इंदौर ब्यूरो
इंदौर में आज का दिन भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव के नाम रहा। माँ शक्ति की उपासना के भाव से सजी विशाल चुनरी यात्रा ने शहर के मार्गों को भक्तिमय कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति के साथ किन्नर समाज के प्रतिनिधि, महामंडलेश्वर, संत-महात्मा, गुरुजन और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि उत्साह के साथ सम्मिलित हुए। ढोल-ताशों की थाप, लहराते ध्वज और जय माता दी के जयघोष से पूरा वातावरण गूँज उठा और जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ इस पावन यात्रा का दर्शन करने के लिए उमड़ पड़ी।
501 फीट की विशाल चुनरी अर्पित
यात्रा के मार्ग में माँ शक्ति के जयकारों से पूरा शहर गूँज उठा। श्रद्धालुओं ने अपनी गहरी आस्था और भक्ति को व्यक्त करते हुए चुनरी अर्पण किया। यात्रा का समापन माँ अन्नपूर्णा मंदिर में हुआ, जहाँ भक्तों ने माँ को 501 फीट लंबी विशाल चुनरी समर्पित की। इस दृश्य को देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा और माँ के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
सर्वसमाज ने मंचों से किया भव्य स्वागत
इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि अलग-अलग समाजों और समुदायों ने एकजुट होकर यात्रा का स्वागत किया। मुस्लिम समाज, लोहारा समाज और सिख समाज सहित अनेक सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने जगह-जगह स्वागत मंच लगाए। पुष्पवर्षा, अभिनंदन और आत्मीय स्वागत-सत्कार के साथ यात्रा में सम्मिलित श्रद्धालुओं का कई स्थानों पर सम्मान भी किया गया।
सामाजिक समरसता का संदेश
यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सर्वसमाज की एकता का सशक्त संदेश भी लेकर आया। विभिन्न समाजों की सहभागिता ने यह दिखाया कि माँ शक्ति की आराधना के इस पावन अवसर पर पूरा समाज श्रद्धा और सद्भाव के साथ एक साथ खड़ा है। यही एकता इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान बनी।
पंकज फतेहचंदानी ने जताया आभार
आयोजन के बारे में आयोजक पंकज फतेहचंदानी ने बताया कि इस विशाल चुनरी यात्रा का उद्देश्य जन-जन को माँ शक्ति की आराधना से जोड़ना, सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना तथा समाज में एकता, सद्भाव और समरसता की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने यात्रा में सम्मिलित हुईं सभी मातृशक्तियों, किन्नर समाज, संत-महात्माओं, महामंडलेश्वरों, गुरुओं, ब्राह्मण समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वागत करने वाले सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि समाज की सामूहिक सहभागिता ही ऐसे धार्मिक आयोजनों की सबसे बड़ी शक्ति है।
श्रद्धा, भक्ति और एकता का संदेश
माँ शक्ति के जयघोष, ढोल-ताशों की गूँज और सर्वसमाज की सहभागिता के बीच संपन्न हुई यह विशाल चुनरी यात्रा इंदौर में श्रद्धा, भक्ति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश दे गई। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आने वाले समय में भी इसी उत्साह और एकजुटता के साथ मनाने का संकल्प लिया।
