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इंदौर में कल सुबह 19 टंकियों से जलप्रदाय प्रभावित रहेगा: नर्मदा प्रथम-द्वितीय चरण के पंप बंद, 7 जगह मरम्मत कार्य

पेयजल टंकी (सांकेतिक चित्र) पेयजल टंकी (सांकेतिक चित्र)

इंदौर ब्यूरो।

इंदौर शहर के कई इलाकों में 27 अक्टूबर को प्रातःकालीन जलप्रदाय प्रभावित रहेगा। नगर पालिक निगम इंदौर के जलप्रदाय विभाग ने जानकारी दी है कि नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी पंप 26 अक्टूबर को प्रातः 10:20 बजे बंद किए गए हैं। विभिन्न पाइपलाइनों के इंटरकनेक्शन, लीकेज सुधार एवं आवश्यक संधारण कार्यों के लिए यह शटडाउन लिया गया है। इन्हीं कार्यों के कारण 27 अक्टूबर की सुबह कई टंकियों से जुड़े क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की गई है कि वे आवश्यकतानुसार जल का उपयोग मितव्ययिता से करें।

क्यों बंद किए गए पंप

नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण के पंपों को एक साथ बंद करने का कारण पाइपलाइन नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों में एक साथ चल रहे जरूरी कार्य हैं। इंटरकनेक्शन का मतलब है दो पाइपलाइनों को आपस में जोड़ना, ताकि पानी का प्रवाह बेहतर हो सके। लीकेज सुधार से पानी की बर्बादी रुकती है और पाइपलाइन की क्षमता बनी रहती है। संधारण कार्य समय-समय पर इसलिए किए जाते हैं, ताकि आगे चलकर कोई बड़ा ब्रेकडाउन या लंबे समय तक पानी की कटौती न हो। इन्हीं कारणों से निगम ने 26 अक्टूबर की सुबह पंप बंद कर सभी कार्य एक ही शटडाउन में पूरे करने का निर्णय लिया।

शटडाउन के दौरान हो रहे 7 कार्य

शटडाउन के दौरान कुल सात स्थानों पर कार्य किए जा रहे हैं। पहला कार्य केसरबाग रेलवे क्रॉसिंग के पास 1100 मिमी व्यास की पाइपलाइन का इंटरकनेक्शन है। दूसरा कार्य एमसीटीई, महू में पाइपलाइन लीकेज सुधार का है। तीसरा कार्य पोस्ट ऑफिस, महू रोड पुलिया के अंदर 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन में लीकेज सुधार का है। चौथा कार्य बीजलपुर कंट्रोल रूम पर 900 मिमी व्यास की पाइपलाइन में आवश्यक सुधार का है। पांचवां कार्य अन्नपूर्णा क्षेत्र में 400 मिमी व्यास की पाइपलाइन में आवश्यक सुधार का है। छठा कार्य डाइट के पास 600 मिमी व्यास की एमएस पाइपलाइन में लीकेज सुधार एवं आवश्यक संधारण का है। सातवां कार्य बीएफ-3 पाइपलाइन में लीकेज सुधार का है। उक्त कार्यों को पूर्ण करने में अनुमानित 11 से 12 घंटे का समय लगने की संभावना बताई गई है।

27 अक्टूबर की सुबह प्रभावित रहने वाली 19 टंकियां

नर्मदा प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी पंप बंद रहने के कारण 27 अक्टूबर को निम्नलिखित टंकियों से संबंधित क्षेत्रों में प्रातःकालीन जलप्रदाय प्रभावित रहेगा। पहली टंकी अन्नपूर्णा है। दूसरी स्कीम नंबर 103, तीसरी छत्रीबाग, चौथी राजमोहल्ला, पांचवीं द्रविड़ नगर, छठी लोकमान्य नगर, सातवीं महाराणा, आठवीं नरवल, नौवीं अगरबत्ती, दसवीं कुशवाह मोहल्ला, ग्यारहवीं बाणगंगा, बारहवीं सुभाष चौक, तेरहवीं सदर बाजार, चौदहवीं जिंसी हाट, पंद्रहवीं मल्हार आश्रम, सोलहवीं गांधी हॉल, सत्रहवीं भक्त प्रहलाद नगर, अठारहवीं एमओजी लाइन और उन्नीसवीं जय हिंद नगर है। इन टंकियों से जुड़े सभी क्षेत्रों के निवासियों को सुबह पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

नागरिकों के लिए अपील और टैंकर व्यवस्था

जलप्रदाय विभाग ने उक्त संधारण कार्य के कारण जलप्रदाय प्रभावित हुए क्षेत्र के नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आवश्यकतानुसार जल का उपयोग मितव्ययिता से करें। इसका सीधा मतलब है कि सुबह के समय पानी को संभालकर और केवल जरूरी कामों के लिए इस्तेमाल करें, ताकि संग्रहित पानी दिन भर काम आ सके। साथ ही यह भी बताया गया है कि जलप्रदाय प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। यानी जहां जरूरत होगी, वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे रात में ही पर्याप्त पानी भरकर रख लें, ताकि सुबह की दिनचर्या में परेशानी न हो।

नर्मदा योजना और इंदौर की जलापूर्ति

इंदौर शहर की पेयजल आपूर्ति में नर्मदा योजना की अहम भूमिका है। नर्मदा नदी से पानी लाकर शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाता है, और प्रथम एवं द्वितीय चरण के पंप इसी व्यवस्था की रीढ़ हैं। जब इन पंपों को रखरखाव के लिए बंद किया जाता है, तो उससे जुड़ी टंकियों तक पानी पहुंचना रुक जाता है। यही वजह है कि एक दिन के शटडाउन का असर अगले दिन की सुबह की आपूर्ति पर भी दिखता है, क्योंकि टंकियों को दोबारा भरने और पानी को घर-घर तक पहुंचाने में समय लगता है। निगम समय-समय पर इस तरह के शटडाउन लेकर पाइपलाइनों की मरम्मत करता है, ताकि लीकेज से होने वाली बर्बादी कम हो और आपूर्ति व्यवस्था लंबे समय तक ठीक बनी रहे। नागरिकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे इस सूचना को गंभीरता से लें और रात में ही पर्याप्त पानी का भंडारण कर लें।

आगे क्या होगा

कार्य पूरे होने के बाद पंप दोबारा चालू किए जाएंगे और टंकियों में पानी भरने का काम शुरू होगा। टंकियों के भरने और वितरण व्यवस्था के सामान्य होने में कुछ समय लगता है, इसलिए 27 अक्टूबर की सुबह की आपूर्ति प्रभावित रहने की जानकारी पहले से दी गई है। नागरिकों को सलाह है कि वे निगम की सूचना पर ध्यान रखें और सुबह पानी संभालकर इस्तेमाल करें। यह शटडाउन मरम्मत और सुधार के लिए लिया गया है, जिससे आगे पानी की आपूर्ति और बेहतर हो सके।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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