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इंदौर में प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: 150 किलो पॉलीथीन जब्त, 50 हजार का स्पॉट फाइन

पॉलीथीन के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई

इंदौर ब्यूरो

इंदौर शहर, जो स्वच्छता में अपनी खास पहचान रखता है, वहां प्रतिबंधित पॉलीथीन कैरी बैग के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। जवाहर मार्ग पर हुई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथीन कैरी बैग बरामद किए गए और संबंधित प्रतिष्ठान पर भारी जुर्माना लगाया गया। निगम का कहना है कि प्रतिबंधित सामग्री के उपयोग, भंडारण और बिक्री के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इस कार्रवाई का मकसद केवल जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि बाजार में यह साफ संदेश देना है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की टीम ने दुकान की जांच के दौरान प्रतिबंधित पॉलीथीन का बड़ा भंडार पाया, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई से आसपास के व्यापारियों में भी हलचल मच गई और कई लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों में रखी सामग्री को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी।

कहां हुई कार्रवाई?

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जोन क्रमांक 2 के वार्ड क्रमांक 69 के अंतर्गत जवाहर मार्ग स्थित बी.के. पैकेजिंग मटेरियल की दुकान पर कार्रवाई की। जांच के दौरान दुकान में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथीन कैरी बैग रखे हुए मिले, जिन्हें टीम ने मौके पर ही जब्त कर लिया। जब्त की गई पॉलीथीन का कुल वजन करीब 150 किलोग्राम बताया गया है।

कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान पर 50,000 रुपये का स्पॉट फाइन भी लगाया गया। निगम की टीम ने दुकान में रखी सामग्री की जांच की और नियमों के खिलाफ पाई गई पॉलीथीन को अलग कर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की। आसपास के दुकानदारों ने भी इस कार्रवाई को देखा और निगम की सख्ती को लेकर चर्चा करते नजर आए।

किसके निर्देश पर हुई कार्रवाई?

यह कार्रवाई आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार की गई। अपर आयुक्त श्री प्रखर सिंह ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ निगम की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है।

उक्त कार्रवाई स्वास्थ्य अधिकारी श्री गौतम भाटिया, सीएसआई श्री आशीष कापसे एवं जोन क्रमांक 16 के एसीएसआई श्री महेंद्र सिंह चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई। टीम ने मौके पर पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा किया और जब्त सामग्री का ब्योरा तैयार किया। निगम अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की संयुक्त टीमों के जरिए शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच का काम लगातार चलता रहेगा।

क्यों प्रतिबंधित है पॉलीथीन?

पॉलीथीन पर्यावरण के लिए हानिकारक मानी जाती है। यह जल्दी नष्ट नहीं होती और लंबे समय तक मिट्टी और पानी में बनी रहती है। खुले में फेंकी गई पॉलीथीन नालियों को जाम करती है, जिससे बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या और बढ़ जाती है। यही वजह है कि पॉलीथीन को पर्यावरण और शहर की सफाई के लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

पॉलीथीन जानवरों के लिए भी खतरनाक है। कचरे के साथ पॉलीथीन खा लेने से जानवरों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा पॉलीथीन मिट्टी की उर्वरता को भी प्रभावित करती है। इसी कारण शासन ने पॉलीथीन कैरी बैग के उपयोग, भंडारण और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

निगम का अभियान जारी

नगर निगम द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथीन कैरी बैग के उपयोग एवं विक्रय पर रोक लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बाजारों, दुकानों और थोक विक्रेताओं के यहां जांच की जा रही है। निगम की टीमें समय-समय पर अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित कर रही हैं।

निगम का मानना है कि सिर्फ कार्रवाई से ही बदलाव नहीं आएगा, बल्कि लोगों में जागरूकता भी जरूरी है। इसलिए अभियान के दौरान व्यापारियों और आम लोगों को प्रतिबंधित पॉलीथीन के नुकसान के बारे में भी समझाया जा रहा है। शहर की स्वच्छता और पर्यावरण को बनाए रखने के लिए निगम ने आने वाले दिनों में भी इस अभियान को और तेज करने का इरादा जताया है।

व्यापारियों से अपील

निगम ने संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शासन के नियमों का पालन करने तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने की अपील की है। निगम का कहना है कि कपड़े के थैले, कागज के थैले और अन्य टिकाऊ विकल्पों को अपनाकर व्यापारी भी इस अभियान में अपना योगदान दे सकते हैं। नियमों का पालन करने से न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचता है।

जवाहर मार्ग की इस कार्रवाई को निगम के अभियान का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी बाजारों में जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। व्यापारियों और नागरिकों से यही उम्मीद की जा रही है कि वे प्रतिबंधित पॉलीथीन से दूरी बनाएं और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाकर इंदौर को और अधिक स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करें।

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