इंदौर। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया है कि इंदौर नगर निगम के 22 जोनल कार्यालयों में संपत्ति कर कम करने के नाम पर 50 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारियों के द्वारा इस घोटाले को दबाने और छुपाने का काम किया जा रहा है।
राजमोहल्ला जोनल कार्यालय में 2 करोड़ का घोटाला
चौकसे ने नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल को शिकायत करते हुए कहा है कि उनके द्वारा नगर निगम के राजमोहल्ला जोनल कार्यालय में संपत्ति कर की राशि कम करने के नाम पर निगम के राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा किए गए घोटाले की शिकायत की गई थी। यह शिकायत जब नगर निगम के द्वारा जांच में ली गई तो हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में शिकायत सही पाई गई है। इस अकेले जोनल कार्यालय में 2 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।
सिर्फ दो कर्मचारी निलंबित, आपराधिक प्रकरण की मांग
उन्होंने कहा कि यह घोटाला नगर निगम की जांच में साबित होने के बाद भी निगम के अधिकारियों के द्वारा इस मामले में दोषी जोनल कार्यालय के सहायक राजस्व अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। चौकसे ने आरोप लगाया कि इस मामले में मात्र दो कर्मचारियों को निलंबित करना कोई कार्रवाई नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाए और निगम के राजस्व पर डाका डालने वाले कर्मचारियों को जेल भेजा जाए।
सभी 22 जोनल कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच की मांग
चौकसे ने कहा कि बात केवल राजमोहल्ला के जोनल कार्यालय की नहीं है। जिस तरह से इस जोनल कार्यालय में घोटाला हुआ है, उसी तरह से इंदौर नगर निगम के सभी 22 जोनल कार्यालयों में खेल किया गया है। उनकी जानकारी के अनुसार इन सभी जोनल कार्यालयों में मिलाकर 50 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। उन्होंने मांग की है कि सभी जोनल कार्यालयों के पूरे रिकॉर्ड की जांच की जाए और यह चेक किया जाए कि निगम के जोनल कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा कितने बकाया संपत्ति कर के खाते को शून्य किया गया है। उन्होंने मांग की कि ऐसे हर मामले में गड़बड़ी को पकड़ने के साथ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस थाने में धोखाधड़ी और सरकारी राशि के गबन का मुकदमा दर्ज कराया जाए।
