राजस्थान की शहरी सियासत में भाजपा ने बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में अब भाजपा के महापौर होंगे। शुक्रवार को जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगमों में हुए महापौर चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि शनिवार को तीनों निगमों में डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान हो रहा है।
जयपुर नगर निगम में भाजपा के सुनील कोठारी महापौर निर्वाचित हुए। कुल 150 पार्षदों ने मतदान किया, जिसमें कोठारी को 89 वोट मिले, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को 60 वोट मिले और एक वोट नोटा में गया। इस तरह कोठारी ने 29 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा के पास निगम में 78 पार्षद थे और 11 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से पार्टी के पक्ष में 89 वोट आए। कांग्रेस के 57 पार्षदों के बावजूद उसके प्रत्याशी को 60 वोट मिले।

कोटा नगर निगम में भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी महापौर चुनी गईं। उन्हें 100 में से 65 पार्षदों के वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 35 वोट मिले। भाजपा के पास 57 पार्षद थे और दो निर्दलीय पार्षदों ने पहले ही समर्थन का दावा किया था, लेकिन प्रत्याशी को मिले 65 वोटों के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि गुप्त मतदान के कारण इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
जोधपुर नगर निगम में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता महापौर निर्वाचित हुए हैं। यहां भी भाजपा उम्मीदवार को पार्टी के निर्वाचित पार्षदों की संख्या से अधिक वोट मिले। इससे पहले पिछले सप्ताह सात नगर निगमों में महापौर चुनाव संपन्न हुए थे। अब केवल बीकानेर में कांग्रेस का महापौर है।
शनिवार को जयपुर, जोधपुर और कोटा में डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव हो रहा है। जयपुर में भाजपा की सरोज कंवर और कांग्रेस के सलमान मंसूरी ने नामांकन दाखिल किया है। 150 पार्षद मतदान करेंगे। मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों से संपर्क बनाए रखा और निर्दलीय पार्षदों को साधने की कोशिशें भी चलीं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को जयपुर में महापौर चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर हंगामा भी हुआ था। कांग्रेस नेताओं ने मतदान केंद्र के पास भाजपा नेताओं को बैठने की अनुमति देने का आरोप लगाते हुए धरना दिया था, जिसके बाद पुलिस और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।
