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दीपावली पर मध्यप्रदेश की हवा बिगड़ी: ग्वालियर में AQI 331, उज्जैन-मंडीदीप भी खराब श्रेणी में; रात का पारा 12.5 डिग्री

सांकेतिक चित्र: धुंध में डूबा शहर — मध्यप्रदेश AQI दीपावली पर बिगड़ा सांकेतिक चित्र

भोपाल ब्यूरो

सार: दीपावली के दिन मध्यप्रदेश AQI चिंता बढ़ाने वाला रहा — ग्वालियर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 के साथ बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया, जबकि उज्जैन और मंडीदीप की हवा भी खराब रही। दूसरी ओर रात का तापमान 12.5 डिग्री तक लुढ़क गया है और मौसम विभाग के अनुसार दीपावली के बाद ठंड और बढ़ेगी।

दीपावली का दिन मध्यप्रदेश के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आया है। एक ओर घर-आंगन दीयों की रोशनी से जगमगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई शहरों की हवा बिगड़ गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। मंडीदीप और उज्जैन की हवा भी खराब श्रेणी में रही, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और कटनी में हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में एक दिन में तीन डिग्री की गिरावट आई है और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन में धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन रातें लगातार सर्द होती जा रही हैं।

ग्वालियर की हवा प्रदेश में सबसे खराब, मध्यप्रदेश AQI 331 पार

मध्यप्रदेश AQI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि दीपावली से ठीक पहले प्रदेश की हवा में गिरावट आई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ग्वालियर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इस दौरान हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 नामक सूक्ष्म कण प्रमुख प्रदूषक रहे। ग्वालियर के बाद मंडीदीप में वायु गुणवत्ता सूचकांक 258 और उज्जैन में 230 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आते हैं। राजधानी भोपाल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 187 और इंदौर में 154 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है। जबलपुर में 126 और कटनी में 198 के साथ हवा मध्यम श्रेणी में रही।

वायु गुणवत्ता सूचकांक के पैमाने पर शून्य से 50 तक की हवा अच्छी, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर मानी जाती है। इस पैमाने पर ग्वालियर की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है, जबकि उज्जैन और मंडीदीप की हवा खराब श्रेणी में है। भोपाल और इंदौर की हवा भले ही मध्यम श्रेणी में हो, लेकिन यह भी स्वस्थ हवा नहीं मानी जाती। खासकर सुबह और शाम के समय हवा में धुंध का असर साफ देखा जा सकता है।

शनिवार शाम निगरानी केंद्रों पर क्या रहा हाल

दीपावली से एक दिन पहले शनिवार शाम तक के आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं। ग्वालियर के तीनों निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर दर्ज किया गया। दीनदयाल नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 348, महाराज बाड़ा में 334 और सिटी सेंटर में 316 रहा। तीनों ही जगह हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। भोपाल के पर्यावरण परिसर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 261 मापा गया, जो खराब श्रेणी में है और वहां पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। मंडीदीप के सेक्टर-डी औद्योगिक क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 251 रहा, जहां पीएम 10 प्रमुख प्रदूषक रहा। इंदौर के छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 233 और उज्जैन के महाश्वेता नगर में 229 दर्ज किया गया।

सांकेतिक चित्र: धुंध भरी हवा में शहर की इमारतें

इंदौर के अलग-अलग इलाकों में तस्वीर एक जैसी नहीं रही। मगोड़ा नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 और रेजिडेंसी क्षेत्र में 172 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। राहत की बात यह रही कि प्रदेश के किसी भी निगरानी केंद्र पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 को पार नहीं कर सका, यानी कहीं भी हवा गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची। पीएम 2.5 के मामले में सबसे ऊंचा स्तर ग्वालियर के दीनदयाल नगर में 348 पर मिला, जबकि पीएम 10 के मामले में ग्वालियर का महाराज बाड़ा 334 के साथ सबसे ऊपर रहा।

हवा क्यों बिगड़ी, क्या हैं प्रमुख प्रदूषक

मध्यप्रदेश AQI में गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 ही हवा के प्रमुख प्रदूषक बने हुए हैं। ये इतने सूक्ष्म कण होते हैं कि सांस के साथ शरीर के अंदर तक पहुंच जाते हैं और सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और आसमान साफ है। हवा की रफ्तार कम होने पर प्रदूषक कण हवा में ही ठहरे रहते हैं और नीचे नहीं बैठ पाते, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ जाता है।

पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दीपावली के नजदीक आते ही हवा लगातार बिगड़ती गई। पांच नवंबर को ग्वालियर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 209 के साथ खराब श्रेणी में था, भोपाल में 174 के साथ मध्यम और इंदौर में 90 के साथ संतोषजनक श्रेणी में था। शनिवार तक आते-आते ग्वालियर का आंकड़ा 331 तक पहुंच गया और भोपाल-इंदौर की हवा भी मध्यम से खराब की ओर बढ़ गई। दीपावली की रात आतिशबाजी के बाद हवा के और बिगड़ने की आशंका रहती है, इसलिए अगले एक-दो दिन वायु गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी होगा।

दिन गर्म, रात सर्द — 19 डिग्री का अंतर

मध्यप्रदेश में इस समय दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान एक दिन में तीन डिग्री गिरकर 12.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहते हुए 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री था। इस तरह दिन और रात के तापमान में करीब 19 डिग्री का अंतर रहा। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तापमान 20 डिग्री था, जो शाम साढ़े पांच बजे तक बढ़कर 29.2 डिग्री हो गया।

दिन में धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन सूरज ढलते ही ठंड का असर बढ़ जाता है। सुबह के समय कई शहरों में धुंध भी देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अगले चार दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं है। इससे दीपावली और उससे जुड़े त्योहारों पर मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

दीपावली बाद और बढ़ेगी ठंड, पारा 10 डिग्री तक जा सकता है

मौसम विभाग के अनुसार दीपावली के बाद मध्यप्रदेश में ठंड और जोर पकड़ेगी। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। इससे प्रदेश के कई शहरों में रात का पारा 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। शहडोल के कल्याणपुर और दमोह में पारा 12.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 12.6 डिग्री और उमरिया में 12.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। भोपाल और पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के अनुसार 15 नवंबर के बाद ठंड का असर और तेज होगा। नवंबर के दूसरे पखवाड़े से रातें और सर्द होने लगेंगी। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है। ग्वालियर में नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड करीब 57 साल पहले तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगता है।

सेहत का रखें ध्यान, खासकर बच्चे और बुजुर्ग

खराब हवा और बढ़ती ठंड के बीच सेहत का ध्यान रखना जरूरी हो गया है। सुबह के समय जब हवा में धुंध और प्रदूषक कण ज्यादा होते हैं, तब बाहर टहलने या व्यायाम करने से बचना चाहिए। बच्चे, बुजुर्ग और सांस की तकलीफ वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। घर के अंदर भी सुबह-शाम के समय खिड़कियां बंद रखना बेहतर रहता है, जब बाहर की हवा ज्यादा खराब होती है।

ठंड से बचाव के लिए रात में पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना और सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी सेहत के लिए अच्छा रहता है। यदि आंखों में जलन, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। दीपावली की रात पटाखों के धुएं से दूर रहना भी सेहत के लिए बेहतर है।

आगे क्या — साफ आसमान, पर हवा पर नजर

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं है और आसमान साफ रहेगा। इससे दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे त्योहारों पर मौसम का असर पड़ने की संभावना कम है। लेकिन हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि दीपावली की रात के बाद मध्यप्रदेश AQI में और बदलाव आ सकता है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, उज्जैन, देवास और सिंगरौली को गैर-प्राप्ति श्रेणी में रखा है। ये वे शहर हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर वायु गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। इसलिए इन शहरों में हवा की गुणवत्ता सुधारना एक लंबी चुनौती है। फिलहाल दीपावली के दिन प्रदेशवासियों को साफ आसमान और ठंडी रातों का मौसम मिलेगा, लेकिन हवा की सेहत पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना त्योहार की खुशियों का।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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