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रेलवे में स्टेशन मास्टर के 1,265 पदों पर भर्ती: 27 अक्टूबर से आवेदन शुरू, ग्रेजुएट कर सकते हैं अप्लाई, जानें योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया

सांकेतिक चित्र: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन सांकेतिक चित्र: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन

नई दिल्ली ब्यूरो

सार: रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्टेशन मास्टर के 1,265 पदों पर भर्ती के लिए केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना CEN 08/2026 जारी कर दी है। 27 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है। किसी भी विषय में स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि पहली बार स्टेशन मास्टर के पदों को एनटीपीसी से अलग करके अधिसूचित किया गया है, इसलिए इस भर्ती पर देशभर के लाखों युवाओं की नजर है।

रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत देशभर में कुल 1,265 पद भरे जाएंगे। आवेदन की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 25 नवंबर 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट तक आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इस भर्ती का समन्वय अजमेर बोर्ड कर रहा है और देश के 21 रेलवे भर्ती बोर्डों के तहत पदों का बंटवारा किया गया है।

कितने पद और किस अधिसूचना के तहत भर्ती

यह भर्ती केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना संख्या 08/2026 के तहत हो रही है। इसके तहत स्टेशन मास्टर के कुल 1,265 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। श्रेणीवार बंटवारे के अनुसार अनारक्षित वर्ग के लिए 542 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 296 पद, अनुसूचित जाति के लिए 176 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 147 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 104 पद निर्धारित किए गए हैं। इन सभी श्रेणियों के पदों का योग कुल 1,265 होता है।

पहली बार स्टेशन मास्टर के पदों को एनटीपीसी की भर्ती से अलग करके अधिसूचित किया गया है। पहले ये पद एनटीपीसी के तहत ही भरे जाते थे, लेकिन अब इनके लिए अलग अधिसूचना जारी की गई है। इससे स्टेशन मास्टर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए चयन प्रक्रिया भी साफ हो गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय केवल एक रेलवे भर्ती बोर्ड का चयन करना होगा, इसलिए बोर्ड का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन: योग्यता की शर्तें

स्टेशन मास्टर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता के तौर पर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री मांगी गई है। इसका मतलब यह है कि कला, वाणिज्य, विज्ञान या किसी अन्य धारा से स्नातक उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। विषय की कोई बंदिश नहीं रखी गई है, जो इस भर्ती को बड़ी संख्या में युवाओं के लिए खोल देता है।

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अधिसूचना में दी गई योग्यता से जुड़ी सभी शर्तें ध्यान से पढ़ लेनी चाहिए। डिग्री से जुड़ी अंतिम तिथि, प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की जानकारी अधिसूचना में विस्तार से दी गई है। अधूरी या गलत जानकारी के साथ किया गया आवेदन बाद में रद्द भी हो सकता है, इसलिए फॉर्म भरते समय हर विवरण को दोबारा जांचना जरूरी है।

सांकेतिक चित्र: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन
सांकेतिक चित्र: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन

आयु सीमा और छूट का गणित

इस भर्ती के लिए आयु सीमा 1 जनवरी 2027 के आधार पर तय की गई है। सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों की आयु 20 वर्ष से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जन्मतिथि के हिसाब से सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों का जन्म 2 जनवरी 1994 से 1 जनवरी 2007 के बीच होना चाहिए।

आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-क्रीमी लेयर उम्मीदवारों को तीन वर्ष की छूट मिलेगी और उनका जन्म 2 जनवरी 1991 से पहले नहीं होना चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को पांच वर्ष की छूट दी गई है और उनका जन्म 2 जनवरी 1989 से पहले नहीं होना चाहिए। पूर्व सैनिकों सहित अन्य विशेष श्रेणियों के लिए भी नियमानुसार छूट का प्रावधान है, जिसकी पूरी जानकारी अधिसूचना में उपलब्ध है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें

ऑनलाइन आवेदन 27 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें, क्योंकि अंतिम दिनों में पोर्टल पर दबाव बढ़ सकता है।

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन शुल्क, फॉर्म में सुधार की विंडो और अन्य प्रक्रियागत विवरण अधिसूचना में दिए गए हैं, इसलिए आवेदन से पहले अधिसूचना को पूरा पढ़ना जरूरी है। फॉर्म भरने के बाद उसकी एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखना भी उम्मीदवारों के काम आएगा।

वेतनमान और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन स्तर-6 में रखा जाएगा। इस स्तर का शुरुआती मूल वेतन 35,400 रुपये प्रतिमाह है। इसके अलावा रेलवे के नियमानुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्ते भी मिलेंगे, जिससे कुल वेतन मूल वेतन से काफी अधिक हो जाएगा।

रेलवे की नौकरी में वेतन के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें चिकित्सा सुविधा, यात्रा सुविधा और सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ शामिल हैं। यही वजह है कि स्टेशन मास्टर का पद युवाओं के बीच लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। यह पद न केवल आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि रेल संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपता है।

चयन प्रक्रिया: अब एक ही सीबीटी, सीबीटी-2 नहीं

इस बार चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले की तुलना में अब केवल एकल कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी होगी और सीबीटी-2 को हटा दिया गया है। सीबीटी में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे और परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी। गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की निगेटिव मार्किंग लागू होगी, इसलिए अनुमान पर उत्तर देने से बचना समझदारी होगी।

सीबीटी में सफल उम्मीदवारों में से पदों की संख्या के आठ गुना उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट यानी सीबैट के लिए बुलाया जाएगा। सीबैट केवल अंग्रेजी और हिंदी भाषा में होगा। अंतिम मेरिट में सीबीटी का 70 प्रतिशत और सीबैट का 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण होगा। चिकित्सा मानक ए-2 निर्धारित किया गया है, जिसमें दृष्टि से जुड़े मानक सख्त हैं, इसलिए उम्मीदवारों को अधिसूचना में दिए गए चिकित्सा मानकों को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए।

स्टेशन मास्टर का काम: जिम्मेदारी बड़ी, भूमिका अहम

स्टेशन मास्टर रेलवे संचालन की धुरी होता है। उसके जिम्मे स्टेशन से ट्रेनों के सुरक्षित आवागमन, सिग्नल व्यवस्था के साथ समन्वय, नियंत्रण कक्ष से संपर्क और यात्रियों को सही जानकारी देना जैसे काम होते हैं। किसी भी ट्रेन के आने-जाने, ठहराव और मार्ग से जुड़े फैसलों में स्टेशन मास्टर की भूमिका केंद्रीय होती है।

यह पद अनुशासन, सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता मांगता है। छोटे से छोटे स्टेशन पर भी स्टेशन मास्टर को हर समय सतर्क रहना होता है, क्योंकि उसकी एक चूक का असर पूरी रेल व्यवस्था पर पड़ सकता है। यही कारण है कि चयन में एप्टीट्यूड टेस्ट को खास महत्व दिया गया है, ताकि ऐसे उम्मीदवार चुने जाएं जो दबाव में भी सही निर्णय ले सकें।

मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खास मौका

मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का यह अवसर इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। हाल की जिला स्तरीय रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि ग्वालियर-भोपाल क्षेत्र में हर दस में से तीन युवा न काम में हैं, न पढ़ाई में और न प्रशिक्षण में। ऐसे में रेलवे जैसी बड़ी भर्ती युवाओं के लिए रोजगार का ठोस रास्ता खोलती है।

प्रदेश का रेल नेटवर्क देश के सबसे व्यस्त नेटवर्कों में से एक है और भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जैसे शहरों से बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है। इसलिए मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती दोहरी अहमियत रखती है — एक ओर यह केंद्र सरकार की नौकरी का अवसर है और दूसरी ओर रेलवे से जुड़ी सेवाओं का प्रदेश में बड़ा दायरा है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपने क्षेत्र और सुविधा के अनुसार बोर्ड का चयन करें और आवेदन से पहले अधिसूचना की हर शर्त को जांच लें।

आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

आवेदन करते समय सबसे पहले यह तय करें कि आप किस रेलवे भर्ती बोर्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, क्योंकि केवल एक बोर्ड के लिए ही आवेदन किया जा सकता है। इसके बाद अपनी शैक्षणिक योग्यता, जन्मतिथि और श्रेणी से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें। फॉर्म में नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण ठीक वैसे ही भरें जैसे वे आपके प्रमाणपत्रों में दर्ज हैं।

फर्जी वेबसाइटों और दलालों से सावधान रहना भी उतना ही जरूरी है। रेलवे की भर्तियों के नाम पर ठगी की घटनाएं सामने आती रही हैं, इसलिए आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी व्यक्ति को शुल्क के नाम पर अतिरिक्त राशि न दें। आवेदन से जुड़ी हर आधिकारिक सूचना केवल अधिसूचना और आधिकारिक पोर्टल पर ही उपलब्ध होती है।

आगे क्या होगा: परीक्षा की तारीख बाद में

फिलहाल परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा कार्यक्रम, प्रवेश पत्र और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर रखें और किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

तैयारी की दृष्टि से उम्मीदवारों को गणित, तार्किक क्षमता, मानसिक अभिरुचि, बुनियादी विज्ञान और आंकड़ों के विश्लेषण पर ध्यान देना चाहिए। इस बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया गया है और सामान्य जागरूकता से जुड़े प्रश्नों की जगह विश्लेषणात्मक क्षमता पर अधिक जोर दिया गया है। नियमित अभ्यास, पिछले प्रश्नपत्रों का अध्ययन और समय प्रबंधन इस परीक्षा में सफलता की कुंजी साबित होंगे।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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