सागर ब्यूरो
सार: सागर जिले के दृष्टिबाधित लोक गायक सुनील लोधी की आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ से पहचान बनाने वाले सुनील ने खुद सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में उनकी स्वास्थ्य जांच और आंखों की विस्तृत जांच कराई गई है। बुधवार को सुनील ने एक वीडियो के माध्यम से बताया कि उनकी जांच की रिपोर्ट आज मिलने वाली है, जिसके बाद आगे के इलाज की दिशा तय होगी।
सागर जिले के रहने वाले लोक गायक सुनील लोधी की कहानी संघर्ष, प्रतिभा और उम्मीद की कहानी है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी पहचान बनाया। गांव की चौपालों और धार्मिक आयोजनों में गाते-गाते वह उस मुकाम तक पहुंचे, जहां उनकी आवाज ने उन्हें प्रदेश ही नहीं, देश भर में पहचान दिलाई। अब उनकी जिंदगी में एक नई उम्मीद जगी है — आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और उनके चाहने वाले इस बात की दुआ कर रहे हैं कि उनकी आंखों की रोशनी लौट आए।
मंगलवार को साझा की तस्वीरें, बुधवार को वीडियो से दिया अपडेट
सुनील लोधी ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर आंखों के अस्पताल से कुछ तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने बताया कि उनके आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद बुधवार को भी उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह आंखों के अस्पताल पहुंचे हुए दिखाई दिए। वीडियो के माध्यम से उन्होंने अपने इलाज से जुड़ा नया अपडेट दिया और बताया कि उनकी जांच की रिपोर्ट आज मिलने वाली है। रिपोर्ट आने के बाद ही आंखों की स्थिति और आगे के इलाज को लेकर अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
अपनी पोस्ट में सुनील ने भावुक शब्दों में ईश्वर के प्रति आभार जताया और अपने प्रशंसकों से दुआ करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि जीवन की हर मुश्किल परिस्थिति में ईश्वर ने उन्हें हिम्मत और सहारा दिया है, और अब उन्हें उम्मीद है कि इलाज के जरिए उनकी जिंदगी में फिर से रोशनी आ सकती है। उन्होंने अपने चाहने वालों से कहा कि लोगों का प्यार, आशीर्वाद और प्रार्थनाएं ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
बचपन से आंखों की रोशनी का इंतजार

सुनील लोधी मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले हैं और जन्म से दृष्टिबाधित हैं। उनके माता-पिता ने बचपन में अपनी क्षमता के मुताबिक उनका इलाज कराने की कोशिश की थी, लेकिन तब उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इसके बावजूद सुनील ने हार नहीं मानी। संगीत के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था, और धीरे-धीरे उनकी आवाज ही उनकी पहचान बन गई। गांव की चौपालों से लेकर धार्मिक आयोजनों तक, जहां भी वह गाते, लोग उनकी आवाज के कायल हो जाते।
उनकी कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी पहचान बनाया और अपनी आवाज के दम पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचे। परिवार के लिए भी यह एक लंबा इंतजार रहा है। माता-पिता वर्षों से इस पल की प्रतीक्षा कर रहे थे कि किसी दिन उनके बेटे की आंखों का इलाज संभव हो सके। अब इलाज शुरू होने से परिवार और सुनील, दोनों को नई उम्मीद मिली है। हालांकि इलाज के बाद उनकी दृष्टि में कितना सुधार हो सकेगा, यह डॉक्टरों की जांच और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। इस बारे में कोई दावा करना जल्दबाजी होगी — स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
‘हनुमान अंश’ के गाने ने दिलाई देश भर में पहचान
इस साल रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने सुनील लोधी की जिंदगी बदल दी। इस फिल्म में उनका गाया भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ काफी लोकप्रिय हुआ। बुंदेली भाषा में बनी यह धार्मिक-सामाजिक फिल्म भगवान हनुमान की भक्ति और बुंदेलखंड की माटी की कहानी को दिखाती है, और सुनील की आवाज में ऐसी मिठास और दर्द था कि लोगों ने उसे खूब पसंद किया। इस गाने ने उन्हें बड़ी संख्या में नए श्रोताओं तक पहुंचाया और उनकी बुंदेली लोकगायकी को देश भर में पहचान मिली।
फिल्म की सफलता के साथ ही उनकी आंखों के इलाज को लेकर चर्चा होने लगी थी। फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर भी उनके इलाज में मदद के लिए आगे आईं। सुनील की प्रतिभा से प्रभावित होकर कई लोगों ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया, और धीरे-धीरे यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री तक भी पहुंची।
सितंबर में मुख्यमंत्री से मुलाकात, इलाज और सम्मान निधि का भरोसा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सितंबर 2026 में ‘हनुमान अंश’ फिल्म आने के बाद सुनील लोधी और उनके परिवार से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने सुनील की आंखों के उपचार, संगीत शिक्षा और एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने का भरोसा दिया था। अब उस वादे को निभाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुनील के आंखों के उपचार की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
मुख्यमंत्री की पहल के बाद सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सुनील लोधी का स्वास्थ्य परीक्षण और आंखों की विस्तृत जांच कराई गई। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से उनके कार्यालय में मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री के निर्देश और कलेक्टर की विशेष पहल से सुनील के उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इस पहल को उनके इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की राह
फिलहाल सुनील की जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। बुधवार को साझा किए गए वीडियो में उन्होंने खुद बताया कि रिपोर्ट आज मिलने वाली है। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर यह तय करेंगे कि आगे किस तरह का इलाज किया जाना है और दृष्टि में कितना सुधार संभव है। प्रशंसकों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता है, लेकिन चिकित्सकीय प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। आंखों के इलाज जैसे मामलों में हर कदम जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही उठाया जाता है।
सुनील के चाहने वालों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार कमेंट करके उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उनकी कहानी उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी शारीरिक सीमा के बावजूद अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं। सुनील ने अपनी आवाज से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।
बुंदेलखंड की माटी का गायक, अब सबकी दुआओं में
बुंदेलखंड की माटी से निकला यह गायक आज प्रदेश की पहचान बन चुका है। उनकी आवाज में बुंदेली लोक संगीत की मिट्टी की खुशबू है, और उनके भजन ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अब जब उनके इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो पूरे प्रदेश के संगीत प्रेमी यही दुआ कर रहे हैं कि वह दिन जल्द आए, जब सुनील अपनी आंखों से इस खूबसूरत दुनिया को देख सकें — वही दुनिया, जिसे उन्होंने अब तक सिर्फ अपनी आवाज और एहसास से जाना है।
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