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DRI का भोपाल ISBT पर बड़ा छापा: 9.139 किलो मेथामफेटामाइन जब्त, ₹7.32 करोड़ की ड्रग्स के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

सांकेतिक चित्र: बस अड्डे पर सामान की जांच (फोटो: सांकेतिक)

भोपाल ब्यूरो।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने भोपाल के अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.139 किलोग्राम क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत अधिकारियों के अनुसार ₹7.32 करोड़ आंकी गई है। दिल्ली से बस से आ रहे एक पुरुष यात्री को इस मामले में NDPS एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई मंगलवार, 20 अक्टूबर की तड़के विशेष खुफिया सूचना पर की गई।

तड़के ISBT पर DRI का छापा — ऐसे पकड़ा गया तस्कर

DRI अधिकारियों को विशेष सूचना मिली थी कि दिल्ली से बस से आ रहा एक पुरुष यात्री मादक पदार्थ लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर DRI की टीम ने 20 अक्टूबर की तड़के ISBT भोपाल पर घेराबंदी की और जैसे ही संबंधित बस अड्डे पर पहुंची, संदिग्ध यात्री को रोककर उसकी तलाशी ली गई। अधिकारियों के अनुसार यात्री के पास दो मध्यम आकार के ट्रॉली बैग थे, जिनकी गहन जांच में ड्रग्स का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

सलवार-सूट के पैकेटों में छिपा रखी थी ड्रग्स

तलाशी के दौरान दोनों ट्रॉली बैगों से कुल 11 प्लास्टिक के पैकेट बरामद हुए, जिनमें क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन भरी थी — कुल वजन 9.139 किलोग्राम। तस्कर ने ड्रग्स को छिपाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया था: मेथामफेटामाइन के पैकेटों को सलवार-सूट के पैकेटों के अंदर छिपाकर रखा गया था, ताकि सामान्य जांच में वह कपड़ों का सामान लगे। हालांकि DRI की गहन तलाशी में यह चालाकी पकड़ी गई। NDPS फील्ड टेस्ट किट से जांच में सभी 11 पैकेटों में मेथामफेटामाइन की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत ₹7.32 करोड़ है।

एक ही रूट पर एक महीने में दूसरा बड़ा मामला

यह भोपाल ISBT पर एक महीने के भीतर ड्रग्स का दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले 14 अक्टूबर को DRI ने इसी ISBT पर दिल्ली से बेंगलुरु जा रही बस में सवार एक नाइजीरियाई महिला से 2.604 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की थी, जिसकी कीमत ₹2.08 करोड़ आंकी गई थी। उसे भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों मामलों में समानता चौंकाने वाली है — दिल्ली से दक्षिण की ओर जाने वाली अंतरराज्यीय बस, ISBT भोपाल पर जांच, और बैगों में छिपाकर लाई गई सिंथेटिक ड्रग्स। इससे साफ है कि तस्कर इस रूट को लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं।

अंतरराज्यीय बसें बनीं तस्करों का पसंदीदा जरिया

जांच एजेंसियों के अनुसार ड्रग तस्कर अब हवाई और रेल मार्ग की कड़ी निगरानी से बचने के लिए अंतरराज्यीय लग्जरी बसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बसों में सामान की जांच अपेक्षाकृत कम होती है और यात्रियों की भीड़ में तस्कर आसानी से घुल-मिल जाते हैं। दिल्ली से दक्षिण भारत के शहरों तक का लंबा बस रूट तस्करों के लिए सुविधाजनक बन गया है — बीच में भोपाल जैसे बड़े जंक्शन पर ड्रग्स की खेप उतारी या आगे भेजी जाती है। DRI की लगातार दो कार्रवाइयों से इस नेटवर्क पर चोट पहुंची है, लेकिन एजेंसी का मानना है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।

NDPS एक्ट में गिरफ्तार, जांच जारी — नेटवर्क की तलाश

गिरफ्तार यात्री के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS), 1985 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स की यह खेप कहां से आई थी, भोपाल में इसे किसे सौंपा जाना था और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है। यात्री के मोबाइल फोन, यात्रा टिकट और अन्य सामान की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है। गौरतलब है कि DRI हाल के हफ्तों में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ देशभर में सघन अभियान चला रही है — 20 अक्टूबर को ही बेंगलुरु, नागपुर और दिल्ली में तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में 10 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की गई थी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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