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मध्य प्रदेश राज्योत्सव का आज भव्य शुभारंभ: सुबह 11 बजे प्रदर्शनियों का उद्घाटन, शाम 6:30 बजे मुख्य समारोह, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति

सांकेतिक चित्र: भोपाल शहर सांकेतिक चित्र: भोपाल शहर

भोपाल ब्यूरो

सार: मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ कल, रविवार 1 नवंबर को होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे विकास प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगे और शाम 6:30 बजे लाल परेड ग्राउंड में मुख्य सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन संध्या में 71 बच्चों के सामूहिक वंदे मातरम् गायन, पुलिस बैंड की प्रस्तुति और आतिशबाजी के बीच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी।

मध्य प्रदेश अपना 71वां स्थापना दिवस मनाने के लिए तैयार है। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह वार्षिक उत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सात दशकों की विकास यात्रा और आधुनिक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रदर्शित करेगा। राज्योत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।

राज्योत्सव की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। समारोह से पहले 30 और 31 अक्टूबर को भोपाल के प्रमुख मार्गों से भव्य सांस्कृतिक गौरव यात्राएं निकाली गईं, जिनमें 400 से अधिक लोक एवं जनजातीय कलाकारों ने भाग लिया। इन यात्राओं ने शहर में उत्सव का माहौल बना दिया है। अब सबकी नजर 1 नवंबर के उद्घाटन कार्यक्रम पर है, जब मुख्यमंत्री स्वयं प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगे और शाम को मुख्य समारोह का शुभारंभ करेंगे।

कल का कार्यक्रम: सुबह 11 बजे से शाम 6:30 बजे तक

1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे राज्योत्सव के तहत लगाई गई विकास प्रदर्शनियों का उद्घाटन कर उनका अवलोकन करेंगे। इनमें आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और स्वाद-देशज व्यंजन मेला शामिल हैं। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में खेती की नई तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। विकास दीर्घा में प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं की झलक देखने को मिलेगी।

महिला उद्यमिता मंडप में महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। यह मंडप महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की दिशा में प्रदेश की प्रगति को दर्शाएगा। स्वाद-देशज व्यंजन मेले में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। यह मेला प्रदेश की खानपान संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा।

शाम को 6:30 बजे लाल परेड ग्राउंड में मुख्य सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की बधाई देंगे और विकास तथा जनकल्याण से जुड़े संकल्प साझा करेंगे। मुख्य समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है।

उद्घाटन संध्या का आकर्षण: 71 बच्चों का वंदे मातरम् और मोनाली ठाकुर

मुख्य सांस्कृतिक समारोह की शुरुआत देशराग कार्यक्रम से होगी। इसके अंतर्गत 71 बच्चों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। बच्चों की संख्या 71 इसलिए रखी गई है, क्योंकि प्रदेश अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है। इसके साथ पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी जाएगी और आकाश में नयनाभिराम आतिशबाजी होगी।

उद्घाटन संध्या का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की सुगम संगीत प्रस्तुति होगी। मोनाली ठाकुर अपने लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। उनकी प्रस्तुति को लेकर भोपाल के संगीत प्रेमियों में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार, उद्घाटन संध्या को इस तरह तैयार किया गया है कि वह प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा और उल्लास दोनों को दर्शाए।

दूसरे और तीसरे दिन क्या होगा

राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को 20 से अधिक पारंपरिक लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें करमा, सैला, भगोरिया, बधाई, मटकी, काठी और अहिराई जैसे लोक नृत्य शामिल हैं। इसके साथ ही अनुगूँज वाद्यवृंद की प्रस्तुति भी होगी, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनें सुनाई देंगी। दूसरे दिन देश के अन्य राज्यों के लोक नृत्य भी देखने को मिलेंगे, जिससे यह उत्सव राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का रूप लेगा।

तीसरे दिन 3 नवंबर को राज्योत्सव का गरिमामय समापन होगा। समापन संध्या में कृषि आधारित पारंपरिक नृत्यों के बाद राजस्थान के सुविख्यात लोक गायक मामे खान राजस्थानी लोक गायन की प्रस्तुति देंगे। मामे खान की गायकी अपनी माटी की खुशबू और ऊंचे सुरों के लिए जानी जाती है। उनके साथ साथी कलाकार भी मंच साझा करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हल्के संगीत, लोक और आदिवासी प्रस्तुतियों तथा वाद्य संगीत की झलक देखने को मिलेगी।

102 मेधावी विद्यार्थियों और 165 किसानों का सम्मान

राज्योत्सव के दौरान प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के तहत सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री चयनित छात्र-छात्राओं को मंच से एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। यह छात्रवृत्ति प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इसके साथ ही किसान स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इन विजेताओं को 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर वितरित किए जाएंगे। भोपाल जिले के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कृत करेंगे। यह पहली बार है जब स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों को इस तरह की सौगात दी जा रही है। इससे कृषि और किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्राथमिकता भी स्पष्ट होती है।

राजा भोज का भोपाल समेत प्रदर्शनियां और संगोष्ठी

राज्योत्सव में इतिहास और कला के शौकीनों के लिए राजा भोज का भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की विशेष प्रदर्शनी खास आकर्षण होगी। यह प्रदर्शनी महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा तैयार की गई है। इन चित्रों में भोपाल के इतिहास, उसकी झीलों, पुरानी इमारतों और सांस्कृतिक धरोहर को जल रंगों के माध्यम से उकेरा गया है।

इसके अलावा उन्नत कृषि तकनीकों और जैविक खेती पर केंद्रित राज्य स्तरीय संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इसमें कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान अपने अनुभव साझा करेंगे। विरासत से विकास तथा जनकल्याण एवं विकास विषयों पर भी प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। 2 और 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक कृषि प्रदर्शनी आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

थीम और पृष्ठभूमि: सात दशक की विकास यात्रा

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने जानकारी दी है कि इस बार उत्सव की थीम विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश रखी गई है। यह थीम प्रदेश की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और आदिवासी विरासत को संरक्षित करते हुए बुनियादी ढांचे, कृषि, औद्योगिक निवेश, पर्यटन और तकनीकी नवाचार में प्रगति के प्रति समर्पण को रेखांकित करती है।

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। तब से हर साल 1 नवंबर को प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है। राज्योत्सव इसी अवसर पर आयोजित होने वाला सबसे बड़ा राज्य स्तरीय सांस्कृतिक आयोजन है। सात दशकों में प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सिंचाई और उद्योग के क्षेत्र में लंबी दूरी तय की है। राज्योत्सव इस यात्रा का उत्सव भी है और आगे की दिशा का संकेत भी।

आगे क्या: तीन दिन का उत्सव भोपाल को देगा सांस्कृतिक रंग

कुल मिलाकर, 1 नवंबर से भोपाल तीन दिन तक संस्कृति, संगीत, कला और विकास की झलक का केंद्र बन जाएगा। लाल परेड ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनियां, व्यंजन मेला, लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां आम लोगों के लिए खुली रहेंगी। उद्घाटन के बाद 2 नवंबर को लोक नृत्यों और 3 नवंबर को मामे खान की प्रस्तुति के साथ उत्सव का समापन होगा। तीन दिवसीय राज्योत्सव की ताजा जानकारी के अनुसार, समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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