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बैतूल में तेंदूपत्ता बोनस पहुंचा संग्राहकों के खातों में: 3.69 लाख परिवारों को 30 करोड़ से अधिक, 443 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात भी

शहडोल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण — सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

बैतूल ब्यूरो

सार: बैतूल में 31 अक्टूबर को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि अंतरित की गई। इसके साथ ही ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक का काष्ठ लाभांश भी दिया गया और जिले को 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली।

बैतूल के पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का अंतरण किया। यह राशि सात वन मंडलों के संग्राहकों तक पहुंची है। इनमें दक्षिण बैतूल, पश्चिम बैतूल, उत्तर बैतूल, पांढुर्णा, पूर्व छिंदवाड़ा, पश्चिम छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम वन मंडल शामिल हैं। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।

सात वन मंडलों के संग्राहकों को सीधा लाभ

तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों के लिए बोनस राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। तेंदूपत्ता संग्राहक जंगलों से पत्तियां एकत्र कर बीड़ी निर्माण के लिए उपलब्ध कराते हैं। इस काम से जुड़े परिवारों की आय में बोनस राशि एक अतिरिक्त सहारा बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। यह राशि संग्राहकों के हक की राशि के रूप में बताई गई है।

ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ से अधिक का काष्ठ लाभांश

बोनस के साथ ही ग्राम वन समितियों के सदस्यों को भी लाभ दिया गया। वन उपज की बिक्री से प्राप्त लाभ के हिस्से के रूप में समितियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक की काष्ठ लाभांश राशि अंतरित की गई। ग्राम वन समितियां वन क्षेत्रों के प्रबंधन और संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी का माध्यम हैं। इन समितियों को मिलने वाली राशि का उपयोग वन और गांव से जुड़े कामों में किया जाता है।

शहडोल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण — सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

443 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

बैतूल जिले को 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी मिली। इनमें 297 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 52 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया और 145 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस तरह जिले में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सच्चा वादा और पक्का काम के संकल्प के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

शिक्षा के लिए बड़ी घोषणाएं: कन्या शिक्षा परिसर और मेधावी योजना

कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं भी की गईं। बैतूल में जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमिपूजन किया गया है। सरकार की मेधावी योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 25 हजार रुपये के लैपटॉप दिए जा रहे हैं और स्कूल टॉपर्स को स्कूटी भी दी जा रही है। सरकार विद्यार्थियों को किताबें, साइकिल, ड्रेस और छात्रवृत्ति के माध्यम से भी मदद दे रही है। प्रदेश में बन रहे सांदीपनि विद्यालयों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल बताया गया है।

रोजगार और उद्योग: 85 हजार नियुक्तियां, एक लाख पदों पर भर्ती जारी

रोजगार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 85 हजार सरकारी पदों पर युवाओं को नियुक्ति दी गई है और एक लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस विभाग में भी 18 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। बैतूल और मुलताई में 24 करोड़ रुपये की लागत से नए कारखाने लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

बैतूल के लिए अन्य विकास घोषणाएं

बैतूल के लिए अन्य घोषणाओं में 15 करोड़ रुपये की लागत से गीता भवन और हाट बाजार बनाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपये देने, 70 करोड़ रुपये से चार जलाशय बनाने और 154 करोड़ रुपये की लागत से रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना विकसित करने की बात शामिल है। कुकरू खामला में 15 करोड़ रुपये से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन कामों के पूरा होने पर जिले में सिंचाई, आवागमन और पर्यटन की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।

क्या आगे: राशि का उपयोग और कामों की निगरानी

बोनस और लाभांश राशि सीधे खातों में पहुंचने से संग्राहकों और समितियों को तत्काल लाभ मिलेगा। अब निगरानी का काम यह होगा कि जिन विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है, वे तय समय में पूरे हों और उनका लाभ लोगों तक पहुंचे। किसानों को हाल ही में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की सौगात भी मिली है। सरकार का कहना है कि जनहितैषी योजनाओं को इसी तरह आगे बढ़ाया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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