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स्थापना दिवस पर उद्यमियों को बड़ी सौगात: 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 450 करोड़ से अधिक, 120 स्टार्टअप को प्रोत्साहन; एमएसएमई के लिए बनेगी अलग कंपनी

स्थापना दिवस पर उद्यमियों को बड़ी सौगात: 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 450 करोड़ से अधिक, 120 स्टार्टअप को प्रोत्साहन; एमएसएमई के लिए बनेगी अलग कंपनी MSME Udyam Sammelan at the Chief Minister's residence, Bhopal, 1 November 2026

किन इकाइयों को मिला लाभ

विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिन इकाइयों को प्रोत्साहन राशि दी गई है, उन्होंने प्रदेश में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है और 17,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे हैं। मध्य प्रदेश एमएसएमई विकास नीति के तहत यह राशि सिंगल क्लिक से सीधे इकाइयों तक पहुंचाई गई। मंच से 75 औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय पत्र भी प्रदान किए गए। इन भूखंडों से लगभग 83 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है, जिससे 640 रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए गए।

एमएसएमई के लिए बनेगी अलग कंपनी

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने तीन बड़ी घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के तहत एमएसएमई क्षेत्र के लिए मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की तर्ज पर एक अलग कंपनी — एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी (एमएसएमई-आईडीसी) — बनाई जाएगी। यह कंपनी राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली होगी और इसका पूरा ध्यान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास पर रहेगा। जिस तरह एमपीआईडीसी बड़े निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि, अधोसंरचना और निवेश सुविधाएं उपलब्ध कराता है, उसी तरह नई कंपनी एमएसएमई उद्यमियों की जरूरतों को पूरा करेगी। कंपनी औद्योगिक भूमि का चिन्हांकन, अधिग्रहण, आवंटन और प्रबंधन करेगी। इसके अलावा एमएसएमई औद्योगिक पार्क विकसित करने, छोटे भूखंड उपलब्ध कराने और फ्लैटेड फैक्टरी व प्लग-एंड-प्ले जैसी सुविधाएं तैयार करने की जिम्मेदारी भी संभालेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास एवं रखरखाव भी इसके दायरे में होगा।

निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क

दूसरी घोषणा के तहत अब निजी निवेशक भी एमएसएमई इकाइयों के लिए औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। ऐसे निवेशकों को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और छोटे उद्यमियों के लिए तैयार औद्योगिक स्थान उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार ने वर्ष 2028 तक पांच हजार उद्योगों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। विभाग की जानकारी के अनुसार पिछले एक साल में उद्यमियों को 1,250 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।

दो महीने में सभी जिलों में औद्योगिक भूमि का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के करीब 22 जिलों में एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध औद्योगिक भूमि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नए उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों के सामने जमीन की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन रही है। इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने अगले दो महीने में प्रदेश के सभी जिलों में एमएसएमई इकाइयों के लिए औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक ताकत केवल बड़े उद्योगों से नहीं बनती, बल्कि गांवों, कस्बों और शहरों में चलने वाली छोटी इकाइयां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एमएसएमई क्षेत्र में कम पूंजी के साथ अधिक लोगों को रोजगार देने की क्षमता है, इसलिए सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपने ही जिले में उद्योग लगाने और रोजगार पाने के अवसर मिलें।

प्रदेश में एमएसएमई का विस्तार

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में वर्ष 2026-27 में 3.44 लाख से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 45 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। विभाग की जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में एमएसएमई इकाइयों को 1,300 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया था। प्रदेश में पहली बार एमएसएमई इकाइयों को अनुदान समय पर वितरित किए जाने का दावा भी विभाग की ओर से किया गया है।

आगे क्या

नई कंपनी के गठन, निजी पार्कों के लिए अनुदान की प्रक्रिया और जिलों में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता को लेकर आने वाले हफ्तों में विभागीय स्तर पर आगे की कार्यवाही होगी। दो महीने के लक्ष्य के तहत भूमि चिन्हांकन और आवंटन की प्रक्रिया पर उद्यमियों की नजर रहेगी, क्योंकि 22 जिलों में भूमि समाप्त होने की बात खुद मुख्यमंत्री ने मंच से कही है। 2028 तक पांच हजार भूखंडों के लक्ष्य और 30 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की प्रगति भी आने वाले महीनों में देखी जाएगी।

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