डेस्क रिपोर्ट।
सार: सर्दी में आंखों की देखभाल — ठंडी और शुष्क हवा, हीटर की गर्म हवा और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखें सूखी, थकी और लाल पड़ जाती हैं — स्क्रीन से नियमित ब्रेक, पलक झपकाने की आदत और कुछ सरल आदतों से आंखों को आराम दिया जा सकता है।
सर्दी आते ही त्वचा और बालों की तरह आंखें भी शुष्क होने लगती हैं। सुबह उठते ही आंखों में खिंचाव, दिनभर कंप्यूटर या मोबाइल देखने के बाद थकान, और शाम को आंखों का लाल पड़ना — ये सब सर्दी में आम शिकायतें हैं। अच्छी बात यह है कि आंखों की देखभाल के लिए किसी महंगे उपाय की जरूरत नहीं है; दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव ही काफी हैं।
सर्दी में आंखें क्यों सूखती हैं
सर्दी में हवा शुष्क हो जाती है और घरों में हीटर या अंगीठी की गर्म हवा भी नमी कम कर देती है। आंखों की सतह पर आंसुओं की पतली परत होती है, जो शुष्क हवा में जल्दी सूख जाती है। स्क्रीन देखते समय हम पलकें कम झपकाते हैं, जिससे यह परत और जल्दी टूटती है। यही वजह है कि सर्दी में आंखों में चुभन, धुंधलापन और थकान महसूस होती है। धूल और धुएं से भी आंखों में जलन बढ़ सकती है।
सर्दी में आंखों की देखभाल: स्क्रीन से ब्रेक का सरल नियम
सर्दी में आंखों की देखभाल का सबसे आसान नियम है — हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक। स्क्रीन से नजर हटाकर करीब 20 फीट दूर किसी चीज को देखें और इस दौरान पलकें जानबूझकर झपकाएं। यह छोटा ब्रेक आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है और आंसुओं की परत को फिर से बनने का समय देता है। काम के बीच हर घंटे 5 मिनट के लिए खड़े होकर दूर देखना भी आंखों के लिए अच्छा है। रात में सोने से कम से कम आधा घंटा पहले स्क्रीन बंद करना नींद और आंखों दोनों के लिए फायदेमंद है।

गुनगुना सेंक और साफ-सफाई
सुबह या शाम को साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर आंखों पर 5 मिनट रखने से थकी आंखों को आराम मिलता है। यह उपाय पलकों की ग्रंथियों को खोलने में भी मदद करता है। आंखों को बार-बार हाथों से न रगड़ें — हाथों की गंदगी से जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। बाहर से आने के बाद चेहरा और आंखों के आसपास की त्वचा साफ पानी से धो लें। धूल भरी जगह पर जाते समय चश्मा पहनना आंखों को सीधी हवा और धूल से बचाता है।
सर्दी में आंखों की देखभाल: खानपान और पानी का ध्यान
सर्दी में आंखों की देखभाल में खानपान और पानी का भी बड़ा योगदान है। सर्दी में प्यास कम लगती है, पर शरीर में पानी की कमी आंखों की शुष्कता बढ़ा सकती है — दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, आंवला और सूखे मेवे आंखों के लिए अच्छे माने जाते हैं। विटामिन ए से जुड़े खाद्य पदार्थ आंखों की सेहत के लिए उपयोगी हैं। धूम्रपान आंखों की शुष्कता और जलन बढ़ाता है, इसलिए इससे बचना ही बेहतर है।
कब डॉक्टर से सलाह लें
अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन, रोशनी से तेज चुभन, आंखों से पानी या कीचड़ आना, या नजर में अचानक बदलाव दिखे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और आंखों के डॉक्टर से सलाह लें। चश्मा पहनने वालों को सर्दी में चश्मे की जांच भी करवा लेनी चाहिए, क्योंकि नंबर में बदलाव से भी थकान बढ़ सकती है। बच्चों में आंखों को बार-बार रगड़ना या किताब बहुत पास से पढ़ना दिखे, तो भी जांच करवाना अच्छा है।
सर्दियों में आंखों की देखभाल पर जानकारी
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, किसी बीमारी का इलाज नहीं है। आंखों से जुड़ी किसी परेशानी में डॉक्टर की सलाह ही अंतिम मानी जाए।
