इंदौर ब्यूरो। इंदौर नगर निगम के एक ड्राइवर ने शनिवार को जहर पीकर जान देने की कोशिश की। जहर पीने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने उधारी और ब्याज के पैसों को लेकर चार लोगों पर लगातार परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, ड्राइवर पिछले करीब 10 साल से नगर निगम में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है। वीडियो में उसने कहा है कि कुछ लोगों की ओर से उससे उधारी और ब्याज की रकम को लेकर दबाव बनाया जा रहा था और हर तरफ से उसे घेरा जा रहा था। उसने यह भी दावा किया कि पिछले दो दिनों से उसे गाड़ी नहीं दी जा रही थी। वीडियो में उसने चार लोगों के नाम लिए हैं, जिनमें उसका एक सहकर्मी भी शामिल बताया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद संयोगितागंज थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान ले लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप को साक्ष्य के रूप में शामिल कर पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की अनुमति मिलते ही ड्राइवर का आधिकारिक बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल ड्राइवर की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पैसों के लेनदेन की वास्तविक स्थिति क्या थी और निगम में गाड़ी नहीं दिए जाने का इस विवाद से क्या संबंध था। पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
