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मध्य प्रदेश में ठंड ने पकड़ी रफ्तार: इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा, 14 शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे

सांकेतिक चित्र: कोहरे भरी सर्द सुबह सांकेतिक चित्र: कोहरे भरी सर्द सुबह (स्रोत: Wikimedia Commons)

भोपाल ब्यूरो

सार: दीपावली की रात के बाद मध्य प्रदेश में ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। बीती रात प्रदेश के 14 शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जबकि इंदौर की रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी रही। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 नवंबर को प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड का अहसास और बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश में ठंड का असर: बीती रात 14 शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे

मध्य प्रदेश में ठंड अब धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी है। दीपावली के दिन प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया था, और रात होते-होते तापमान में गिरावट साफ महसूस की गई। बीती रात प्रदेश के 14 शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इन शहरों में कटनी जिले का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहाँ पारा 11.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री, इंदौर में 12.5 डिग्री, रायसेन और पचमढ़ी में 12.6 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और अमरकंटक में रात का तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा छिंदवाड़ा में 13.5 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 13.5 डिग्री, मंडला में 14.2 डिग्री, उमरिया में 14.2 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 14.4 डिग्री, रीवा में 14.6 डिग्री और बैतूल में 14.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय प्रदेश के कई इलाकों में धुंध भी छाई रही, जिससे सर्दी का अहसास और बढ़ गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 5 नवंबर को भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री, इंदौर में 12.7 डिग्री और पचमढ़ी में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि उसी दिन शाजापुर जिले के गिरवर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था।

इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा, सबसे ठंडा रहा करौंदी

इस बार की ठंड की सबसे खास बात यह रही कि इंदौर की रात प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी रही। इंदौर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 12.6 डिग्री रहा। आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में रातें मैदानी शहरों से ज्यादा ठंडी होती हैं, लेकिन इस बार उल्टा देखने को मिला। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि मैदानी इलाकों में साफ आसमान और शुष्क हवा के कारण रात में गर्मी तेजी से बाहर निकल जाती है, जिससे तापमान तेजी से नीचे आता है। कटनी जिले के करौंदी में 11.4 डिग्री के साथ प्रदेश की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। शहडोल संभाग के कल्याणपुर में 12.4 डिग्री तापमान रहा। भोपाल में भी रात का पारा 13.2 डिग्री तक आ गया, जिससे राजधानी में भी सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस की जाने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में ठंड का असर और तेज होगा।

सांकेतिक चित्र: खेतों पर छाई सुबह की धुंध
सांकेतिक चित्र: खेतों पर छाई सुबह की धुंध (स्रोत: Wikimedia Commons)

9 नवंबर को कैसा रहेगा मौसम: भोपाल में दिन 31, रात 11 डिग्री

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 नवंबर को मध्य प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है। दिन में आसमान साफ रह सकता है और धूप निकलने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रह सकता है। भोपाल में 9 नवंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इंदौर और ग्वालियर में भी दिन में धूप और रात में ठंड का यही क्रम बना रह सकता है। सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ सकता है, इसलिए बाहर निकलने वाले लोगों को हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान में फिलहाल राज्य में व्यापक बारिश या तेज आंधी की स्थिति नहीं दिखाई गई है। आने वाले दिनों में तापमान में होने वाले बदलाव पर नजर रखनी होगी। गोवर्धन पूजा के दिन भी प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे बाहर होने वाले कार्यक्रमों में मौसम की वजह से कोई परेशानी नहीं होगी।

10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ, ठंडी हवाओं से बढ़ेगी सर्दी

मौसम विभाग के अनुसार 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ने की संभावना है। इस सिस्टम के सक्रिय होने के बाद अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक गिरावट आने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि दीपावली के बाद शुरू हुई ठंड अब धीरे-धीरे और गहरी होगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होने का अनुमान है। 15 नवंबर के बाद ठंड बढ़ने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने 6 से 10 नवंबर तक पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है, यानी इस अवधि में आंधी-बारिश की कोई आशंका नहीं है, लेकिन तापमान का गिरता क्रम जारी रहेगा। दिन के तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक की गिरावट देखी जा रही है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

देश के अन्य हिस्सों में मौसम: दक्षिण में बारिश, कश्मीर में बर्फबारी

मध्य प्रदेश में जहाँ मौसम शुष्क और ठंडा बना हुआ है, वहीं देश के अन्य हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग है। मौसम विभाग के अनुसार 9 नवंबर से दक्षिण भारत के कई राज्यों के साथ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। दिल्ली-एनसीआर में 9 नवंबर को बारिश की कोई संभावना नहीं है। राजधानी में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और सुबह के समय कुछ इलाकों में मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। दिल्ली का न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 12 नवंबर को कश्मीर घाटी में कहीं-कहीं भारी बारिश या बर्फबारी का अनुमान जताया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 9 से 10 नवंबर के दौरान मौसम बदलने की संभावना है।

सुबह के कोहरे और बढ़ती ठंड में सेहत का ध्यान

ठंड के मौसम में सुबह और रात के समय तापमान में अचानक गिरावट सेहत पर असर डाल सकती है। सुबह के समय कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कोहरे में दृश्यता कम हो जाती है, इसलिए वाहन की गति धीमी रखनी चाहिए और हेडलाइट का सही इस्तेमाल करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह जल्दी बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े पहनने चाहिए। रात में तापमान गिरने पर खुले में सोने से बचना चाहिए। घरों में भी सुबह और शाम के समय ठंडी हवा से बचाव के लिए खिड़की-दरवाजे समय पर बंद रखने चाहिए। मौसम में बदलाव के इस दौर में सर्दी-जुकाम और गले की तकलीफ बढ़ सकती है, इसलिए गर्म पानी और हल्का गर्म भोजन लेना फायदेमंद रहता है। जो लोग सुबह की सैर या व्यायाम के लिए बाहर जाते हैं, उन्हें सूरज निकलने के बाद ही बाहर निकलना चाहिए, जब कोहरा छंट जाए और तापमान थोड़ा बढ़ जाए।

आने वाले दिनों में ठंड का रुख और क्या करें

कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में ठंड का मौसम अब अपनी दस्तक दे चुका है। दीपावली के बाद से रात का तापमान लगातार नीचे आ रहा है और सुबह की धुंध भी बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, खासकर 10 नवंबर के बाद ठंडी हवाओं के चलने से सर्दी का अहसास तेज होगा। किसानों के लिए भी यह मौसम अहम है, क्योंकि रबी की फसलों के लिए ठंडा और शुष्क मौसम आमतौर पर अनुकूल माना जाता है। हालांकि सुबह के कोहरे और ओस से फसलों पर असर पड़ सकता है, इसलिए किसानों को मौसम विभाग की सलाह पर नजर रखनी चाहिए। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर ध्यान दें और अचानक बढ़ती ठंड के लिए पहले से तैयारी रखें। गर्म कपड़े, कंबल और अलाव की व्यवस्था समय पर कर लेनी चाहिए। मौसम विभाग ने फिलहाल शीतलहर की कोई चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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