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इंदौर में RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक आरंभ: शताब्दी वर्ष की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना पर होगा मंथन

इंदौर में RSS कार्यकारी मंडल बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी इंदौर में RSS कार्यकारी मंडल बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी
इंदौर ब्यूरो

सार: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक सोमवार को इंदौर में आरंभ हो गई। तीन दिन चलने वाली इस वार्षिक बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी सहित देशभर के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से लगभग 408 प्रमुख कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। शताब्दी वर्ष की समीक्षा, संगठनात्मक रचना में प्रस्तावित बदलाव और भविष्य की कार्ययोजना पर तीन दिनों तक गहन मंथन होगा।

शुभारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक सोमवार, 2 नवंबर को इंदौर में विधिवत आरंभ हुई। सुबह 9 बजे बैठक का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इंदौर के ऐतिहासिक डेली कॉलेज में आयोजित हो रही यह बैठक 4 नवंबर तक चलेगी। बैठक के मंच पर कार्तिक कृष्ण अष्टमी, नवमी और दशमी, 2, 3, 4 नवंबर 2026 का उल्लेख किया गया है। मंच पर डॉ. हेडगेवार जी और गुरुजी के चित्र भी सुशोभित हैं।

शुभारंभ के अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके साथ ही तीन दिवसीय मंथन की औपचारिक शुरुआत हुई। बैठक स्थल पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। बैठक से पहले जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, संघ कार्य के विस्तार और भविष्य की योजना पर विचार किया जाएगा।

कौन-कौन शामिल

इस तीन दिवसीय बैठक में देशभर से लगभग 408 प्रमुख कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। इनमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी छह सह-सरकार्यवाह, अखिल भारतीय विभागों के प्रमुख, कार्यकारी मंडल के सदस्य, संघचालक, सह-संघचालक, कार्यवाह, सह-कार्यवाह, प्रचारक और सह-प्रचारक शामिल हैं। देश के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित हैं।

बैठक में संघ से प्रेरित 32 संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार जी ने बताया कि देशभर से आए प्रतिनिधियों के साथ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन के विस्तार की समीक्षा की जाएगी। बैठक से पहले अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने पत्रकारों को बैठक की रूपरेखा की जानकारी दी थी। बैठक कक्ष में देशभर से आए प्रतिनिधियों की बड़ी उपस्थिति इस मंथन के महत्व को दर्शाती है।

इंदौर में RSS कार्यकारी मंडल बैठक में भाग लेते प्रतिनिधि
इंदौर में RSS कार्यकारी मंडल बैठक में भाग लेते प्रतिनिधि

शताब्दी वर्ष की समीक्षा

इस बैठक का एक प्रमुख विषय शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई थी। विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक का कालखंड संघ के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया गया, जो अब संपन्न हो चुका है। इस वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों का आकलन बैठक में किया जाएगा।

शताब्दी वर्ष के दौरान संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक संपर्क और सेवा गतिविधियों के अनुभवों पर भी चर्चा होगी। रिपोर्टों के अनुसार देशभर में दैनिक शाखाओं की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। शाखाओं के विस्तार और समाज से बढ़े संपर्क को भविष्य की कार्ययोजना का आधार बनाया जाएगा। शताब्दी वर्ष में किए गए कार्यों के अनुभवों को अब आगे की योजना में ढालने की तैयारी है।

संगठनात्मक रचना में प्रस्तावित बदलाव

बैठक में संघ की संगठनात्मक रचना में प्रस्तावित बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। इन प्रस्तावों पर पहले के सत्रों में भी चर्चा हो चुकी है। इंदौर की बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद इन बदलावों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। संगठन की आगामी दिशा के लिहाज से यह मंथन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संगठनात्मक रचना से जुड़े निर्णयों के साथ-साथ प्रतिनिधि सभा की चुनाव प्रक्रिया पर भी चर्चा होगी। प्रतिनिधि सभा की चुनाव प्रक्रिया मार्च में नागपुर में संपन्न होगी। इंदौर बैठक में लिए जाने वाले निर्णय संगठन के भविष्य के स्वरूप और कार्यपद्धति को दिशा देंगे। यही कारण है कि इस बैठक को संघ के वार्षिक कैलेंडर की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में गिना जाता है।

पंच परिवर्तन और समाज से संपर्क

बैठक में पंच परिवर्तन अभियान की समीक्षा और उसके आगामी क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही हिंदू सम्मेलनों, गृह संपर्क अभियान, सेवा कार्यों में समाज की भागीदारी तथा युवाओं और महिलाओं के बीच बढ़े संपर्क का आकलन किया जाएगा। समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच और संपर्क के अनुभवों को साझा किया जाएगा।

सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा नागपुर में विजयादशमी पर दिए गए उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। इन विषयों को समाज तक पहुंचाने की योजना पर भी चर्चा की जाएगी। समाज से संपर्क और संवाद को मजबूत करना बैठक के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

वैश्विक संपर्क

बैठक में वैश्विक संपर्क की दिशा पर भी चर्चा होगी। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के इस वर्ष अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के प्रवासों के अनुभवों की समीक्षा की जाएगी। इन प्रवासों के दौरान भारत के सभ्यतागत चिंतन, हिंदुत्व की सही समझ और विश्व के कल्याण में भारत की भूमिका को लेकर हुए संवाद पर विचार किया जाएगा।

वैश्विक संपर्क की पहल को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर भी मंथन होगा। आने वाले महीनों में किन देशों को इस पहल के दायरे में लाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही सरसंघचालक के आगामी वर्ष के प्रवास की योजना पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के विचार को व्यापक अंतरराष्ट्रीय फलक तक पहुंचाना इस पहल का उद्देश्य है।

आगे क्या

तीन दिवसीय बैठक 4 नवंबर को संपन्न होगी। अंतिम दिन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी पत्रकारों को संबोधित कर बैठक की संपूर्ण जानकारी देंगे। बैठक में शताब्दी वर्ष की समीक्षा, संगठनात्मक रचना, विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर लिए गए निर्णयों की जानकारी उसी दिन सामने आएगी।

मध्य प्रदेश के लिए यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब संघ की यह महत्वपूर्ण वार्षिक बैठक राज्य में आयोजित हो रही है। पिछले वर्ष यह बैठक जबलपुर में हुई थी। इस वर्ष इंदौर के ऐतिहासिक डेली कॉलेज में हो रही बैठक पर संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भी नजर रहेगी। बैठक के निर्णयों के बाद संघ की आगामी कार्ययोजना की तस्वीर स्पष्ट होगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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