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1 नवंबर को रवि पुष्य योग: सोना-चांदी, वाहन और प्रॉपर्टी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त, जानें अभिजीत मुहूर्त का समय

1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग – दीये की सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर: जलता दीया (स्रोत: Wikimedia Commons)

सार: दीपावली से पहले 1 नवंबर 2026, रविवार को रवि पुष्य योग का बेहद खास शुभ संयोग बन रहा है। जानिए पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का सही समय, अभिजीत मुहूर्त का समय, और इस शुभ दिन क्या खरीदें, क्या करें और क्या न करें।

डेस्क रिपोर्ट

दीपावली से पहले साल का बेहद खास शुभ संयोग बनने जा रहा है। 1 नवंबर 2026, रविवार को रवि पुष्य योग रहेगा, जिसके साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसा दिन, जब सोना-चांदी से लेकर वाहन, प्रॉपर्टी और नए कारोबार की शुरुआत तक को शुभ माना जाता है। अगर आप भी दीपावली से पहले खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो 1 नवंबर की तारीख और इस दिन के मुहूर्त जरूर जान लीजिए।

क्या है रवि पुष्य योग

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर 1 नवंबर 2026, रविवार को पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से इसे रवि पुष्य योग कहा जाता है। पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष में नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, और जब यह सूर्य के वार यानी रविवार को पड़ता है, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों के शुभ फल मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि दीपावली से पहले पड़ने वाले इस योग को खरीदारी और नई शुरुआत के लिए खास अवसर माना जा रहा है। इस रवि पुष्य योग में सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, जमीन-मकान और व्यापार से जुड़ी खरीदारी शुभ मानी जाती है। नया कारोबार शुरू करने, दुकान या ऑफिस में नई शुरुआत करने और महत्वपूर्ण वस्तुओं की खरीदारी के लिए भी इसे अच्छा समय माना जाता है।

रवि पुष्य योग का मुहूर्त: कब से कब तक

इस शुभ योग का पूरा समय नोट कर लीजिए, ताकि आप योजना के अनुसार खरीदारी कर सकें। पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर सुबह 5 बजकर 39 मिनट से 2 नवंबर सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग 1 नवंबर सुबह 6:33 बजे से 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। अगर आप खरीदारी करना चाहते हैं तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। दिन के इस समय को सबसे शुभ समय माना जाता है, इसलिए बड़ी खरीदारी या नई शुरुआत इसी मुहूर्त में करना बेहतर माना जाता है।

1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग पर दीपावली के दीये – सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर: दीपावली पर जलाए गए दीये (स्रोत: Wikimedia Commons)

क्या खरीदें

इस शुभ दिन सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, घर-जमीन से जुड़ी खरीदारी, व्यापार के उपकरण और जरूरत की नई वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। दीपावली से पहले सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है और रवि पुष्य योग को इस खरीदारी के लिए खास शुभ माना जाता है। वाहन खरीदने वालों के लिए भी यह दिन अनुकूल माना जाता है। प्रॉपर्टी यानी जमीन-मकान जैसे बड़े निर्णयों के लिए भी यह योग शुभ माना जाता है, हालांकि बड़े निवेश से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच जरूरी है। व्यापार से जुड़े लोग नए उपकरण, दुकान या ऑफिस के लिए नई शुरुआत भी इस दिन कर सकते हैं। जरूरत की नई वस्तुएं, जैसे घर के जरूरी सामान या उपकरण भी इस शुभ समय में खरीदे जा सकते हैं।

क्या करें

शुभ दिन का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से मनाया जाए। इस दिन घर की साफ-सफाई करें, भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करें, दीप प्रज्ज्वलित करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान करें। नई शुरुआत करने से पहले ईश्वर का स्मरण करना शुभ माना जाता है। दीपावली से पहले घर की सफाई को शुभ माना जाता है, और इस रवि पुष्य योग के दिन की गई सफाई और पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है। दान-पुण्य को भी इस दिन विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद जरूर करें।

क्या न करें

इस शुभ दिन को केवल दिखावे या अनावश्यक खर्च में न बदलें। कर्ज लेकर गैर-जरूरी खरीदारी करने से बचें, क्योंकि शुभ मुहूर्त का अर्थ समझदारी से खर्च करना भी है। किसी भी संपत्ति या बड़े निवेश में निर्णय लेने से पहले उसके दस्तावेज और कानूनी जानकारी जरूर जांचें, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। शुभ दिन में जल्दबाजी में लिया गया गलत फैसला फायदे की जगह नुकसान भी करा सकता है। इसलिए जो भी खरीदारी करें, सोच-समझकर और अपनी जरूरत के अनुसार ही करें।

धनतेरस से पहले का खास अवसर

और ध्यान रखिए—धनतेरस इस बार 6 नवंबर 2026 को है, लेकिन उससे पहले 1 नवंबर का रवि पुष्य योग खरीदारी और नई शुरुआत के लिए खास अवसर लेकर आ रहा है। धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा है, और उससे पांच दिन पहले पड़ने वाला यह योग उन लोगों के लिए सुनहरा मौका है जो धनतेरस से पहले ही अपनी खरीदारी पूरी करना चाहते हैं। धनतेरस 2026 पर गाड़ी खरीदने के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

जानें: पुष्य नक्षत्र को क्यों माना जाता है सर्वश्रेष्ठ

ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में किया गया कोई भी शुभ कार्य लंबे समय तक फल देता है। पुष्य नक्षत्र में विवाह, गृह प्रवेश, नई संपत्ति की खरीद और व्यापार की शुरुआत जैसे कार्यों को विशेष शुभ माना जाता है। जब यह नक्षत्र रविवार को पड़ता है, तो रवि पुष्य योग बनता है, जिसे खरीदारी के लिए सबसे उत्तम योगों में गिना जाता है। यही कारण है कि व्यापारी वर्ग और आम लोग इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ इसका संयोग इस दिन को और भी खास बना देता है, क्योंकि इस योग में सभी कार्यों की सिद्धि की मान्यता है।

दीपावली सीजन में खरीदारी की परंपरा

दीपावली से पहले खरीदारी की परंपरा सदियों पुरानी है। माना जाता है कि त्योहारों के समय घर में नई वस्तुएं लाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और वाहन खरीदने की परंपरा है, जबकि दीपावली पर घर की साज-सज्जा, कपड़े और मिठाइयों की खरीदारी होती है। इस पूरे सीजन में बाजारों में भी रौनक रहती है और व्यापारी इस समय को साल का सबसे अच्छा कारोबारी समय मानते हैं। शुभ मुहूर्त से जुड़ी पहले की खबरें यहां पढ़ें। रवि पुष्य योग जैसे शुभ संयोग इस परंपरा को और मजबूत करते हैं, क्योंकि लोग शुभ दिन देखकर ही बड़ी खरीदारी करना पसंद करते हैं।

कैलेंडर में नोट करें 1 नवंबर

तो अगर दीपावली से पहले कुछ नया खरीदने या नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, 1 नवंबर की तारीख अपने कैलेंडर में जरूर नोट कर लीजिए। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक का समय खरीदारी के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा। त्योहारों से जुड़ी सामान्य जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय पोर्टल भी देख सकते हैं। शुभ मुहूर्त में सही योजना के साथ की गई खरीदारी ही सही मायने में फलदायी होती है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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