भोपाल ब्यूरो
सार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर्व को लेकर प्रदेश के पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था, अग्निशमन, चिकित्सा, सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहनी चाहिए और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
दीपावली का पर्व नजदीक है और इसके साथ ही बाजारों में भीड़, पटाखों की बिक्री, आवाजाही और धार्मिक आयोजनों का दौर तेज हो गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह समीक्षा बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें एक साथ कानून-व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, स्वच्छता और किसानों की जरूरतों तक के निर्देश दिए गए हैं। बैठक का संदेश साफ था — त्योहार हर्ष और आनंद से मनाया जाए, लेकिन कहीं भी किसी प्रकार का असामाजिक काम, अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में कौन-कौन जुड़े
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित किया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस समीक्षा से जुड़े।
बैठक में सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे त्योहार के दौरान मैदानी स्तर पर सतर्क रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्देश केवल कागज पर नहीं रहने चाहिए, बल्कि मैदान में उनकी मौजूदगी और निगरानी दिखनी चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
कानून-व्यवस्था पर सख्त निगरानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जाए। असामाजिक तत्वों और अराजक तत्वों पर सख्त निगरानी रखने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब, जुआ-सट्टा, अवैध हथियार और नशीली वस्तुओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की अवांछनीय घटना न हो। शांति और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का वातावरण बनाए रखने के लिए सभी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर भी निगरानी रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना से माहौल खराब न हो।
अग्निशमन और चिकित्सा व्यवस्था अलर्ट पर
दीपावली के दौरान पटाखों से अग्नि दुर्घटनाओं की संभावना रहती है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निशमन और चिकित्सा व्यवस्था को अलर्ट रखने के निर्देश दिए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों पर अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा गया है।
पटाखों के विक्रेताओं को लाइसेंस की शर्तों का पालन करने के लिए निर्देशित करने को कहा गया है। पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित स्थानों पर ही करने की अनुमति देने और पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में भी त्योहार के दौरान आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना में तत्काल उपचार मिल सके।
सड़क सुरक्षा पर विशेष अभियान
त्योहारों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने, दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ता है, इसलिए पहले से ही व्यवस्था बनाने और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि त्योहार की खुशियों के बीच सड़क पर किसी परिवार को हादसे का सामना न करना पड़े।
स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कचरा और गंदगी की समस्या आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है, इसलिए इसके लिए विशेष प्रबंध करने को कहा गया है।
स्वच्छता के साथ-साथ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति भी त्योहार की व्यवस्थाओं का अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी मैदानी स्तर पर सतर्क रहें और जनसामान्य को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रतिबंधित पटाखों और कार्बाइड गन पर रोक
बैठक में अवैध और प्रतिबंधित पटाखों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर भी अंकुश लगाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के दौरान अवैध एवं प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग न होने पाए।
यह निर्देश इसलिए अहम है क्योंकि प्रतिबंधित पटाखों और खतरनाक कार्बाइड उपकरणों से हर साल हादसों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की खबरें आती हैं। पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटाखों की दुकानों का भौतिक सत्यापन और नियमित निरीक्षण करें, ताकि लाइसेंस की शर्तों का पालन सुनिश्चित हो सके।
किसानों को खाद-उर्वरक समय पर मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीपावली और किसानों के लिए खेती-किसानी के काम का पीक समय है। खाद-उर्वरक के भंडारण और वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में किसानों को खाद-उर्वरक की आवश्यकतानुसार आपूर्ति में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि किसानों को कठिनाई हुई तो इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे।
यह निर्देश किसानों के लिए सीधे तौर पर राहत भरा है। रबी सीजन की तैयारियों के बीच खाद की उपलब्धता किसानों की सबसे बड़ी जरूरत होती है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है, ताकि दीपावली पर्व और किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहे।
गोवर्धन पूजा और मानवीय दीपावली का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को प्रदेश भर में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसी दिन भोपाल में भी बड़ा आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दीपावली के दिन छोटे-छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालय और वृद्धाश्रम में जाकर उनके साथ दीपावली मनाएं।
यह संदेश त्योहार को केवल व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे मानवीय संवेदना से भी जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग दीपावली हर्ष और आनंद से मनाएं, लेकिन कहीं भी किसी प्रकार का असामाजिक काम न हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर लें।
आगे क्या होगा
अब जिलों में इन निर्देशों का पालन मैदानी स्तर पर देखा जाएगा। कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में सुरक्षा, अग्निशमन, यातायात, स्वच्छता और खाद आपूर्ति की व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत समीक्षा करनी है। बाजारों में पटाखों की दुकानों के निरीक्षण, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा अभियान की निगरानी आने वाले दिनों में तेज होगी।
दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा के आयोजन भी प्रशासन की अगली बड़ी जिम्मेदारी होंगे। मुख्यमंत्री की समीक्षा का असर इस बात से मापा जाएगा कि त्योहार के दौरान प्रदेश में शांति बनी रहती है, हादसे रोके जाते हैं और आम लोगों को व्यवस्थाओं को लेकर कोई शिकायत नहीं रहती।
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