भोपाल ब्यूरो
मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। उत्तरी हिस्से में बन रहे पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से MP मौसम बारिश का दौर शुरू होगा — प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 अक्टूबर के बीच प्रदेश के पांच संभागों में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी या बारिश के हालात बन सकते हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव ग्वालियर-चंबल अंचल में दिखने की संभावना है, जबकि भोपाल और इंदौर में मौसम मुख्य रूप से साफ बना रहेगा।
अक्टूबर का यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि दिन में धूप और सुबह-शाम की ठंडक के बीच अब बादलों की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। किसानों, यात्रियों और आम लोगों को अगले चार दिनों के लिए मौसम की जानकारी पहले से रखना जरूरी होगा, ताकि वे अपनी दिनचर्या और कामकाज उसी के अनुसार तय कर सकें।
MP मौसम बारिश: कहां-कहां होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार, 15 अक्टूबर को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच और मंदसौर में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे खुले इलाकों में धूल उड़ सकती है और हल्की चीजें उड़ने का डर रहता है।
इसके अलावा आने वाले दिनों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भी असर देखने को मिलेगा। इन जिलों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं थोड़ी तेज बारिश हो सकती है। उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में भी बूंदाबांदी की स्थिति बनी रह सकती है।
किसानों के लिए यह दौर मिला-जुला रह सकता है। जिन खेतों में फसल कटाई के करीब है, उन्हें बारिश से पहले सुरक्षित जगह पर रखने की तैयारी करनी चाहिए। वहीं, जिन इलाकों में मिट्टी में नमी कम हो गई थी, वहां हल्की बारिश से रबी की तैयारी में मदद मिल सकती है।
MP मौसम बारिश: भोपाल-इंदौर का हाल
भोपाल और इंदौर संभाग में मौसम साफ रहेगा। दिन में धूप और रात में ठंडक बनी रहेगी। सुबह के समय हल्की गुलाबी ठंड महसूस हो सकती है, जबकि दोपहर में धूप खिली रहने से बाहर निकलना आसान रहेगा। इन दोनों शहरों में रहने वाले लोगों को बारिश की ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुबह-शाम के तापमान में अंतर की वजह से हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के असर से गुरुवार से रविवार तक प्रदेश में बादल-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब है कि 15 से 18 अक्टूबर के बीच कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है।
बीते 10 सालों का ट्रेंड भी देखें तो अक्टूबर महीने में बादल, बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। अक्टूबर को आमतौर पर मानसून के जाने और सर्दी के आने के बीच का महीना माना जाता है। इस दौरान कभी दिन में तेज धूप से गर्मी महसूस होती है, तो कभी सुबह-शाम की ठंडक सर्दी का अहसास करा देती है।
इस बार मानसून कैसा रहा?
इस बार मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानी 100 दिन सक्रिय रहा। इन 100 दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जिससे खेतों, तालाबों और बांधों में पानी की स्थिति बेहतर हुई। किसानों को खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिली और कई इलाकों में भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिला।
मानसून की विदाई के बाद अब अक्टूबर में मौसम धीरे-धीरे सर्दी की ओर बढ़ रहा है। सुबह-शाम की ठंडक इसका संकेत दे रही है। कुल मिलाकर, 15 से 18 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश का मौसम मिला-जुला रहेगा। ग्वालियर-चंबल में बारिश का असर ज्यादा दिखेगा, जबकि भोपाल-इंदौर में मौसम साफ और सुहावना बना रहेगा। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर देखें और तेज हवा के दौरान सुरक्षित जगह पर रहें।
