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दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में इंदौर कांग्रेस की बड़ी मौजूदगी: चिंटू चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रामलीला मैदान पहुंचा

दिल्ली रैली में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली रैली में शामिल इंदौर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल (संपादक द्वारा भेजी गई तस्वीर)

इंदौर ब्यूरो

सार: दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में इंदौर कांग्रेस की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रामलीला मैदान पहुंचा है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के अनुसार कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहा है, जिस पर सत्ताधारी पार्टी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

दिल्ली के रामलीला मैदान पर आज विपक्ष की महारैली में इंदौर की भी मजबूत मौजूदगी रही। इंदौर से बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं और उन्होंने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रामलीला मैदान पहुंचा, जहां देशभर से आए कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस मौके पर इंदौर के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। इंदौर से दिल्ली तक का यह सफर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के उत्साह को दिखाता है, जो अपने नेता के आह्वान पर राजधानी पहुंचे हैं।

सोनिला मिमरोट ने क्या कहा

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने इस मौके पर कहा कि आज पूरा देश देख रहा है कि किस तरह राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश की कांग्रेस और आम जन दिल्ली में उमड़ पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता राहुल गांधी के नेतृत्व में दृढ़ संकल्पित है कि चोरी की हुई सरकार को हटाना है। उनके शब्दों में, लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की रक्षा और हर मतदाता के वोट के अधिकार को बचाने के लिए ये आंदोलन शुरू हुआ है। मिमरोट ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। इंदौर के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने भी इसी भावना को दोहराया और कहा कि वे इस आंदोलन में पूरी ताकत से साथ खड़े हैं।

भीड़ को लेकर क्या दावा किया गया

सोनिला मिमरोट ने बताया कि रैली के दौरान दिल्ली की तमाम सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और यह भीड़ इस बात का संकेत है कि आम जनता अब सड़क पर आ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि लाखों लोगों का यह जनसैलाब बता रहा है कि वोट चोरी कर बनी सरकारों के खिलाफ अब जनता में गुस्सा है। यह बयान आयोजकों और कांग्रेस नेताओं के दावे के तौर पर सामने आया है, भीड़ के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मिमरोट ने यह भी बताया कि रैली के दौरान कारवां सीपी एरिया पर था और दिल्ली की सड़कों पर कार्यकर्ताओं का हुजूम देखा गया। इंदौर के कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि उन्होंने दिल्ली में जो उत्साह देखा है, वह इस आंदोलन की ताकत को दिखाता है।

किस मांग को लेकर हो रहा है प्रदर्शन

यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई है और कई लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक सार्वजनिक महाभियोग का प्रस्ताव भी हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया था। आज की रैली में उसी मांग को सड़क पर उठाया गया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे के साथ इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई हर मतदाता के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है।

रैली के दौरान मुखौटा लगाकर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
रैली के दौरान मुखौटा लगाकर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता (संपादक द्वारा भेजी गई तस्वीर)

दूसरी ओर भाजपा की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी ने भी इस रैली पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने 1 नवंबर की तारीख को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी होती है और इस दिन रैली करना सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। इसके साथ ही भाजपा ने पश्चिम दिल्ली में 1984 के दंगों के पीड़ितों की याद में अलग मार्च भी निकाला है। इस तरह आज दिल्ली में विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रम एक साथ देखने को मिले। विपक्ष का कहना है कि उसका प्रदर्शन पूरी तरह मतदाता सूची और चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्रित है, जबकि भाजपा का कहना है कि रैली की तारीख का चुनाव गलत है।

इंदौर कांग्रेस की भूमिका

इस प्रदर्शन में इंदौर कांग्रेस की भूमिका अहम रही है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल का दिल्ली पहुंचना यह दिखाता है कि इंदौर की इकाई राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट की मौजूदगी ने भी इस भागीदारी को मजबूती दी है। इंदौर के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे अपने शहर से दिल्ली तक इस संदेश को लेकर आए हैं कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर कार्यकर्ता तैयार है। महारैली की घोषणा के बाद से ही इंदौर में इस आयोजन को लेकर तैयारी चल रही थी और आज उसका नतीजा दिल्ली की सड़कों पर दिखा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला था, जिसके बाद यह प्रदर्शन और भी चर्चा में आ गया है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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