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9वीं मिनी अंडर-13 राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में इंदौर बना दोनों वर्गों में चैंपियन

सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में इंदौर की टीम

इंदौर ब्यूरो

रतलाम में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। रतलाम जिला सॉफ्टबॉल संघ और मध्यप्रदेश सॉफ्टबॉल संघ के संयुक्त आयोजन में हुई 9वीं मिनी अंडर-13 जूनियर चैंपियनशिप में प्रदेश भर से नन्हे खिलाड़ी पहुंचे थे। यह सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप इंदौर के युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद यादगार रही, क्योंकि इंदौर की बालक और बालिका दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाते हुए खिताब अपने नाम किए और शहर के लिए दोहरी खुशी लेकर आईं। छोटे खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, टीम भावना और मैदान पर दिखी समझ ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। इस चैंपियनशिप ने एक बार फिर दिखाया कि जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले युवा खिलाड़ी आने वाले समय में प्रदेश का नाम और ऊंचा कर सकते हैं।

पूरे आयोजन के दौरान मैदान पर अनुशासन, खेल भावना और कड़ी टक्कर का माहौल देखने को मिला। अलग-अलग जिलों से आई टीमों ने अपनी तैयारी और लगन का परिचय दिया, लेकिन फाइनल मुकाबलों में इंदौर की दोनों टीमों ने संयम और आत्मविश्वास के साथ बाजी मारी। खिलाड़ियों के अभिभावक, प्रशिक्षक और खेल प्रेमी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और हर अच्छे शॉट पर तालियों से हौसला बढ़ाते नजर आए।

बालक वर्ग में इंदौर ने 5-0 से जीता

बालक वर्ग के खिताबी मुकाबले में इंदौर की टीम ने मेजबान रतलाम को 5-0 से पराजित किया। शुरू से ही इंदौर के खिलाड़ियों ने मैदान पर पकड़ बनाए रखी और विपक्षी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी — तीनों विभागों में इंदौर का संतुलित प्रदर्शन देखने को मिला, जिसकी वजह से टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की।

इस वर्ग में चिराग वन्दवाडे, कार्तिक मांजरेकर और अक्ष जैन का खेल विशेष रूप से सराहा गया। तीनों ने महत्वपूर्ण मौकों पर जिम्मेदारी भरी पारियां और चुस्त क्षेत्ररक्षण से टीम को मजबूती दी। उनके साथ पूरी टीम ने एक इकाई के रूप में खेला, जिसका नतीजा फाइनल में स्पष्ट अंतर से मिली जीत के रूप में सामने आया। प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की नियमित मेहनत भी इस सफलता की बड़ी वजह रही।

बालक वर्ग की इस जीत ने यह भी साबित किया कि इंदौर में छोटी उम्र से ही सॉफ्टबॉल की मजबूत नींव रखी जा रही है। मैदान पर युवा खिलाड़ियों का धैर्य और रणनीति को समझकर खेलना देखकर खेल प्रेमियों को आने वाले वर्षों के लिए काफी उम्मीदें बंधी हैं।

बालिका वर्ग में इंदौर ने 8-0 से जीता

बालिका वर्ग में भी इंदौर की टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया। फाइनल में इंदौर ने रतलाम को 8-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में इंदौर की खिलाड़ियों ने शुरू से आक्रामक और आत्मविश्वासी खेल दिखाया। विरोधी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखना और मौकों को भुनाना ही इस बड़ी जीत की कुंजी रहा।

बालिका वर्ग में अंजली, सिद्धि और जैविका ने बेहतरीन खेल का परिचय दिया। तीनों ने मैदान पर फुर्ती, समझदारी और टीम भावना का शानदार नमूना पेश किया। उनके प्रदर्शन ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि दर्शकों के बीच भी खूब प्रशंसा बटोरी। पूरी टीम का तालमेल और एक-दूसरे पर भरोसा इस मुकाबले की सबसे बड़ी ताकत बना।

बालिका वर्ग की यह जीत इंदौर में लड़कियों के बीच सॉफ्टबॉल के बढ़ते रुझान का भी संकेत है। छोटी उम्र में इस स्तर पर इतनी परिपक्वता के साथ खेलना आने वाली खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और अधिक बच्चियों को इस खेल की ओर आकर्षित करेगा।

खिलाड़ियों को मिली बधाई

दोनों वर्गों में खिताब जीतने पर खिलाड़ियों को खेल जगत से जुड़े अनेक लोगों ने बधाई दी। इस अवसर पर डॉ प्रवीण अनावकर, राकेश मिश्रा, राजकुमार सहगल, चंद्रकांत संगोले, समीर गुप्ते, प्रदीप नरूलकर, विनोद रूनवाल, विक्रांत आखरे, सविता पारखे, प्रवीण दवे, सुबोध चौरसिया और राहुल ठाकुर ने खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई की। सभी ने विजेता टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की लगन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग है।

बधाई देने वालों ने उम्मीद जताई कि ये युवा खिलाड़ी आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे और राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी इंदौर और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जुटी पूरी टीम और आयोजकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

इंदौर के लिए दोहरी खुशी

दोनों वर्गों में खिताब जीतकर इंदौर ने राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल में अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित कर दिया है। एक ही चैंपियनशिप में बालक और बालिका दोनों वर्गों में चैंपियन बनना किसी भी शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस दोहरी सफलता से इंदौर के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है और युवा खिलाड़ियों का मनोबल भी काफी बढ़ा है।

इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों, संघ के पदाधिकारियों और अभिभावकों को भी जाता है, जिन्होंने छोटी उम्र के खिलाड़ियों को सही दिशा, अनुशासन और नियमित अभ्यास का माहौल दिया। उम्मीद है कि इस जीत से सॉफ्टबॉल को इंदौर में और बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में और अधिक बच्चे इस खेल से जुड़ेंगे।

कुल मिलाकर रतलाम में संपन्न हुई यह चैंपियनशिप युवा प्रतिभाओं के लिए एक यादगार मंच साबित हुई। इस सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप इंदौर की दोनों टीमों की जीत ने इस आयोजन को शहर के लिए खास बना दिया है और आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

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