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आज का पंचांग और मुहूर्त 7 नवंबर 2026: छोटी दीवाली पर जानें इंदौर का राहुकाल, भद्रा और अभ्यंग स्नान

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026

डेस्क रिपोर्ट।

सार: आज का पंचांग 7 नवंबर 2026 — शनिवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी सुबह करीब 10:47 बजे तक रहेगी, फिर चतुर्दशी शुरू होगी और छोटी दीवाली मनाई जाएगी — इंदौर में सूर्योदय सुबह करीब 6:34 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 5:46 बजे रहेगा, शुभ काम राहुकाल और भद्रा से बचाकर करें।

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026, शनिवार। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आज सूर्योदय के समय रहेगी, इसलिए दिन की शुरुआत त्रयोदशी से होगी। त्रयोदशी सुबह करीब 10:47 बजे समाप्त होगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 8 नवंबर को सुबह करीब 11:27 बजे तक रहेगी। चतुर्दशी में ही छोटी दीवाली मनाई जाएगी, जिसे नरक चतुर्दशी और काली चौदस भी कहा जाता है। कल, 8 नवंबर को दीपावली है।

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026: तिथि, नक्षत्र और योग

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026 के अनुसार हस्त नक्षत्र सुबह करीब 4:43 बजे तक रहेगा, उसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा, जो 8 नवंबर को सुबह करीब 5:53 बजे तक रहेगा। योग की बात करें तो प्रीति योग सुबह करीब 4:10 बजे से शुरू होगा और 8 नवंबर को सुबह करीब 3:28 बजे तक रहेगा। करण में वणिज सुबह करीब 10:47 बजे तक रहेगा, फिर विष्टि करण शुरू होगा, जो रात करीब 11:06 बजे तक रहेगा — विष्टि को ही भद्रा कहा जाता है। चंद्रमा शाम करीब 5:15 बजे तक कन्या राशि में रहेगा, फिर तुला राशि में चला जाएगा। सूर्य तुला राशि में और स्वाति नक्षत्र में है। इंदौर का दैनिक पंचांग के अनुसार आज का दिन दीयों की तैयारी और घर की सजावट के लिए अच्छा माना जाता है।

इंदौर का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल

इंदौर में आज सूर्योदय सुबह करीब 6:34 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 5:46 बजे रहेगा। चंद्रोदय सुबह करीब 4:38 बजे रहेगा। दिन का राहुकाल सुबह करीब 9:22 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा — यह इंदौर के सूर्योदय-सूर्यास्त से की गई सामान्य गणना है, इसलिए इसे इंदौर-विशिष्ट पुष्ट समय के रूप में न लें। अभिजीत मुहूर्त सुबह करीब 11:46 बजे से दोपहर करीब 12:34 बजे तक रहेगा — यह भी सामान्य गणना है। आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, इसलिए पूर्व दिशा की यात्रा से बचना अच्छा माना जाता है (उपाय: अदरक खाकर निकलें)।

दीपक और पूजा सामग्री (सांकेतिक चित्र)
दीपक और पूजा सामग्री (सांकेतिक चित्र)

छोटी दीवाली और नरक चतुर्दशी का महत्व

छोटी दीवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है, जो दीपावली से एक दिन पहले पड़ती है। परंपरा के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर पर विजय पाई थी, इसलिए इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करने की परंपरा है, जिसमें तेल लगाकर स्नान किया जाता है। शाम को घर के बाहर दीये जलाए जाते हैं और यम दीपदान की परंपरा भी निभाई जाती है। कई घरों में इस दिन हनुमान जी की पूजा भी की जाती है। रात करीब 11:58 बजे से 12:49 बजे तक काली चौदस का मुहूर्त माना जाता है; शहर के अनुसार समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। ये बातें परंपरा और मान्यता के अनुसार बताई जा रही हैं, किसी दावे के रूप में नहीं।

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026: शुभ काम और सावधानी

आज का पंचांग 7 नवंबर 2026 बताता है कि बड़े और शुभ काम अभिजीत मुहूर्त में करना अच्छा रहेगा, जबकि राहुकाल और भद्रा में नए काम की शुरुआत टालना बेहतर है। भद्रा सुबह करीब 10:47 बजे से रात करीब 11:06 बजे तक रहेगी, इसलिए शुभ कार्य इन समयों से बचाकर करना अच्छा रहेगा। चित्रा नक्षत्र सजावट, कारीगरी और खरीदारी से जुड़े कामों के लिए अच्छा माना जाता है। दीये जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें — दीयों को पर्दों और सूखी चीजों से दूर रखें और बच्चों को पटाखों से दूर रखें।

नोट: पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। यहां दिए गए राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त सामान्य गणना पर आधारित हैं। किसी विशेष पूजा या संस्कार का मुहूर्त अलग से देखना चाहिए।

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