इंदौर ब्यूरो
नवरात्रि के पावन दिनों में इंदौर वासियों के सामने अपने भविष्य को नई दिशा देने का एक सुनहरा मौका आया है। नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवासीय परिसरों में दुकानें खरीदने का अवसर खोल दिया है। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का मकसद यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी दुकान के मालिक बनकर स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ें।
अक्सर लोग बरसों तक किराए की दुकान में काम करते हैं, जहाँ हर महीने किराए की चिंता और जगह बदलने का डर बना रहता है। अपनी दुकान होने से कारोबार को एक स्थायी ठिकाना मिलता है और भविष्य की योजनाएँ आत्मविश्वास के साथ बनाई जा सकती हैं। इसी सोच के साथ यह अवसर लाया गया है, ताकि छोटे व्यापारी, युवा उद्यमी और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले नागरिक अपने सपनों को साकार कर सकें। आवेदन की आखिरी तारीख आज, 15 अक्टूबर 2026 है, इसलिए इच्छुक लोगों को देर नहीं करनी चाहिए।

किन परिसरों में मिलेगी दुकान?
इस योजना के तहत शहर के आठ आवासीय परिसरों में दुकानों के लिए आवेदन लिया जा रहा है। इनमें गुलमर्ग, सतपुड़ा, शिवालिक, अमलतास, नर्मदा, पलाश, नीलगिरि और ताप्ती परिसर शामिल हैं। ये परिसर ऐसे इलाकों में स्थित हैं, जहाँ रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दुकानों की अच्छी माँग रहती है, इसलिए यहाँ कारोबार शुरू करने वालों को ग्राहकों का अच्छा आधार मिल सकता है।
इच्छुक व्यक्ति अपनी सुविधा और कारोबार की प्रकृति के हिसाब से परिसर का चुनाव कर सकते हैं। किराना और दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर सेवा से जुड़े कामों और छोटे व्यापार तक, हर तरह के उद्यम के लिए अपनी दुकान एक मजबूत शुरुआत साबित हो सकती है। आवासीय परिसरों के भीतर दुकान होने से आसपास रहने वाले परिवारों तक सीधी पहुँच भी बनती है, जो किसी भी नए कारोबार के लिए बड़ी ताकत होती है।

क्यों खास है यह अवसर?
इस मौके को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात इसका स्वामित्व है। दुकान किराए पर लेने और उसका मालिक बनने में बड़ा फर्क होता है। मालिक बनने के बाद हर महीने किराया देने की चिंता खत्म हो जाती है और कमाई का एक बड़ा हिस्सा बचकर कारोबार को बढ़ाने में लगाया जा सकता है।
अपनी दुकान से कारोबार को एक स्थायी पता और पहचान मिलती है। ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और लंबे समय की योजना बनाना आसान हो जाता है। दुकान को अपनी जरूरत के हिसाब से सजाया-संवारा जा सकता है और धीरे-धीरे उसे एक भरोसेमंद ब्रांड के रूप में विकसित किया जा सकता है। यही वजह है कि छोटे व्यापारियों और नए उद्यमियों के लिए यह पहल स्वरोजगार की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
नवरात्रि को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे शुभ समय में अपने व्यवसाय की नींव रखना कई लोगों के लिए भावनात्मक रूप से भी खास होता है। यह अवसर उसी भावना को एक ठोस रूप दे रहा है, जहाँ सपनों को सिर्फ सोचा नहीं, बल्कि उन्हें अपनी दुकान के रूप में साकार किया जा सकता है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, ताकि लोग घर बैठे ही फॉर्म भर सकें। इच्छुक आवेदक एमपी ऑनलाइन के आधिकारिक पोर्टल https://pmay-imc.mponline.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
नगर निगम ने नागरिकों से कहा है कि वे पोर्टल पर दी गई प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित तरीके से आवेदन पूरा करें। आवेदन करते समय सभी जानकारियाँ सही-सही भरना जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। ऑनलाइन प्रक्रिया से समय की बचत होती है और आवेदन सीधे संबंधित व्यवस्था तक पहुँच जाता है।

अंतिम तिथि आज ही
इस मौके की सबसे अहम बात समय-सीमा है। दुकान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 तय की गई है, यानी आज ही आखिरी दिन है। जो लोग इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें आज ही अपना आवेदन जमा करना होगा।
आखिरी समय का इंतजार करने पर पोर्टल पर भीड़ या तकनीकी दिक्कत भी आ सकती है, इसलिए समय रहते आवेदन पूरा करना ही समझदारी होगी। एक दिन की देरी भी इस सुनहरे मौके को हाथ से निकाल सकती है, जबकि समय पर किया गया एक छोटा-सा कदम आने वाले वर्षों के लिए कारोबार की मजबूत नींव बन सकता है।
निगम की अपील
नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल का पूरा लाभ उठाएँ। निगम का कहना है कि अपनी दुकान लेकर लोग न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि आगे चलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के रास्ते खोल सकते हैं।
यह पहल सिर्फ दुकान खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम है। इसलिए नगर निगम ने सभी इच्छुक नागरिकों से कहा है कि वे आज ही आवेदन करें, अपने व्यवसाय को नई पहचान दें और स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ें।
