देवास ब्यूरो
सार: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देवास जिले के खातेगांव में कर्तव्य निर्वहन के दौरान दिवंगत हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक (एसआई) पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा: एक करोड़ की सहायता और एसआई पद पर नौकरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान थाना प्रभारी का दिवंगत होना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार दिवंगत थाना प्रभारी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर उप निरीक्षक (एसआई) के पद पर नियुक्ति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक, सभी ने दिवंगत अधिकारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री की घोषणा को परिवार के प्रति सरकार की जिम्मेदारी निभाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच के लिए स्पेशल डीजी रवाना, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस निर्देश के बाद जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।
इससे पहले मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित होने की जानकारी सामने आई थी। अब स्पेशल डीजी स्तर के अधिकारी के घटनास्थल पर पहुंचने से जांच को और गति मिलने की उम्मीद है। जांच में घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी, ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके।
मुख्यमंत्री के निर्देशों में दो बातें साफ हैं — पहला, जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी, और दूसरा, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी जताया शोक
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी पूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए एक अप्रिय हादसे का शिकार होकर दिवंगत हो गए। उप मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि देने वाले संदेश सामने आ रहे हैं। लोग उनके कर्तव्यपरायणता और साहस को याद कर रहे हैं।
क्या हुआ था खातेगांव में
देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी रोकने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आकर मौत हो गई थी। वह पुलिस टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना की विस्तृत खबर पहले प्रकाशित हो चुकी है।
घटना के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक अमला जांच में जुटा हुआ है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
कौन थे दिलीप पुरी
दिलीप पुरी धार जिले के रहने वाले थे। उन्होंने वर्ष 2007 में उप निरीक्षक के तौर पर पुलिस सेवा में प्रवेश किया था। लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी की पहचान बनाई थी। सहयोगी अधिकारी और जवान उन्हें एक कर्तव्यपरायण अधिकारी के रूप में याद करते हैं।
उनके परिवार में पत्नी के अलावा बेटा और बेटी हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। सरकार की ओर से घोषित सहायता और अनुकंपा नियुक्ति से परिवार को कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है।
पुलिस महकमे और गृह क्षेत्र में शोक
दिलीप पुरी के निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर है। उनके गृह क्षेत्र में भी लोगों ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। कर्तव्य के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारी को लेकर आम लोगों में भी संवेदना का भाव है।
पुलिस सेवा में इस तरह की घटनाएं पूरे महकमे को झकझोर देती हैं। साथी अधिकारियों का कहना है कि मैदान में तैनात हर अधिकारी की सुरक्षा और उनके परिवार की देखभाल सरकार और विभाग की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री की घोषणा को इसी जिम्मेदारी की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्ती का संदेश
इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देशों से यह संदेश गया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कर्तव्य निर्वहन के दौरान अधिकारी की मौत के बाद सरकार ने जांच और कार्रवाई, दोनों मोर्चों पर सख्त रुख अपनाया है।
अवैध शराब की तस्करी लंबे समय से प्रदेश के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस की ओर से समय-समय पर इस पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन तस्करों की ओर से हिंसक प्रतिरोध की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। खातेगांव की घटना ने इस चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।
आगे क्या होगा
घोषणा के अनुसार अब परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। साथ ही दिवंगत थाना प्रभारी की पत्नी को उप निरीक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू होगी। सरकार की ओर से निर्देश दिए जा चुके हैं, इसलिए इन प्रक्रियाओं के जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ेगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
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