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पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, कहा- प्रकाश की विजय का पर्व है दीपावली, विकसित भारत का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) फाइल चित्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली ब्यूरो

सार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की शाश्वत विजय का पर्व है। प्रधानमंत्री ने हर घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दीपावली के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सरकार के जन संपर्क पोर्टल पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रिय देशवासियों, दीपावली के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं! यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की शाश्वत विजय का उत्सव है।” प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देशभर में दीपावली पर्व की तैयारियां अपने चरम पर हैं, बाजारों में रौनक है और घर-घर दीये जलाने की तैयारियां चल रही हैं। देश के कोने-कोने में लोग इस पर्व को अपने परिवार और समाज के साथ मनाने की तैयारी में जुटे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दीपावली को केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध परंपराओं को संजोने और एकजुटता के बंधन को मजबूत करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और समाज में सौहार्द और भाईचारे की भावना को नई ताकत देता है। प्रधानमंत्री के इस संदेश को देशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और सोशल मीडिया पर भी दीपावली की शुभकामनाओं का दौर जारी रहा।

प्रधानमंत्री का संदेश: अंधकार पर प्रकाश की विजय

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दीपावली के गहरे अर्थ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दीपावली का हर दीया अंधकार को दूर करने और आशा की किरण जगाने का प्रतीक है। उनके शब्दों में, यह पर्व हमें सिखाता है कि कितना भी गहरा अंधेरा क्यों न हो, प्रकाश की एक छोटी सी लौ भी उसे दूर कर सकती है। यही भावना हर भारतीय के जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास भरती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “दीपावली हर घर को सुख, सामंजस्य और समृद्धि से रोशन करे। यह त्योहारी मौसम हमें दया फैलाने, सकारात्मकता अपनाने और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में काम करने की प्रेरणा दे।” उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस पर्व पर अपने आसपास के लोगों के जीवन में खुशियां बांटें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री का मानना है कि त्योहारों का असली अर्थ तभी सार्थक होता है जब उसकी खुशी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हर परिवार के लिए सुख और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण का ध्यान रखते हुए और सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाएं, ताकि यह पर्व सभी के लिए आनंद और उल्लास का अवसर बने।

विकसित भारत का संकल्प: नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने अपने दीपावली संदेश में विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देशवासी नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें और एक समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करें। प्रधानमंत्री का यह आह्वान ऐसे समय आया है जब देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और हर क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है।

विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय की साझा आकांक्षा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब हर नागरिक सकारात्मक सोच के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तभी देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। दीपावली का पर्व इसी सकारात्मकता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

इससे पहले धनतेरस के अवसर पर भी प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी थीं और सुख-स्वास्थ्य की कामना करते हुए स्थानीय उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया था। दीपावली के इस संदेश में भी वही भावना झलकती है कि त्योहारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। प्रधानमंत्री का संदेश केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें देश के भविष्य की दिशा भी स्पष्ट दिखाई देती है।

छोटी दीपावली और पर्व का माहौल

सांकेतिक चित्र: जलते दीप
सांकेतिक चित्र

आज छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी मनाई जा रही है और देशभर में दीपावली पर्व का माहौल बना हुआ है। घरों में साफ-सफाई और सजावट का काम पूरा हो चुका है, बाजारों में दीये, मोमबत्तियां, रंगोली के रंग और मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर है। लोग अपने घरों को दीयों और रोशनी से सजाने की तैयारी में जुटे हैं। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां चल रही हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

दीपावली का पर्व पांच दिनों तक चलने वाला उत्सव है, जिसमें धनतेरस, छोटी दीपावली, मुख्य दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज शामिल हैं। हर दिन का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व है। छोटी दीपावली के दिन यम के दीये जलाने और घरों में दीप जलाकर अंधकार दूर करने की परंपरा है। इसके बाद मुख्य दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिसमें सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी शहरों में बाजार सजे हुए हैं और लोग खरीदारी में व्यस्त हैं। मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीपों की सजावट की जा रही है। प्रशासन ने भी पर्व के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्थाएं की हैं, ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से त्योहार मना सकें।

सैनिकों के साथ दीपावली की परंपरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक खास परंपरा रही है कि वे दीपावली का पर्व देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ मनाते हैं। पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री दीपावली के अवसर पर जवानों के बीच पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाते रहे हैं और उनके साथ समय बिताते रहे हैं। यह परंपरा देश के सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बन गई है।

इस बार भी मीडिया रिपोर्टों में यह चर्चा है कि प्रधानमंत्री दीपावली पर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास तैनात जवानों के साथ पर्व मना सकते हैं। हालांकि, इस संभावित दौरे के बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा होने पर ही इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। लेकिन इतना तय है कि प्रधानमंत्री की सैनिकों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा ने देशभर में लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है।

सीमा पर तैनात जवान दीपावली जैसे बड़े पर्व पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री का उनके बीच पहुंचना उनके मनोबल को बढ़ाता है और देशवासियों को यह एहसास दिलाता है कि त्योहारों की असली रौनक उन जवानों की बदौलत ही संभव है, जो दिन-रात देश की सेवा में लगे हैं।

व्हाइट हाउस में भी दीपावली का उत्सव

दीपावली का उत्सव इस बार भारत तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका के व्हाइट हाउस में भी दीपावली मनाई गई। रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार को व्हाइट हाउस में हुए दीपावली समारोह में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिस्सा लिया। यह आयोजन दिखाता है कि दीपावली अब केवल भारत का पर्व नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया भर में भारतीय समुदाय और भारतीय संस्कृति की पहचान बन गया है।

दुनिया के कई देशों में भारतीय समुदाय दीपावली को बड़े उत्साह के साथ मनाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में दीपावली के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। व्हाइट हाउस में दीपावली का आयोजन इसी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

देशभर में दीपावली की रौनक: अयोध्या से उज्जैन तक

देशभर में दीपावली की रौनक अपने चरम पर है। अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सरयू के घाट लाखों दीयों से जगमगा उठे। यह आयोजन हर साल देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। अयोध्या के बाद अब देश के अन्य धार्मिक नगरों में भी दीपावली के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

काशी, उज्जैन, दिल्ली और भोपाल सहित देश के प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां चल रही हैं और लोग अपने परिवारों के साथ पूजा की तैयारी में जुटे हैं। उज्जैन के महाकाल मंदिर और काशी के विश्वनाथ मंदिर में भी दीपावली पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में भी दीपावली का उत्साह देखते ही बनता है। भोपाल के बाजारों में लोगों की भारी भीड़ है और इंदौर में भी खरीदारी का दौर जारी है। उज्जैन में महाकाल की नगरी दीपों से सज रही है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग पारंपरिक तरीके से दीपावली मना रहे हैं, जिसमें मिट्टी के दीये, रंगोली और घरों की सजावट शामिल है।

आगे क्या: पर्व का संदेश जीवन में उतारने का आह्वान

प्रधानमंत्री का दीपावली संदेश केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन के लिए एक गहरा संदेश छिपा है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का अर्थ है कि हर कठिनाई के बाद आशा की किरण जरूर आती है। यह संदेश हर भारतीय को अपने जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने और कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा देता है।

दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है और भाई दूज पर भाई-बहन के स्नेह का पर्व मनाया जाता है। इस तरह दीपावली का उत्सव कई दिनों तक चलता है और हर दिन समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता की भावना को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जिस विकसित भारत का आह्वान किया है, वह तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपनी भूमिका निभाएगा। दीपावली का पर्व हमें यही सिखाता है कि छोटा सा दीया भी अंधकार को दूर कर सकता है। इसी तरह हर व्यक्ति का छोटा सा प्रयास भी देश के बड़े बदलाव में योगदान दे सकता है। यही दीपावली का असली संदेश है और यही विकसित भारत की नींव है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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