबाव में डाल दिया। मध्य प्रदेश ने 308 रन की बढ़त हासिल की और फिर पारी घोषित कर दी।
बिहार की बल्लेबाजी क्यों बिखरी
बिहार की बल्लेबाजी दोनों पारियों में पूरी तरह विफल रही। पहली पारी में टीम केवल 99 रन बना सकी, जिसमें मंगल महरौर के 42 रन ही सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। दूसरी पारी में भी हालात नहीं बदले। आयुष लोहारुका ने 66 गेंदों पर नाबाद 76 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल थे, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई साथ नहीं मिला। दूसरी पारी में बिहार के नौ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। टीम 100 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद 134 रन पर ऑलआउट हो गई। कुमार कार्तिकेय ने भी दोनों पारियों में विकेट लेकर सारांश का अच्छा साथ दिया। बिहार के बल्लेबाजों की यह नाकामी ही मैच के एकतरफा होने की सबसे बड़ी वजह रही।
अंक तालिका में मध्य प्रदेश की स्थिति
इस जीत के बाद मध्य प्रदेश तीन मैचों में एक जीत और दो ड्रॉ के साथ 13 अंक लेकर एलीट ग्रुप ए में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। टीम अब तक इस सत्र में अजेय रही है। अंक तालिका में बड़ौदा 14 अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि उत्तर प्रदेश भी 13 अंकों के साथ मध्य प्रदेश की बराबरी पर है। मध्य प्रदेश का भागफल 2.36 है, जो ग्रुप में दूसरा सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि ग्रुप के कुछ अन्य मुकाबले अभी चल रहे हैं, इसलिए तालिका की स्थिति में आगे बदलाव संभव है। फिर भी दो दिन में मिली इस बड़ी जीत ने मध्य प्रदेश को आगे के मुकाबलों के लिए मजबूत मनोबल दिया है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश का अगला मुकाबला विदर्भ से होगा, उसके बाद उत्तर प्रदेश और फिर गोवा से भिड़ंत होगी। ये तीनों मुकाबले ग्रुप की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि शीर्ष टीमें अंक तालिका में बेहद करीब हैं। सारांश जैन की फॉर्म, पाटीदार की निरंतरता और युवा पुरोहित का आत्मविश्वास मध्य प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत हैं। दूसरी ओर बिहार को अपनी बल्लेबाजी पर गंभीरता से काम करना होगा, वरना उसके लिए इस सत्र में वापसी मुश्किल होती जाएगी। घरेलू क्रिकेट के इस सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हर मैच अंक तालिका की दौड़ को नया मोड़ देता है, और मध्य प्रदेश की यह जीत उसी दौड़ में एक बड़ा कदम है।
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