उज्जैन ब्यूरो।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन के पुराने शहर की तस्वीर बदलने जा रही है। प्रशासन ने खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इस मार्ग पर पड़ने वाले 272 भवनों को चिह्नित किया जा चुका है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। खास बात यह है कि इस सड़क के दायरे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी घर भी आ रहा है।

क्यों जरूरी है यह सड़क
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पुराने शहर की संकरी गलियां और सड़कें भीड़ के दबाव में जाम हो जाती हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद से शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि सिंहस्थ से पहले प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके और आपात स्थिति में राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
कितना खर्च, क्या है योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर करीब 9.80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक का यह मार्ग पुराने शहर का अहम हिस्सा है। सड़क को मौजूदा चौड़ाई से बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा। इसके लिए मार्ग के दोनों ओर पड़ने वाले भवनों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। कुल 272 भवन ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो प्रस्तावित चौड़ाई के दायरे में आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री का पुश्तैनी घर भी जद में
इस योजना की सबसे चर्चित बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी घर भी इस सड़क के प्रस्तावित दायरे में आ रहा है। मुख्यमंत्री का उज्जैन से गहरा नाता है और उनका परिवार वर्षों से इसी क्षेत्र में रहता आया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नियम सभी के लिए एक समान लागू होंगे। किसी भी भवन को विशेष छूट देने का प्रावधान नहीं रखा गया है। यही वजह है कि इस खबर ने शहर में खासी चर्चा बटोरी है।
स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया
सड़क चौड़ीकरण की खबर के बाद स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक वर्ग का मानना है कि सिंहस्थ जैसे महाआयोजन से पहले शहर का विकास जरूरी है और चौड़ी सड़कें श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी सुविधाजनक होंगी। वहीं कुछ लोगों को अपने भवन और दुकानों के प्रभावित होने की चिंता सता रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
सिंहस्थ की तैयारियां जोरों पर
सिंहस्थ-2028 को लेकर प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। महाकाल मंदिर परिसर के विस्तार, घाटों के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था के साथ-साथ पुराने शहर के बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खजूरवाली मस्जिद-गणेश चौक मार्ग का चौड़ीकरण इसी कड़ी का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा, ताकि सिंहस्थ से पहले शहर पूरी तरह तैयार दिखे।
आगे क्या
प्रशासन ने चिह्नांकन का काम पूरा कर लिया है। अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने वाली है। इसके बाद सड़क निर्माण का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर होने वाले इस बदलाव को प्रशासन कितनी सुचारूता से अंजाम देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की यह पहली बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है।
