नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘सत्याग्रह’ नाम का डिजिटल मंच लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य देशभर में चल रहे विभिन्न आंदोलनों और संघर्षों को एक इंटरैक्टिव नक्शे पर एक साथ लाना है। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उठाया गया है — शनिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
‘लाठी भीड़ रोक सकती है, सवाल नहीं’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि सच को दबाया जा रहा है और नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रतिरोध में मदद करना उनकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “लाठी भीड़ को रोक सकती है, पर सवाल को नहीं।” शनिवार शाम को उन्होंने बताया कि मंच लाइव होने के 9 घंटे के भीतर 10,000 से अधिक लोगों और समूहों ने अपनी कहानियां दर्ज कराई हैं। “इतने संघर्ष भारतवासी पहले से ही लड़ रहे हैं — चुपचाप, यह मानकर कि कोई सुन नहीं रहा। हम सुन रहे हैं। हर प्रविष्टि पढ़ी जाएगी,” उन्होंने कहा।

कैसे काम करेगा मंच
पोर्टल पर छात्र, किसान, महिलाएं, दलित, आदिवासी और Gen Z सहित कोई भी नागरिक अपने संघर्ष की कहानी साझा कर सकेगा। हर कहानी नक्शे पर दिखेगी ताकि समान समस्याओं से जूझ रहे लोग एक-दूसरे को खोज सकें। राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मुद्दों को संसद में, सड़क पर और पत्र लिखकर — जहां भी ज़रूरत होगी — उठाएंगे। लॉन्च के पहले ही दिन महाराष्ट्र के छात्र आंदोलन ने अपना नाम ‘सत्याग्रह’ के रूप में दर्ज कराया। राहुल ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे और 70,000 से अधिक रिक्त पदों को भरने की मांग का समर्थन भी किया।
राजनीतिक घमासान तेज़
इससे पहले शुक्रवार (गांधी जयंती) को दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे, जिसमें 700 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे। विरोध का केंद्र मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कामकाज है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा और विधानसभाओं को भंग करने की मांग तक कर दी और केंद्र के शीर्ष नेतृत्व को ‘अवैध’ पदधारी बताया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी CEC के खिलाफ चल रहे अभियान का समर्थन किया है।
