भोपाल ब्यूरो
सार: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सख्त निर्देश दिए हैं — किसानों को खाद की किल्लत हुई तो संबंधित जिले के कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में अवैध शराब, नशे के कारोबार और त्योहारों की तैयारियों पर भी दो टूक निर्देश दिए गए।
दीपावली का त्योहार नजदीक है और खेती-किसानी का अहम समय भी चल रहा है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में कानून व्यवस्था, त्योहारों की तैयारियों और किसानों की जरूरतों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी लोग दीपावली हर्ष और आनंद से मनाएं, लेकिन कहीं भी किसी भी प्रकार का असामाजिक काम नहीं होना चाहिए। इसके लिए पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था की सभी तैयारियां चाक-चौबंद कर ले। बैठक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
खाद की किल्लत हुई तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
बैठक में सबसे ज्यादा जोर किसानों को खाद की उपलब्धता पर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खेती-किसानी और खाद की मांग का महत्वपूर्ण समय है। किसी भी जिले में किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिली तो कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे। कलेक्टरों से लेकर कृषि और विपणन विभाग के अधिकारियों को वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसानों को खाद की आपूर्ति में कोई कठिनाई नहीं होने पाए और अधिकारी-कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहें। बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने बताया कि प्रदेश में खाद की आपूर्ति सामान्य है और स्टॉक की कोई परेशानी नहीं है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मैदानी स्तर पर अगर कोई किसान खाद के लिए परेशान होता है तो उसकी जवाबदेही सीधे जिला प्रशासन की होगी।
रबी सीजन के इस समय में खाद की मांग सबसे ज्यादा रहती है। किसान बुआई के लिए खाद और उर्वरक लेने समितियों और वितरण केंद्रों पर पहुंचते हैं। ऐसे में वितरण में लापरवाही, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टरों को समितियों और बिक्री केंद्रों का निरीक्षण करने और खाद का पर्याप्त भंडार, समय पर आपूर्ति और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद या अन्य जरूरी चीजें पाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
12 जिलों में फसल नुकसान का सर्वे, राहत राशि का निर्देश
बैठक में फसल नुकसान के सर्वे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 12 जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए। आनावारी के आंकड़े आने के बाद जल्द सर्वे होगा और पात्रता के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। कम वर्षा वाले इलाकों में किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता में है। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि सर्वे की प्रक्रिया में कोई देरी न हो और पात्र किसानों तक राहत समय पर पहुंचे।
अवैध शराब पर सख्ती: निर्माण से बिक्री तक कार्रवाई
बैठक में अवैध शराब के कारोबार पर भी सख्त रुख अपनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी जिले में अवैध शराब का कारोबार मिला तो जिम्मेदारी सीधे कलेक्टरों की होगी। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जहरीली और नकली शराब बनाने के ठिकानों की पहचान कर उन्हें खत्म करने को कहा गया है। हाल के दिनों में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत की घटना के बाद सरकार इस मोर्चे पर कोई ढिलाई नहीं चाहती।
मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के कारोबार में एजेंटी, पैकारी और डायरी व्यवस्था को रोकने के निर्देश दिए। शराब परिवहन में लगे वाहनों का भौतिक सत्यापन कराने और लाइसेंसी दुकानों पर तय कीमत से अधिक वसूली रोकने को कहा गया। पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर शराब के नमूने भी लें। इनमें मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व मिलने पर संबंधित लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित न रहे, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क पर चोट की जाए।
नशे के नेटवर्क पर भी चलेगा अभियान
नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में भी सिर्फ छोटे विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गांजा और अफीम की अवैध खेती, मादक पदार्थ बनाने वाली लैब और इनके पीछे काम कर रहे बड़े नेटवर्क को निशाने पर लिया जाए। इसके लिए पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर सघन जांच करने को कहा गया है। अधिकारियों को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके।
दीपावली पर सुरक्षा और छोटे दुकानदारों को राहत

दीपावली के दौरान प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल पर निगरानी रखने के साथ कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कार्बाइड गन और लैंप मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, इसलिए इन पर अंकुश लगाना जरूरी बताया गया है। पुलिस और प्रशासन को त्योहार के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखने को कहा गया है।
वहीं, बड़े बाजारों में फल, फूल, दिया-बाती और झालर बेचने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि त्योहार के दौरान छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। छोटे-छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी त्योहारों से जुड़ी होती है, इसलिए प्रशासन का रवैया उनके प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। जिलों के अधिकारियों को छोटे-छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालय और वृद्धाश्रम में जाकर दीपावली मनाने को भी कहा गया है।
धनतेरस पर गांव-गांव रजिस्ट्री, पटवारियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को धनतेरस पर स्वामित्व रजिस्ट्री अभियान को गति देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायकों के साथ गांवों में जाकर अधिक से अधिक पात्र परिवारों की रजिस्ट्री कराई जाए। धनतेरस के दिन अपने जिले के अधिक से अधिक गांवों में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने के लिए कलेक्टरों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जाने को कहा गया है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मकान और जमीन का कानूनी हक मिल रहा है, और इस अभियान को त्योहार के मौके पर और तेज करने की तैयारी है।
रजिस्ट्री कराने में जिन पटवारियों और तहसीलदारों ने उल्लेखनीय काम किया है, उन्हें आगामी 26 जनवरी को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी यह उपलब्धि सर्विस बुक में भी दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदानी अमले के अच्छे काम को पहचान मिलनी चाहिए, ताकि दूसरे अधिकारी-कर्मचारी भी इससे प्रेरणा लें।
नौ नवंबर को प्रदेशभर में गोवर्धन पूजा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने नौ नवंबर को प्रदेशभर में गोवर्धन पूजा के आयोजन करने को कहा है। इस दिन भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। जिलों की गौशालाओं में भी पूजा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जरूरत के अनुसार बैलगाड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव भी दिया। गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पर्व को लेकर प्रदेशभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आगे क्या
मुख्यमंत्री की इस बैठक के बाद अब जिलों में निर्देशों के पालन की निगरानी शुरू होगी। कलेक्टरों को खाद वितरण की नियमित रिपोर्ट देनी होगी और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी साझा करनी होगी। दीपावली के दौरान पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहेगा। त्योहार के बाद भी इन निर्देशों का असर देखा जाएगा — खासकर यह कि किसानों को खाद समय पर मिली या नहीं और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कितनी असरदार रही। आने वाले दिनों में जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।
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