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दिल्ली के 6 बड़े रेलवे स्टेशनों पर 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट बंद: बिना कन्फर्म टिकट नहीं मिलेगी प्लेटफॉर्म पर एंट्री, जानें किसे मिलेगी छूट

सांकेतिक चित्र: त्योहारी भीड़ में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के पास सामान के साथ चलते यात्री सांकेतिक चित्र

दिल्ली ब्यूरो

दीपावली और छठ की त्योहारी भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने दिल्ली-एनसीआर के 6 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री 14 नवंबर 2026 तक बंद कर दी है। इस दौरान सिर्फ कन्फर्म रेल टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग और निरक्षर यात्रियों तथा मदद की जरूरत वाली महिला यात्रियों को छोड़ने आने वाले एक सहायक को प्लेटफॉर्म टिकट दिया जाएगा।

किन 6 स्टेशनों पर लागू है रोक

प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर रोक दिल्ली और आसपास के छह प्रमुख स्टेशनों पर लागू की गई है। इनमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली जंक्शन यानी पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट शामिल हैं। ये सभी स्टेशन त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा भीड़ झेलते हैं, क्योंकि दीपावली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों का बड़ा हिस्सा इन्हीं स्टेशनों से होकर गुजरता है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशनों पर भीड़ के सुचारु प्रबंधन के लिए उठाया गया है।

रोक का मकसद साफ है — प्लेटफॉर्म पर सिर्फ वही लोग पहुंचें, जिन्हें वास्तव में ट्रेन पकड़नी है। त्योहारों के दिनों में स्टेशनों पर परिजनों को छोड़ने या लेने आने वाले लोगों की संख्या भी बहुत बढ़ जाती है, जिससे प्लेटफॉर्म पर चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव पड़ता है। इसी दबाव को कम करने के लिए अस्थायी तौर पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री रोकी गई है।

कब तक रहेगी पाबंदी और कहां-कहां नहीं मिलेगा टिकट

यह पाबंदी 3 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी है और 14 नवंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस अवधि में छह स्टेशनों पर किसी भी माध्यम से प्लेटफॉर्म टिकट जारी नहीं किया जाएगा। रोक सिर्फ स्टेशन के टिकट काउंटरों तक सीमित नहीं है — यूटीएस मोबाइल ऐप और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों से भी प्लेटफॉर्म टिकट नहीं खरीदा जा सकेगा। यानी 14 नवंबर तक इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म पर जाने का कोई भी रास्ता प्लेटफॉर्म टिकट से नहीं खुलेगा।

इस दौरान प्लेटफॉर्म पर प्रवेश का नियम भी स्पष्ट कर दिया गया है। सिर्फ कन्फर्म रेल टिकट धारक यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। वेटिंग टिकट या बिना टिकट वाले लोगों को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश नहीं मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और असली यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। त्योहारी सीजन में जब हर ट्रेन में भीड़ होती है, तब प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त लोगों की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरी हो सकती है।

सांकेतिक चित्र: रेलवे स्टेशन के विशाल हॉल में सामान के साथ प्लेटफॉर्म की ओर जाते यात्री
सांकेतिक चित्र

किसे मिलेगी छूट — एक सहायक के साथ एंट्री

रेलवे ने यह भी साफ किया है कि जरूरतमंद यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। बुजुर्ग यात्रियों, बीमार यात्रियों, दिव्यांग यात्रियों और निरक्षर यात्रियों को स्टेशन तक छोड़ने आने वाले एक सहायक को प्लेटफॉर्म टिकट जारी किया जाएगा। इसी तरह, जिन महिला यात्रियों को सहायता की जरूरत है, उनके साथ आने वाले एक सहायक को भी प्लेटफॉर्म टिकट मिलेगा।

यह छूट इसलिए रखी गई है ताकि अकेले यात्रा करने में असमर्थ यात्री बिना परेशानी के अपनी ट्रेन तक पहुंच सकें। सहायक को प्लेटफॉर्म टिकट लेने के लिए स्टेशन पर संबंधित काउंटर से संपर्क करना होगा। रेलवे कर्मी यात्री की जरूरत को देखते हुए सहायक को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति देंगे। आम लोगों के लिए प्लेटफॉर्म टिकट पर रोक है, लेकिन जरूरतमंदों के लिए यह रास्ता खुला रखा गया है।

पार्सल सेवाओं पर भी अस्थायी रोक

प्लेटफॉर्म टिकटों के साथ-साथ रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल सेवाओं पर भी अस्थायी पाबंदियां लगाई हैं। नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल और दिल्ली जंक्शन पर 3 से 15 नवंबर तक विभागीय पार्सल बुकिंग पर रोक रहेगी। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर 5 से 8 नवंबर तक पार्सल की लोडिंग और अनलोडिंग पर रोक लगाई गई है।

पार्सल पर रोक का मकसद भी यही है — त्योहारी भीड़ के दौरान स्टेशनों पर माल की आवाजाही से होने वाली अव्यवस्था को रोकना। जब प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ चरम पर होती है, तब पार्सल की लोडिंग-अनलोडिंग से रास्ते बाधित होते हैं और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए रेलवे ने यात्री सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए पार्सल सेवाओं पर अस्थायी अंकुश लगाया है।

नई दिल्ली स्टेशन पर स्थायी होल्डिंग एरिया

भीड़ प्रबंधन के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक स्थायी यात्री होल्डिंग एरिया भी तैयार किया गया है। यह होल्डिंग एरिया प्लेटफॉर्म नंबर 16 के बाहर अजमेरी गेट की तरफ बनाया गया है। यहां यात्री अपनी ट्रेन के समय से पहले व्यवस्थित तरीके से प्रतीक्षा कर सकेंगे। होल्डिंग एरिया से प्लेटफॉर्म पर नियंत्रित तरीके से यात्रियों को भेजा जाएगा, जिससे प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ जमा नहीं होगी।

त्योहारी सीजन में नई दिल्ली स्टेशन पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आने-जाने वाली ट्रेनों का दबाव सबसे ज्यादा होता है। होल्डिंग एरिया की व्यवस्था से स्टेशन परिसर में भीड़ का बंटवारा होगा और यात्रियों को बैठने-प्रतीक्षा करने की व्यवस्थित जगह मिलेगी। रेलवे की कोशिश है कि भीड़ प्रबंधन की यह व्यवस्था सिर्फ त्योहारों तक सीमित न रहे, बल्कि आगे भी काम आए।

क्यों लिया गया यह फैसला — दीपावली-छठ की भीड़

दीपावली 8 नवंबर को है और उसके बाद छठ का पर्व आता है। इन दोनों त्योहारों पर दिल्ली-एनसीआर से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों की ओर बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाते हैं। दिल्ली के स्टेशनों पर इस दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इसी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे हर साल त्योहारी सीजन में विशेष इंतजाम करता है।

पिछले वर्षों में भी त्योहारी भीड़ के दौरान स्टेशनों पर अव्यवस्था की घटनाएं सामने आती रही हैं। प्लेटफॉर्म पर क्षमता से ज्यादा लोग होने पर भगदड़ का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए रेलवे ने इस बार पहले से ही प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर रोक और पार्सल सेवाओं पर अंकुश जैसे कदम उठाए हैं। मकसद यह है कि त्योहार की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो, और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका न रहे।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

त्योहारी सीजन में दिल्ली के इन छह स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। पहली बात, स्टेशन पर तभी जाएं जब आपके पास कन्फर्म टिकट हो। बिना कन्फर्म टिकट के प्लेटफॉर्म पर प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए स्टेशन पहुंचकर टिकट की व्यवस्था करने की उम्मीद न रखें। दूसरी बात, ट्रेन के समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुंचें, क्योंकि भीड़ के कारण प्रवेश और जांच में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।

तीसरी बात, परिजनों को छोड़ने या लेने आने वाले लोग इस बात को समझें कि 14 नवंबर तक वे प्लेटफॉर्म पर नहीं जा सकेंगे। सिर्फ जरूरतमंद यात्रियों के साथ एक सहायक को ही प्लेटफॉर्म टिकट मिलेगा। चौथी बात, सामान की पैकिंग इस तरह करें कि प्लेटफॉर्म और ट्रेन में आवाजाही आसान रहे। भारी और ज्यादा सामान भीड़ में परेशानी का कारण बन सकता है। पांचवीं बात, स्टेशन पर रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें।

आगे क्या — 14 नवंबर के बाद क्या होगा

प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर रोक 14 नवंबर तक के लिए लगाई गई है। इसके बाद सामान्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि, रेलवे भीड़ की स्थिति को देखते हुए इस अवधि में बदलाव भी कर सकता है। छठ के बाद जब त्योहारी भीड़ कम होने लगेगी, तब स्टेशनों पर सामान्य आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि 14 नवंबर के बाद भी स्टेशन जाने से पहले रेलवे की ताजा जानकारी जरूर देख लें। त्योहारी सीजन में रेलवे समय-समय पर विशेष ट्रेनों और भीड़ प्रबंधन से जुड़े फैसले लेता रहता है। इसलिए यात्रा से पहले टिकट की स्थिति, ट्रेन का समय और स्टेशन से जुड़े नियमों की पुष्टि कर लेना समझदारी होगी। दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे के नियमों का पालन करना हर यात्री की जिम्मेदारी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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