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दिल्ली में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन: कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता सड़कों पर

राहुल गांधी (फ़ाइल फोटो) फाइल चित्र: कांग्रेस नेता राहुल गांधी

नई दिल्ली ब्यूरो

सार: दिल्ली में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन आज सड़कों पर उतर आया है। विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहा है। मार्च के दौरान मध्य दिल्ली में यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं और रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। व्यापारियों की आपत्ति और सत्ताधारी पार्टी की आलोचना भी इस प्रदर्शन के साथ चर्चा में है।

दिल्ली की सड़कों पर आज विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोपहर में कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। सुबह से ही रामलीला मैदान पर समर्थकों का जुटना शुरू हो गया था और दोपहर होते-होते मार्च ने रफ्तार पकड़ ली। इस प्रदर्शन को विपक्ष ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी सबसे बड़ी ताकत दिखाने के मौके के तौर पर पेश किया है। मार्च में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता, छात्र संगठन और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। दिल्ली के मध्य इलाकों में इस मार्च के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

मार्च का रास्ता और कौन-कौन शामिल हुआ

मार्च की शुरुआत मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से हुई और यह अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंचा। इससे पहले विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटे और वहां से खुली बस में मिंटो रोड तक पहुंचे। मार्च में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा वाम दलों के नेता भी इस मार्च का हिस्सा बने। रामलीला मैदान के बाहर मार्च की घोषणा करने वाले पोस्टर लगाए गए थे और मैदान पर पहले से ही समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी। विपक्ष का कहना है कि यह मार्च लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निकाला जा रहा है।

प्रदर्शन की मांग क्या है

इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी हुई है और कई लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। विपक्ष इसे मतदाता सूची से जुड़ी धांधली बताते हुए चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है। इसी मुद्दे पर गठबंधन ने एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक सार्वजनिक महाभियोग का प्रस्ताव भी हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया था। विपक्ष की मांग है कि विशेष गहन पुनरीक्षण को रोका जाए और पुरानी मतदाता सूची बहाल की जाए। इन मांगों को लेकर ही आज का मार्च और महारैली आयोजित की गई है।

राहुल गांधी की अपील और व्यापारियों से संदेश

रैली से पहले राहुल गांधी ने लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने अपने संदेश में कहा था, दिल्ली, तैयार हो जाओ! वोट बचाओ, देश बचाओ। कनॉट प्लेस आइए, साथ चलते हैं। या सीधे रामलीला मैदान में मिलते हैं, मगर आना जरूर है। आज दोपहर 12 बजे। इसके अलावा व्यापारियों की नाराजगी के बीच उन्होंने एक वीडियो संदेश में कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि प्रदर्शन और रैली के साथ-साथ दिल्ली के छोटे व्यापारियों और बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि स्थानीय कारोबार को नुकसान के बजाय फायदा पहुंचे। उन्होंने कहा था कि त्योहारों का मौसम है, दिवाली, छठ और भाईदूज का समय है, और बाहर से आने वाले लाखों लोग अगर स्थानीय दुकानों से सामान खरीदेंगे तो व्यापारियों का फायदा होगा।

व्यापारियों की आपत्ति भी चर्चा में

इस महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों में नाराजगी भी देखने को मिली है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने रैली को दिवाली के बाद स्थगित करने की अपील की थी और कहा था कि त्योहारी सीजन के दौरान इस तरह के आयोजन से व्यापार पर असर पड़ता है। व्यापारिक संगठनों का अनुमान है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और वाहन मध्य दिल्ली में जुट सकते हैं, जिससे बाजारों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। सदर बाजार के व्यापारी संगठन ने भी रैली को 10 नवंबर के बाद करने का अनुरोध किया था। हालांकि राहुल गांधी की खरीदारी वाली अपील का व्यापारी संगठन ने स्वागत भी किया है। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस महारैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि रामलीला मैदान इसके लिए छोटा पड़ जाएगा। यह बयान आयोजकों के दावे के तौर पर सामने आया है।

सत्ताधारी पार्टी की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी ने भी इस रैली पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने 1 नवंबर की तारीख को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी होती है और इस दिन रैली करना सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। इसके साथ ही भाजपा ने पश्चिम दिल्ली में 1984 के दंगों के पीड़ितों की याद में अलग मार्च भी निकाला है, जो हरि नगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक गया। इस तरह आज दिल्ली में विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रम एक साथ देखने को मिले। विपक्ष का कहना है कि उसका प्रदर्शन पूरी तरह मतदाता सूची और चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्रित है।

सुरक्षा और यातायात के इंतजाम

मार्च और महारैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए हैं। यह प्रतिबंध सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहे हैं और लोगों को आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास के रास्तों से बचने की सलाह दी गई है। रामलीला मैदान के आसपास पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त के अनुसार मैदान में लगभग 45 से 50 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मैदान और मार्च के रास्ते पर पुलिसकर्मियों की भारी मौजूदगी रही। लोगों से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।

महारैली की घोषणा पहले ही हो चुकी थी

इस महारैली की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने 5 अक्टूबर को इस रैली की घोषणा की थी, जिसके बाद से ही विपक्ष इस आयोजन की तैयारी में जुटा था। महारैली की घोषणा के बाद से ही इस पर चर्चा चल रही थी और आज इसका आयोजन हुआ है। रामलीला मैदान में होने वाली इस महारैली में विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं के भाषण होने हैं, जिनमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हैं। रैली से जुड़े ताजा अपडेट के अनुसार मार्च के रामलीला मैदान पहुंचने के बाद महारैली का कार्यक्रम आगे बढ़ा है।

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डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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