उज्जैन ब्यूरो
सार: दीपावली के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन पहुंचे और नागझिरी थाने में पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों के साथ दीपोत्सव मनाया। जवानों से संवाद कर उन्होंने त्योहार पर ड्यूटी करने वाले पुलिस बल के त्याग को सराहा और फुलझड़ियां जलाकर खुशियां बांटीं। उज्जैन में मुख्यमंत्री की दीपावली का यह दौरा डॉक्टरों से मुलाकात और महाकाल दरबार के दीपोत्सव के साथ पूरे दिन की रौनक का हिस्सा रहा।
नागझिरी थाने में दीपोत्सव: जवानों और उनके परिवारों के साथ खुशियां
दीपावली के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के नागझिरी थाने में दीपोत्सव मनाने पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के साथ दीपोत्सव की खुशियां साझा कीं। थाने पहुंचने पर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सहित उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उन्होंने पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ समय बिताकर उनका उत्साहवर्धन किया। उज्जैन में मुख्यमंत्री की दीपावली का यह पड़ाव इसलिए भी खास रहा क्योंकि त्योहार की रात में भी थाने की ड्यूटी पर तैनात जवानों के बीच जाकर मुख्यमंत्री ने उनके साथ फुलझड़ियां जलाईं।
थाने में मौजूद जवानों और उनके परिवारों के लिए यह मुलाकात एक यादगार पल बन गई। आमतौर पर त्योहारों के मौके पर बड़े नेता अपने निवास या सार्वजनिक कार्यक्रमों में ही नजर आते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बार सीधे थाने पहुंचकर उन जवानों के साथ समय बिताया जो दीपावली की रात में भी शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। पुलिस परिवारों के बच्चों और परिजनों से भी उन्होंने बातचीत की और सभी को दीपावली की बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने जवानों से क्या कहा: सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण
नागझिरी थाने में जवानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस बल समाज के लिए सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने जवानों के जज्बे को नमन करते हुए कहा कि त्योहारों के समय जब पूरा शहर और समाज उत्सव के उल्लास में डूबा रहता है, तब पुलिसकर्मी अपने परिवारों और व्यक्तिगत खुशियों से दूर रहकर नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों का यह त्याग और कर्तव्यभाव अत्यंत सराहनीय है। उन्हीं के समर्पण की बदौलत आम नागरिक निर्भय होकर त्योहार मना पाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्य के साथ-साथ परिवार का भी ध्यान रखने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री के इस संवाद का सीधा संदेश था कि त्योहार पर ड्यूटी करने वाला हर जवान अकेला नहीं है — प्रदेश का मुखिया उसके साथ खड़ा है।
उज्जैन में मुख्यमंत्री की दीपावली: डॉक्टरों के साथ भी दीपोत्सव
उज्जैन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों के साथ भी दीपोत्सव मनाया। त्योहारों के दिनों में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी उसी तरह ड्यूटी पर रहते हैं, जैसे पुलिसकर्मी। मुख्यमंत्री की डॉक्टरों से मुलाकात इसी भावना का हिस्सा रही कि जो लोग त्योहार पर भी सेवा में जुटे हैं, उनके साथ पर्व की खुशियां बांटी जाएं। उज्जैन में मुख्यमंत्री की दीपावली इस तरह दो मोर्चों पर सेवा करने वालों — पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों — के बीच मनाई गई।
यह मुलाकात एक संदेश भी देती है। दीपावली सिर्फ घरों में दीये जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि उन लोगों को याद करने का भी अवसर है जो पर्व के दिन भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में अपने कार्यक्रमों के जरिए यही भावना सामने रखी।
मुख्यमंत्री का दिन: भोपाल में विधि-विधान से पूजा, बच्चों के साथ दीपावली, फिर उज्जैन
मुख्यमंत्री का दीपावली का दिन सुबह भोपाल से शुरू हुआ। उन्होंने अपने शासकीय निवास पर विधि-विधान से महालक्ष्मी और गणेश की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की निरंतर उन्नति एवं नागरिकों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने भोपाल के गांधीनगर में बच्चों के साथ दीपावली मनाई, उन्हें मिठाई खिलाई और पटाखे वितरित किए। मुख्यमंत्री निवास पर सुबह लोगों से मुलाकात कर उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री उज्जैन के लिए रवाना हुए। उनका यह उज्जैन प्रवास दो दिन का है — 8 और 9 नवंबर। उज्जैन पहुंचने पर उन्होंने ग्राम पंचायत ढेडिया में स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया और फिर उज्जैन शहर में कार्यक्रमों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का उज्जैन में ही रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रहा। उज्जैन दक्षिण से विधायक होने के नाते उज्जैन से उनका गहरा जुड़ाव है, और दीपावली के मौके पर उनका उज्जैन में रहना शहरवासियों के लिए भी खास रहा।
त्योहार पर सुरक्षा: पांच नवंबर को कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश
दीपावली से पहले पांच नवंबर को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि सभी लोग दीपावली हर्ष और आनंद से मनाएं, लेकिन कहीं भी किसी भी प्रकार का असामाजिक काम न हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ले। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दीपावली के दौरान अवैध और प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग न होने पाए और कार्बाइड गन व कार्बाइड लैंप जैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साधनों पर रोक रहे।
उसी बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों से कहा था कि वे दीपावली के दिन छोटे-छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालय और वृद्धाश्रम में जाकर उनके साथ दीपावली मनाएं। नागझिरी थाने में पुलिस परिवारों के साथ और गांधीनगर में बच्चों के साथ दीपावली मनाकर मुख्यमंत्री ने खुद भी उसी भावना को निभाया जिसकी अपेक्षा उन्होंने अधिकारियों से की थी। बैठक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे थे।
कल गोवर्धन पूजा: तिलकेश्वर गौशाला में मुख्यमंत्री, गिर गाय राधा का सम्मान
मुख्यमंत्री का उज्जैन प्रवास सोमवार को भी जारी रहेगा। नौ नवंबर को वे तिलकेश्वर गौशाला में गोवर्धन पूजा करेंगे और उज्जैन ग्रामीण मंडल के ग्राम करोहन में ग्रामीणों के बीच जनसंपर्क कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बार भी मध्य प्रदेश में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी और विधानसभा क्षेत्रवार देसी नस्ल की गायों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
उज्जैन की गिर गाय राधा ने रोज 19.760 लीटर दूध देकर प्रदेश में रिकॉर्ड बनाया है और गोवर्धन पर्व पर मुख्यमंत्री उसका सम्मान करेंगे। प्रदेश में 208 वृंदावन ग्रामों में दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें राधा पहले स्थान पर रही। गोवर्धन पूजा के साथ ही मुख्यमंत्री का यह प्रवास पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के संदेश के साथ आगे बढ़ेगा।
उज्जैन में दीपावली की रौनक: महाकाल दरबार लाखों दीयों से जगमग
दीपावली पर उज्जैन का महाकाल दरबार भी लाखों दीयों से जगमगा उठा। सुबह तड़के चार बजे मंदिर के पट खुले, अभ्यंग स्नान और उबटन के बाद राजसी श्रृंगार हुआ और पांचों आरतियों में फुलझड़ियां जलीं। शाम को महाकाल दरबार दीपों की रोशनी से नहा गया। महाकाल लोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव आया है, जिसका जिक्र मुख्यमंत्री कई मौकों पर कर चुके हैं।
दीपावली की रात उज्जैन के बाजारों, मंदिरों और घरों में दीयों की कतारें और आतिशबाजी का नजारा रहा। उज्जैन में मुख्यमंत्री की दीपावली ने इस रौनक में एक और रंग जोड़ा — थाने में जवानों के साथ और डॉक्टरों के बीच मनाई गई दीपावली ने यह दिखाया कि पर्व की असली रोशनी उन लोगों तक भी पहुंचनी चाहिए जो पर्व के दिन ड्यूटी पर रहते हैं।
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