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दीपावली से पहले इंदौर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 1.20 लाख रुपये का संदिग्ध मावा जब्त, दो प्रतिष्ठानों से 11 नमूने

सांकेतिक चित्र: दीपावली से पहले मिठाई की दुकान पर मावा, पेड़ा और लड्डू सांकेतिक चित्र

इंदौर ब्यूरो

सार: दीपावली से पहले इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को हुए औचक निरीक्षण में दो खाद्य प्रतिष्ठानों से 11 नमूने लिए गए और करीब 1.20 लाख रुपये मूल्य का संदिग्ध मावा और मीठा मावा जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में मिलावट की आशंका सामने आई है, हालांकि अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद ही होगी।

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही इंदौर में मिठाइयों, मावे और दूध उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ गई है। बाजार में भारी मात्रा में मावा, पनीर, घी और मिठाइयां आ रही हैं, और इसी के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। हर साल त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन विशेष अभियान चलाकर बाजार की जांच करता है, ताकि लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचे। इस बार भी अभियान तेज है — मंगलवार को 11 प्रतिष्ठानों से 26 नमूने लिए गए थे, और गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई में 1.20 लाख रुपये का संदिग्ध मावा जब्त किया गया। इंदौर में मिलावटी मावा जब्त होने की यह कार्रवाई बताती है कि विभाग त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर लगातार नजर रखे हुए है।

इंदौर मिलावटी मावा जब्त: गुरुवार को दो प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने गुरुवार को इंदौर का औचक निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। टीम ने दोनों स्थानों से कुल 11 नमूने जांच के लिए लिए और प्रारंभिक परीक्षण में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए मावा और मीठा मावा के स्टॉक को जब्त कर लिया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है।

निरीक्षण के दौरान टीम ने चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से मौके पर ही मावा और मीठा मावा की प्रारंभिक जांच की। इस जांच में मिलावट की आशंका सामने आई, जिसके बाद स्टॉक को विस्तृत प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी 11 नमूने विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दूध उत्पाद इकाई में मिलीं खामियां

पहली कार्रवाई सुखलिया-खातीपुरा स्थित अग्रवाल कंपाउंड के देव प्रेम मिल्क प्रोडक्ट्स पर हुई। निरीक्षण में पाया गया कि यहां दूध का संग्रहण कर उससे पनीर, घी, मावा और मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। जांच के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। भंडारण की व्यवस्था भी ठीक नहीं पाई गई।

टीम को निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड और पानी की जांच की रिपोर्ट भी मौके पर उपलब्ध नहीं थी। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से मावा और मीठा मावा की प्रारंभिक जांच में मिलावट की आशंका सामने आई। टीम ने मावा, मीठा मावा, मिल्क केक और स्टार्च के कुल पांच नमूने लिए। साथ ही करीब 1.20 लाख रुपये मूल्य का मावा और मीठा मावा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि दूध उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में साफ-सफाई, भंडारण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जैसे मानकों का पालन अनिवार्य है। इनमें लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसी खामियों पर सख्ती बरती जा रही है।

सांकेतिक चित्र: खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच
सांकेतिक चित्र

नमकीन इकाई में सड़े आलू नष्ट, तेल मानक पर खरा

दूसरी कार्रवाई सांवर रोड स्थित नमकीन क्लस्टर की गणेश चिप्स भंडार पर हुई। यहां निरीक्षण के दौरान टीम को सड़े हुए आलू मिले, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रतिष्ठान में इस्तेमाल हो रहे खाना पकाने के तेल की टीपीएम मीटर से जांच की गई, जिसमें तेल निर्धारित मानकों पर खरा पाया गया।

इस प्रतिष्ठान से टीम ने कुल छह नमूने लिए, जिनमें आलू के चिप्स, आलू लच्छा, मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, सेंधा नमक और काला नमक शामिल हैं। इन सभी नमूनों को भी विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नमकीन और मसालों की जांच भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि दीपावली पर इनकी खपत भी बड़ी मात्रा में होती है।

निरीक्षण के बाद नियंत्रक मनोज पुष्प ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और औषधि निरीक्षकों की समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि दीपावली पर केवल मिठाइयों ही नहीं, बल्कि बेसन नमकीन, चॉकलेट और बहुराष्ट्रीय ब्रांडों के पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की भी सघन जांच की जाए। औषधि निरीक्षकों को अवैध रूप से दवाओं की बिक्री और उनके दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बड़े पैमाने पर दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

मंगलवार को भी चला था बड़ा अभियान: 26 नमूने

इंदौर में मिलावटी मावा जब्त होने से पहले मंगलवार को भी खाद्य सुरक्षा प्रशासन और नापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा अभियान चलाया था। इस अभियान में 11 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और कुल 26 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। दो प्रतिष्ठानों पर नापतोल विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई, जहां बिना सत्यापन वाले इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण और बाट जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए।

मूसाखेड़ी क्षेत्र में फार्मर्स मिल्क कार्ट से मावा, मिल्क केक, रसगुल्ला और केसर पेड़ा के चार नमूने लिए गए थे। यहां साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संचालक को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। तेजाजी नगर स्थित नवशक्ति दूध डेयरी एंड स्वीट्स में रखे मावा और पनीर की मैजिक बॉक्स और टेस्ट किट से प्रारंभिक जांच की गई थी। यहां से मावा, पनीर, मावा रोल और पेड़ा के चार नमूने लिए गए।

छोटा बांगड़दा स्थित मुस्कान डेयरी से पनीर, पारंपरिक मिठाइयों और घी के नमूने लिए गए, जबकि एसडीए कंपाउंड, मूसाखेड़ी स्थित बसंत इंटरप्राइजेज का शिकायत के आधार पर निरीक्षण कर कीर्ति गोल्ड रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना लिया गया था। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं नियंत्रक मनोज पुष्प के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में की गई थी। विभाग ने कहा है कि दीपावली सहित पूरे त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और नमूना संग्रहण का अभियान लगातार जारी रहेगा।

अहीरखेड़ी में 298 किलो मावा जब्त: इकाई बंद

इससे पहले अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी इंदौर में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। अहीरखेड़ी गांव में संचालित श्याम फूड एजेंसी का निरीक्षण करने पर मावा बनाने की प्रक्रिया सामने आई थी। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में दूध से फैट निकालकर उसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था।

मिलावट की आशंका पर टीम ने मौके से लगभग 298 किलोग्राम मावा, 28 किलोग्राम वनस्पति और 15 किलोग्राम सूजी जब्त की थी। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई गई थी। टीम ने मीठे मावे के दो नमूने, वनस्पति का एक, सूजी का एक और स्किम्ड मिल्क पाउडर का एक नमूना लिया था। खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए निर्धारित श्रेणी का पंजीयन नहीं पाए जाने के कारण प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया था। पालदा स्थित मार्बेलो फूड प्रोडक्ट्स को भी साफ-सफाई में मिली खामियों पर नोटिस जारी किया गया था।

इंदौर मिलावटी मावा जब्त मामले में लैब रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने साफ किया है कि जब्त किए गए मावे में मिलावट की पुष्टि केवल प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। अभी तक की कार्रवाई प्रारंभिक जांच में सामने आई आशंका के आधार पर की गई है। नमूनों को भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में मावे की मांग अचानक बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग घटिया या मिलावटी मावा बाजार में उतार देते हैं। मावे में आमतौर पर स्टार्च या मैदा मिलाकर वजन बढ़ाया जाता है, दूध की चर्बी की जगह सस्ती वनस्पति चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है, और कई बार मिल्क पाउडर से नकली मावा तैयार किया जाता है। ऐसे मावे से बनी मिठाइयां खाने से पेट की तकलीफ, फूड पॉइजनिंग और लंबे समय में सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।

दीपावली पर खरीदारी में बरतें सावधानी

दीपावली पर मिठाइयों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा विश्वसनीय और पंजीकृत दुकानों से ही मिठाइयां और मावा खरीदें। दुकान पर खाद्य सुरक्षा लाइसेंस नंबर लिखा होना चाहिए। मावा खरीदते समय उसकी गंध, रंग और बनावट पर ध्यान दें — ताजा मावा हल्का चिकना और दूध जैसी महक वाला होता है, जबकि बासी या मिलावटी मावे में खट्टी या अजीब गंध आ सकती है।

मिठाई खरीदने पर पक्का बिल जरूर लें, ताकि किसी शिकायत की स्थिति में दुकान और सामान की पहचान हो सके। पैकेज्ड मिठाइयों पर निर्माण और समाप्ति की तारीख, लाइसेंस नंबर और सामग्री की जानकारी जरूर देखें। यदि किसी मिठाई या मावे की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की जा सकती है। उपभोक्ता एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप या टोल-फ्री नंबर 1800-112-100 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

आगे क्या

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान दीपावली के बाद भी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि गोवर्धन पूजा और भाई दूज पर भी मिठाइयों और दूध उत्पादों की मांग बनी रहेगी। विभाग ने संकेत दिया है कि त्योहारी सीजन के दौरान निरीक्षण और नमूना संग्रहण लगातार जारी रहेगा। गुरुवार की कार्रवाई में इंदौर मिलावटी मावा जब्त मामले में लिए गए 11 नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि जब्त मावे में वास्तव में मिलावट थी या नहीं, और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

इंदौर के लोगों के लिए यह कार्रवाई एक चेतावनी भी है और भरोसा भी — चेतावनी इसलिए कि त्योहारी बाजार में मिलावटी सामान पहुंच रहा है, और भरोसा इसलिए कि प्रशासन इस पर नजर रखे हुए है। दीपावली की खरीदारी में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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