भोपाल ब्यूरो
सार: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मुरासु आज रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, और इसका असर मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक बना रहेगा। सोमवार को प्रदेश के 15 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी है, जबकि चार दिन में पारा 8 डिग्री तक लुढ़कने से ठंड ने भी दस्तक दे दी है।
नवंबर की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश के मौसम ने एक साथ दो रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात मुरासु प्रदेश की ओर नमी और बारिश का दौर लेकर आ रहा है, तो दूसरी तरफ बीते चार दिन में दिन के तापमान में 7 से 8 डिग्री तक की गिरावट ने ठंड का एहसास करा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार यह मिला-जुला दौर 5 नवंबर तक जारी रह सकता है, जिसके बाद नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड और तेज होने के आसार हैं।
सोमवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। जबलपुर संभाग के जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की चेतावनी है, जबकि भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी का अनुमान है। यानी प्रदेश के एक हिस्से में बारिश और दूसरे हिस्से में ठंडी हवाओं के साथ धुंध का दौर चलेगा।
मुरासु कहाँ है और कब टकराएगा तट से
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे पश्चिम-मध्य हिस्से में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान मुरासु में बदल गया है। सोमवार सुबह यह तूफान चेन्नई से करीब 260 किलोमीटर और नेल्लोर से करीब 290 किलोमीटर दूर था और करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
अनुमान है कि सोमवार के दौरान यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा और 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। तट पार करते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। तटीय इलाकों में समुद्र के जलस्तर में करीब एक मीटर तक की बढ़ोतरी का भी अनुमान जताया गया है, जिससे निचले तटीय क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा रहेगा।
मुरासु का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश में इसका असर मुख्य रूप से जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में दिखेगा।
आज किन 15 जिलों में है आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने सोमवार, 2 नवंबर के लिए प्रदेश के 15 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।
इन जिलों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी सलाह है कि खुले में रखी फसल और उपज को ढककर रखें, ताकि अचानक बारिश से नुकसान न हो।
रविवार को भी प्रदेश के कई पूर्वी जिलों में मौसम बदला हुआ रहा। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई। यह दौर पिछले चक्रवात अर्नब के असर से जुड़ा था, जिसके बाद अब मुरासु का नया दौर शुरू हो रहा है।
चार दिन में 8 डिग्री तक लुढ़का पारा, रातें हुईं ठंडी
बारिश के साथ-साथ ठंड भी प्रदेश में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। बीते चार दिन में दिन के अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 48 घंटों में चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान 5.3 से 7.7 डिग्री तक नीचे आया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में पारा 4.9 डिग्री तक लुढ़का है।
रात का तापमान भी सामान्य से नीचे चल रहा है। बीती रात दमोह में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। अमरकंटक में 15.1 डिग्री, भोपाल में 15.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 15.4 डिग्री और बालाघाट के मलाजखंड में 15.8 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम रहा, जबकि इंदौर में रात का पारा 16 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.5 डिग्री नीचे है।
दिन के तापमान की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री, इंदौर में 30 डिग्री और उज्जैन में 31.5 डिग्री दर्ज हुआ। पचमढ़ी में दिन का तापमान 24 डिग्री रहा, जबकि सागर और मंडला में रात का पारा 17.5 डिग्री और सतना में 20.7 डिग्री दर्ज किया गया। साफ है कि पहाड़ी और पूर्वी इलाकों में ठंड का असर मैदानी शहरों से पहले दिख रहा है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी भोपाल में सोमवार को बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। भोपाल में दिन का तापमान 28.5 डिग्री और रात का 15.2 डिग्री दर्ज हुआ है, और आने वाले दिनों में रात का पारा और नीचे जा सकता है। सुबह के समय हल्की धुंध भी देखने को मिल सकती है।
इंदौर में दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का 16 डिग्री रहा है। इंदौर संभाग में मुरासु का असर बादलों और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी के रूप में दिख सकता है, लेकिन तेज बारिश की चेतावनी पूर्वी जिलों तक ही सीमित है। उज्जैन में रात का तापमान 17 डिग्री दर्ज हुआ है और वहाँ भी बादल छाए रहने का अनुमान है।
विदिशा में सुबह के समय दृश्यता घटकर 50 मीटर तक पहुँच गई, जिससे कोहरे का असर भी साफ दिखने लगा है। वाहन चालकों को सुबह के समय धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान में तेज गिरावट के आसार हैं, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
5 नवंबर तक कैसा रहेगा प्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का मिला-जुला दौर बना रहेगा। पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना ज्यादा रहेगी, जबकि पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर और तेज होने की संभावना है।
पिछले दस साल के रिकॉर्ड के अनुसार भोपाल में नवंबर में तीन बार बारिश दर्ज हुई है, इसलिए इस महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट असामान्य नहीं है। नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश हो सकती है। किसानों और आम लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग की ताजा चेतावनी पर नजर रखें और यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएँ।
दिवाली से पहले मौसम का क्या मतलब है
दिवाली 8 नवंबर को है और त्योहार से ठीक पहले मौसम का यह बदलाव खरीदारी और यात्रा दोनों पर असर डाल सकता है। पूर्वी जिलों में बारिश के दौरान बाजारों में भीड़ और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है। दूसरी तरफ ठंडी रातों के कारण ऊनी कपड़ों और गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ने लगी है।
दिल्ली सहित उत्तर भारत में प्रदूषण का दौर भी चल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में बारिश और ठंडी हवाओं से हवा की गुणवत्ता को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिर भी धुंध और कोहरे के दिनों में सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतना जरूरी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की तकलीफ वाले लोगों के लिए।
सावधानी: क्या करें और क्या न करें
गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित रहता है। बिजली के उपकरणों को अनावश्यक रूप से चालू न रखें और खुले स्थानों पर मोबाइल टावर, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज हवा के दौरान कमजोर टिन शेड, होर्डिंग या पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा न करें।
किसानों के लिए यह समय खड़ी फसल और कटाई के बाद की उपज को सुरक्षित रखने का है। मंडियों में ले जाने वाली उपज को बरसात से बचाने के लिए तिरपाल का इंतजाम पहले से कर लें। ठंड बढ़ने के साथ पशुओं को रात में ठंडी हवा से बचाने का इंतजाम भी करना चाहिए।
मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि ताजा अपडेट के लिए उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखी जाए, क्योंकि चक्रवात की दिशा और रफ्तार में बदलाव के साथ जिलों के अलर्ट में भी बदलाव हो सकता है।
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