डेस्क रिपोर्ट
नवरात्रि के आखिरी दिन आते-आते शरीर पर व्रत, जागरण, गरबा-डांडिया और त्योहार की भागदौड़ का असर दिखने लगता है। कई लोगों को थकान, एसिडिटी, सिरदर्द और नींद की कमी महसूस होती है। ऐसे में कुछ सरल सावधानियों से सेहत को संभाला जा सकता है।
व्रत में पानी की कमी न होने दें
व्रत के दौरान लोग अक्सर पानी कम पीते हैं, जिससे थकान और सिरदर्द बढ़ता है। दिन में थोड़ा-थोड़ा पानी, नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी लेते रहें। एक साथ बहुत ज्यादा ठंडा या मीठा पेय लेने से बचें।
व्रत खोलते समय हल्का भोजन लें
लंबे व्रत के बाद एक साथ भारी, तला-भुना या बहुत मसालेदार भोजन पेट पर भारी पड़ सकता है। पहले फल, हल्की खिचड़ी, दही या सूप लें, फिर सामान्य भोजन करें। धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाएं।
नींद पूरी करें
जागरण और देर रात के कार्यक्रमों से नींद पूरी नहीं हो पाती। कोशिश करें कि रात में कम से कम 6-7 घंटे की नींद लें। दिन में छोटी झपकी लेना भी ठीक है, पर दिन में बहुत देर तक सोने से रात की नींद खराब हो सकती है।
थोड़ी सैर और हल्की कसरत
पूरे दिन बैठे रहने के बजाय सुबह या शाम को 20-30 मिनट टहलें। हल्की स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों की जकड़न कम होगी। बहुत थके होने पर भारी कसरत से बचें।
गरबा-डांडिया के बाद शरीर को आराम दें
गरबा-डांडिया में पसीना ज्यादा आता है, इसलिए बाद में पानी और हल्का नमकीन भोजन लें। पैरों में दर्द हो तो गुनगुने पानी से सिकाई करें। जूते-चप्पल आरामदायक पहनें।
कब डॉक्टर से सलाह लें
अगर चक्कर, उल्टी, सीने में दर्द, सांस फूलना, तेज बुखार या लगातार कमजोरी महसूस हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें — नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। मधुमेह, ब्लड प्रेशर या हृदय रोग वाले लोग व्रत और दवा को लेकर अपने डॉक्टर से जरूर पूछें।
नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, किसी बीमारी का इलाज नहीं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर अपने डॉक्टर की सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।
