इंदौर ब्यूरो
सार: इंदौर में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और सेना जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी की कार्यशैली देखकर ऐसा लगता है जैसे वे पाकिस्तान से आकर भारत में राजनीति कर रहे हों। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतंत्र का अपमान करने और अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया।
इंदौर में पदयात्रा और सभा का आयोजन
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को इंदौर में भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई और शहर के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंची, जहां समापन सभा आयोजित की गई। पदयात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी पदयात्रा में शामिल हुए। समापन स्थल पर आयोजित सभा को मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर क्या कहा
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना सहित हर मुद्दे पर राहुल गांधी की नादानियां सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है राहुल गांधी इस देश के नहीं हैं और पाकिस्तान से यहां आकर राजनीति कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अराजकता फैला रहे हैं और अपनी नादानी में उन संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं जो संवैधानिक अधिकारों के बल पर लोकतंत्र की रक्षा करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता कांग्रेस की अराजकता और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और सेना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं संविधान से मिले अधिकारों के आधार पर लोकतंत्र की रक्षा करती हैं और इन पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हार के बाद अराजकता फैलाना और संवैधानिक संस्थाओं पर दोषारोपण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश की जागरूक जनता कांग्रेस की इस राजनीति का जवाब देगी और लोकतंत्र तथा संवैधानिक व्यवस्था के प्रति अपना विश्वास बनाए रखेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इंदौर में उमड़ा जनसैलाब राहुल गांधी, कांग्रेस और विपक्षी दलों को जनता की स्पष्ट चेतावनी है।
लोकतंत्र की रक्षा की शपथ
सभा के समापन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उपस्थित लोगों को लोकतंत्र की रक्षा की शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया कि हम भारत के संविधान, विधि के शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जनादेश का अपमान करने और देश में अराजकता फैलाने वाली हर साजिश का डटकर विरोध करेंगे। हम अपनी युवा पीढ़ी को भ्रम और भटकाव से बचाकर सही दिशा देंगे। स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे। हम लोकतंत्र बचाएंगे और अराजकता हटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता की लालसा में अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालों को एक बात समझ लेनी चाहिए कि भाजपा के कमल को खिलने से कोई ताकत नहीं रोक सकती है।
मंच से दूसरे नेताओं के बयान
पदयात्रा और सभा में शामिल दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमले किए। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दलों द्वारा पूरे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों और मृत व्यक्तियों के नाम बनाए रखने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से ज्यादा यहां युवाओं की भीड़ उमड़ी है। नेताओं ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष के नैरेटिव को तोड़ने के लिए लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान चलाने का फैसला किया है।
अभियान की पृष्ठभूमि: एसआईआर और चुनाव आयोग विवाद
भाजपा का लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग को लेकर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में चलाया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विरोध करके राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, जबकि विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। इसी विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। इंदौर की पदयात्रा इसी अभियान की एक कड़ी थी, जिसमें भाजपा ने लोकतंत्र, संविधान और जनादेश के समर्थन में जनजागरण का संदेश दिया। इस अभियान के तहत भाजपा विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राएं और सभाएं आयोजित कर रही है।
दूसरा पक्ष: विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों का रुख इस मुद्दे पर पहले से दर्ज है। इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया है और 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली का आह्वान किया है। इस महारैली में मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च की योजना है और राहुल गांधी ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस विशेष बयान पर कांग्रेस की ताजा प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा। इस खबर में मुख्यमंत्री के बयान के साथ-साथ विपक्ष का पहले से दर्ज रुख भी शामिल किया गया है, ताकि पाठकों को दोनों पक्षों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
आगे क्या होगा
आने वाले दिनों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राएं और सभाएं आयोजित कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्षी दल 1 नवंबर की दिल्ली महारैली की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बना रहेगा। इंदौर की सभा में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और अभियान के अगले चरणों पर सभी की नजर रहेगी।
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